नीरज चोपड़ा (जेवलिन) जीवन परिचय। (Neeraj Chopra (Javelin) Biography)

Neeraj Chopra (Javelin) Biography

नीरज चोपड़ा आखीर कोन है तो आज के इस आर्टिकल में हम भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले (Javelin Throw Competition) और टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) के बारे में बात करेंगे। ओलंपिक के अलावा नीरज चोपड़ा विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलेटिक्स भी है। इसके अलावा नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में भी भारत को स्वर्ण पदक जीता चुके है।

तो दोस्तो आज हम नीरज चोपड़ा कोन है। उनका कर्रियर कहा  से सुरू हुआ। और उनके परिवार के बारे मे भी जानेगे। नीरज चोपड़ा की कामयाबी कई मायनों में खास है। अगर उनके सफर को देखें तो उनके इरादे शुरू से ही साफ थे कि उन्हें क्या करना है। 2021 में उन्होंने वो कामयाबी हासिल की जो हमेशा याद रखा जाएगा।

नीरज चोपड़ा कौन है? (Who Is Neeraj Chopra)

नीरज चोपड़ा सर भारत के तरफ से ओलंपिक में एथिलिट्स के रूप में जैवलिन थ्रो एक खिलाड़ी है। नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में मेडल जीता है। नीरज चोपड़ा ने अपने करियर में बहुत से छोटे मोटे उतार-चढ़ाव देखे हैं। नीरज चोपड़ा ने वर्ष 2016 में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। और भारत की तरफ से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले यह पहले भारतीय एथलीट्स बने।

नीरज चोपड़ा सर ने अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता था। और राष्ट्रमंडल एवं एशियाड दोनों स्वर्ण पदक जीतने वाले दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। हालांकि नीरज चोपड़ा ने इतने बड़े बड़े टूर्नामेंट में खुद को सर्वोच्च साबित किया। परंतु यह ज्यादा चर्चा में नहीं आए थे, इनके चर्चा में आने का विषय टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतना है। तो नीरज सर ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा को एक अनोखी पहचान प्राप्त हो गई।

नीरज चोपड़ा का प्रारम्भिक जीवन परिचय (Neeraj Chopra (Javelin) Biography)

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा, भारत में हुआ था। उनके पिता सतीश कुमार एक किसान हैं। और उनकी मां सरोज देवी एक गृहिणी हैं। 13 साल के लड़के के रूप में वह मोटे थे। और उनके परिवार ने उन्हें पानीपत के एक जिम में दाखिला दिलाया। वह वजन कम करने के लिए दौड़ता था। लेकिन हिट का आनंद नहीं लेता था। पेशेवर भाला फेंकने वाले बिंझोल के जयवीर को देखने के बाद उन्हें भाला में दिलचस्पी हो गई। उन्होंने जयवीर के साथ प्रशिक्षण शुरू किया। बाद में जब वे 14 साल के थे, तब वे पंचकुला में एक स्पोर्ट्स नर्सरी में शिफ्ट हो गए। और राष्ट्रीय स्तर के एथलीटों के साथ प्रशिक्षण लिया. 2012 में, उन्होंने लखनऊ में अपना पहला जूनियर राष्ट्रीय स्वर्ण जीता।

नामनीरज चोपड़ा
जन्म24 December 1997
जन्म स्थानपानीपत हरियाणा
उम्र23 साल
मातासरोज देवी
पितासतीश कुमार
पेशाजैवलिन थ्रो
नेटवर्थलगभग 5 मिलियन डॉलर
शिक्षास्नातक
कोचउवे होन
संपूर्ण विश्व में रैंकिंग4

 

नीरज चोपड़ा का एडुकेशन और परिवार (Neeraj Chopra Education And Family)

नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई के लिए सिर्फ नौवीं कक्षा तक स्कूल गए। उसके बाद जैवलिन थ्रो के अभ्यास के लिए देश विदेश के दौरे पर जाना पड़ता था। जिसकी वजह से उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई ओपन शिक्षा के माध्यम से जारी रखी और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से BA की डिग्री हासिल की।

नीरज चोपड़ा (क्षत्रिय) समुदाय से आते हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है। उन्होंने साल 2011 में कॉलेज में प्रवेश लिया। वह पढ़ाई में भी टाॅपर रहे। उनके पिता ने उनके अच्छे भविष्य के लिए उनको चाचा के साथ पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ भेज दिया। इसके बाद उनके चाचा एक दिन उनको पंचकुला में एथलेटिक्स कोच नसीन अहमद के पास लेकर गए और उनसे कहा कि वह नीरज को दौड़ा करें, क्योंकि वह खाकर मोटा रहे हैं। इसके बाद नीरज स्टेडियम में जाने लगे। उन्होंने हॉस्टल में रहकर साल 2016 तक जैवलिन थ्रो की ट्रेनिंग ली। साल 2016 में नीरज ने आईएएएफ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता जिसके बाद उनके शानदार प्रद्रशन की वजह से उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया।

