गुंजन सक्‍सेना द कारगिल गर्ल कौन है? (Who is Gunjan Saxena the Kargil Girl)

गुंजन सक्_सेना द कारगिल गर्ल कौन है

गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल :  आईएएफ की महिला पायलट गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) पर एक फिल्म बन रही है जिसका नाम है गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल। शरण शर्मा द्वारा निर्देशित और करण जौहर द्वारा निर्मित धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित आगामी भारतीय हिंदी भाषा की कॉमेडी फिल्म है। फिल्म में जान्हवी कपूर, पंकज त्रिपाठी और अंगद बेदी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म गुंजन सक्सेना के जीवन पर आधारित है, जो एक भारतीय वायु सेना पायलट हैं। जिन्‍होंने 1999 में कारगिल वार में बहुत ही बहादुरी से भारतीय सेना की मदद की थी और घायल जवानों को रेस्‍क्‍यू किया था।
गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल – अब ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज़ होगी, देश भर में महामारी के कारण बढ़ते लॉकडाउन के बाद फिल्ममेकर करण जोहर ने ये ऐलान किया है के फिल्म, गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल का नेटफ्लिक्स पर 12 अगस्त 2020 को वर्ल्ड डिजिटल प्रीमियर होगा।

गुंजन सक्सेना कौन है? (Who Is Gunjan Saxena)

गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) एक आईएएफ की महिला पायलट है। गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल फिल्म में गुंजन का किरदार जान्हवी कपूर निभा रही हैं, जबकि उनके पिता की भूमिका में पंकज त्रिपाठी हैं। अब सवाल उठता है कि गुंजन सक्सेना कौन हैं (Who is Gunjan Saxena) और उन पर फिल्म बनने की वजह क्या है? गुंजन सक्सेना भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुकी हैं। 44 साल की गुंजन अब रिटायर हो चुकी हैं। उन्हें कारगिल गर्ल के नाम से जाना जाता है। गुंजन को उनकी वीरता, साहस और देशप्रेम के लिए शौर्य पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। गुंजन वो महिला है जिन्होंने डंके की चोट पर साबित किया कि महिलाएं न सिर्फ पायलट बन सकती है बल्कि जंग के मौदान में अपना लोहा मनवा सकती है।

परिचय बिंदुपरिचय
पूरा नामगुंजन सक्सेना
अन्य नाम कारगिल गर्ल
निक नामकारगिल गर्ल
पेशाभारतीय विमान पायलट
शैलीविमान उड़ाना
जन्म DOB4 जून 1975
जन्म स्थान भारत
राष्ट्रीयताभारतीय
गृहनगर
जाति (Caste)हिंदू
खाने में पसंद (Food Habit)पोहा
पसंद (Hobbies)जहाज उड़ाना
शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification) ग्रेजुएट
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)मैरिड
बेटी (Daughter)प्रज्ञा
प्रेरणा स्त्रोत (Role Model)पिता और भाई

कारगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने युद्ध क्षेत्र में निडर होकर चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया। इस दौरान वह द्रास और बटालिक की ऊंची पहाड़ियों से उठाकर वापस सुरक्षित स्थान पर लेकर आईं। पाकिस्तानी सैनिक लगातार रॉकेट लॉन्चर और गोलियों से हमला कर रहे थे। गुंजन के एयरक्राफ्ट पर मिसाइल भी दागी गई लेकिन निशाना चूक गया और गुंजन बाल-बाल बचीं। बिना किसी हथियार के गुंजन ने पाकिस्तानी सैनिकों का मुकाबला किया और कई जवानों को वहां से सुरक्षित निकाला। बता दें कि जब गुंजन हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही थी तब उन्होंने दिल्ली का सफदरगंज फ्लाइंग क्लब ज्वाइन कर लिया था। उस समय उनके पिता और भाई दोनों ही भारतीय सेना में कार्यरत थे।

इसी दौरान उन्‍हें पता चला कि IAF में पहली बार महिला पायलटों की भर्ती की जा रही है। फिर उन्होंने SSB परीक्षा पास की और भारयीय वायुसेना में बतौर पायलट शामिल हो गईं। उस वक्‍त सुरक्षा बलों में पुरुष अधिकारियों का वर्चस्व था और भारतीय वायुसेना में महिला अधिकारियों को पुरुषों के बराबर उड़ान भरने का मौका नहीं दिया जाता था। बेशक उस समय महिला अधिकारियों को लड़ाकू जेट उड़ाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन उनके बैच की महिलाओं ने भारतीय वायुसेना में पहली बार विमान उड़ाकर इतिहास तो रच ही दिया था। हालांकि उस वक्‍त भारतीय वायुसेना में महिला पायलटों के लिए आरक्षण था।

लेकिन तब यह साफ नहीं था कि वे उड़ान भरने के लिए मानसिक और शारीरिक तनाव और युद्धों का सामना कैसे करेंगी? इन युवतियों को अपनी क्षमता साबित करने के लिए एक मौका चाहिए था, जो उन्हें 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान मिला। युद्ध के दौरान जब भारतीय सेना को पायलट की जरूरत पड़ी, तब गुंजन और श्री विद्या को युद्ध क्षेत्र में भेजा गया. उन्होंने अपने मिशन को पूरा करने के लिए कई बार लाइन ऑफ कंट्रोल के बिल्कुल नजदीक से भी उड़ान भरी जिससे पाकिस्तानी सैनिकों की पोजिशन का पता लगाया जा सके।

गुंजन सक्सेना का आरंभिक जीवन (Early Life of Gunjan Saxena)

सन 1975 में आर्मी परिवार में पैदा हुई गुंजन सक्सेना का बचपन से आर्मी के प्रति बहुत लगाव था। अपने होम टाउन में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में दाखिला लिया और साथ ही सफदरजंग फ्लाइंग क्लब के साथ जुड़ गई। बचपन से ही उनका सपना वायु सेना के साथ जोड़ना था जिसके लिए उन्होंने सफदरजंग फ्लाइंग क्लब में रहकर आधारभूत बातें सीखने आरंभ कर दी थी। सशस्त्र सीमा बल की पढ़ाई सफलतापूर्वक उन्होंने उत्तरण कर ली उसके बाद एक पायलट के रूप में उन्होंने वायु सेना की ओर रुख किया।

गुंजन सक्सेना का परिवार (Gunjan Saxena’s Family)

उनके परिवार का और उनका सदैव ही भारतीय सेना से जुड़ाव रहा है उनके पिता और उनके भाई दोनों ही भारतीय सेना के जवान रह चुके हैं