नीरज चोपड़ा अपने पांच भाई बहनो में सबसे बड़े है। और इनकी दो बहने भी है। भाला फेंक  एथलीट नीरज चोपड़ा के पिता खंडरा गांव में किसान है और खेतीबाड़ी करके अपना घर चलाते है और इनकी माँ सरोज देवी एक ग्रहणी है।  एक इंटरव्यू के दौरान, नीरज के पिता ने बताया कि नीरज एक शरारती बच्चा था।

पिता का नाम (Father’s Name)सतीश कुमार चोपड़ा
माता का नाम (Mother’s Name)सरोज देवी
बहन का नाम (Sister’s Name )संगीता और सरिता

नीरज चोपड़ा व्यक्तिगत जीवन (Neeraj Chopra Personal Life)

नीरज चोपड़ा सर की राशि मकर है। नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कुल संपत्ति 2 मिलियन डॉलर आंकी गई है। वह AMSTRAD नाम के एक घरेलू उपकरण ब्रांड का समर्थन करते हैं।

ऊँचाई (Height)177 cm
वजन (Weight)65 किग्रा
आँखों का रंग ( Eye Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)काला
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)अविवाहित
गर्लफ्रेंड (Girl Friends)ज्ञात नहीं
विवाद (Controversies)नहीं
Salary (approx)ज्ञात नहीं
Net Worth$2 M

 

नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड (Neeraj Chopra Record)

नीरज चोपड़ा सर ने साल 2012 में लखनऊ में अंडर 16 नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इस टूर्नामेंट में नीरज 68.46 मीटर भाला फेंककर रिकॉर्ड बनाया था। साल 2013 में नीरज ने नेशनल यूथ चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया और यूक्रेन में आयोजित आईएएएफ वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में जगह बनाई। इस प्रतियोगिता का आयोजन साल 2015 में किया गया जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर ने साल 2016 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया और 86.48 मीटर भाला फेंक गोल्ड मेडल जीता। इसी साल नीरज चोपड़ा ने दक्षिण एशियाई खेलों में 82.23 मीटर की थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल हासिल किया। साल 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेल में नीरज ने स्वर्ण पद जीता। उन्होंने 86.47 मीटर भाला फेंका था। इसी साल नीरज सर ने जकार्ता एशियन गेम में गोल्ड मेडल जीता।

  • नीरज चोपड़ा सर ने साल 2016 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंक कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया था और गोल्ड मेडल हासिल किया था।
  • नीरज चोपड़ा सर ने साल 2016 में नीरज चोपड़ा ने दक्षिण एशियाई खेलों में पहले राउंड में ही 82.23 मीटर की थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल को प्राप्त किया।
  • नीरज चोपड़ा सर ने साल 2018 में गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ खेल में नीरज चोपड़ा ने 86.47 मीटर भाला फेंक कर एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
  • नीरज चोपड़ा सर ने साल 2018 में ही नीरज चोपड़ा ने जकार्ता एशियन गेम में 88.06 मीटर भाला फेका और गोल्ड मेडल जीतकर इंडिया का नाम रोशन किया।
  • नीरज चोपड़ा सर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले पहले इंडियन जैवलिन थ्रोअर हैं।इसके अलावा एक ही साल में एशियन गेम और कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले नीरज चोपड़ा दूसरे खिलाड़ी हैं। इसके पहले साल 1958 में मिल्खा सिंह द्वारा यह रिकॉर्ड बनाया गया था।

नीरज चोपड़ा को मिले इनाम (Neeraj Chopra Reward)

  1. ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा पर इनामों की बारिश सी हो गई।
  2. हरियाणा सरकार ने नीरज चोपड़ा को 6 करोड़ रुपए, क्लास-वन जॉब, रियायती प्लाट देने की घोषणा की।
  3. रेलवे ने नीरज चोपड़ा को 3 करोड़ रुपए इनाम देने की बात कही है।
  4. पंजाब सरकार ने नीरज चोपड़ा को 2 करोड़ रुपए इनाम देने की घोषणा की थी।
  5. मणिपुर सरकार ने नीरज चोपड़ा को 1 करोड़ रुपए इनाम देने की घोषणा की थी।
  6. BCCI ने नीरज चोपड़ा को 1 करोड़ रुपए इनाम देने की घोषणा की थी।
  7. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने नीरज चोपड़ा को 75 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की थी।
सालमैडल व पुरस्कार
2012नीरज सर को राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप गोल्ड मेडल
2013नीरज सर कोराष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप रजत पदक
2016नीरज सर को तीसरा विश्व जूनियर अवार्ड
2016नीरज सर को एशियाई जूनियर चैंपियनशिप रजत पदक
2017नीरज सर को एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप गोल्ड मेडल
2018नीरज सर को एशियाई खेल चैंपियनशिप स्वर्ण गौरव
2018नीरज सर को अर्जुन पुरस्कार
2021नीरज सर को स्वर्ण पदक मिला

 

नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलंपिक में (Tokyo Olympic 2021)

साल 2021 में जापान के टोक्यो शहर में आयोजित हो रहे। ओलम्पिक में हिस्सा लेकर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके है। और ओलम्पिक में पदक के मजबूत दावेदार माने जा रहे है।

नीरज ने 86.65 मीटर दूरी तक भाला फेक कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की है। और इसके साथ साथ जेवलिन थ्रो के खेल में फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय होने का रिकॉर्ड भी बनाया है।

नीरज सर का आगला मैच जो की फाइनल मैच है। 7 अगस्त को 4:30 बजे था। नीरज ने फाइनल मैच में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर भारतीयों का टोक्यो ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना पूरा कर दिया। नीरज ने फाइनल मैच में 87.58 मीटर का दूसरा थ्रो करके स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

नीरज चोपड़ा से जुड़े रोचक तथ्य (Interesting Facts About Neeraj Chopra)

  • नीरज चोपड़ा ने 2016 के साउथ एशियाई गेम्स में भाले को 82.23 मीटर दूर फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था. उस जीत के साथ भाले को सबसे दूर फेंकने का भारतीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
  • भाला फ़ेंक में भारतीय रिकॉर्ड आज भी नीरज के नाम ही है। नीरज ने दोहा डायमंड लीग में भाले को 87.43 मीटर दूर फेंका था।
  • नीरज ने एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप 2017 में भी गोल्ड मैडल जीता था। नीरज चोपड़ा ने इस साल का विश्व का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा, नीरज ने 86.47 मीटर दूर भाला फेंका।
  • चोपड़ा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पहले भाला फेंक स्वर्ण पदक विजेता बने।
  • नीरज का पहला एथलीट जान ज़ेलेज़नी है, जो एक सेवानिवृत्त चेक ट्रैक और फील्ड एथलीट है।
  • उनके पसंदीदा राजनेता नरेंद्र मोदी हैं।

नीरज सर सोशल मीडिया की जानकारी (Social Media Information)

♦ नीरज चोपड़ा का विडियो

नीरज चोपड़ा से जुड़े हिन्दी कुओट्स विचार (Hindi Quotes Related To Neeraj Chopra)

जब सफलता की ख्वाहिश आपको सोने ना दे
जब मेहनत के अलावा और कुछ अच्छा ना लगे
जब लगातार काम कारने के बाद थकावट ना हो
समझ लेना सफलता का नया इतिहास रचने वाला है।।
-नीरज चोपड़ा

हार का दर्द कहाँ तक पाला जाए, जीत कहाँ तक टाला जाए।
मैं भी हूँ राणा का वंशज, फेकूँगा भाला जाकर गोल्ड लाए।।

– नीरज चोपड़ा

यूँ ही गोल्ड नहीं आते साहब सूरज से पहले उठकर
सूरज को जगाना पड़ता है।
सर्दी, बरसात और गर्मी में, खुद को जलाना पड़ता है।।

– नीरज चोपड़ा

नीरज सर से जुड़े कुछ FAQ

Q. नीरज चोपड़ा कौन है?

नीरज चोपड़ा सर भारतीय एथलीट भाला फेंक खिलाड़ी है।

Q. नीरज चोपड़ा की उम्र कितनी है?

नीरज चोपड़ा सर की आयु 23 साल है।

Q. नीरज चोपड़ा के कोच कौन है?

नीरज चोपड़ा सर के मुख्य कोच का नाम उवे होन है। जो की जर्मनी के पूर्व पेशेवर जैवलिन एथलीट है।

Q. नीरज चोपड़ा का गावं कौन सा है?

नीरज चोपड़ा सर का प्रोपर गाव का नाम पानीपत जिले का खंडरा गांव है।

Q. नीरज चोपड़ा की जाति क्या है?

नीरज चोपड़ा सिर एक हिन्दू रोर मराठा है।

Q. नीरज चोपड़ा का जन्म कब हुआ?

नीरज चोपड़ा सर का जन्म 24 दिसंबर,1997 मे हुआ था।

Q. नीरज चोपड़ा के पिता का नाम क्या है?

नीरज चोपड़ा सर के पिता का नाम सतीश कुमार है।

Q. नीरज चोपड़ा की सैलरी कितनी है?

नीरज चोपड़ा सर की सेलेरी 1 से 5 मिलियन डॉलर के आसपास है।

Q. नीरज चोपड़ा का ओलिंपिक 2021 का बेस्ट थ्रो कितना है?

नीरज चोपड़ा सर का ओलंपिक बेस्ट थ्रो 87.58 मीटर है।

तो दोस्तों यह थी नीरज चोपड़ा (जेवलिन) जीवन परिचय। की पूरी जानकारी आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।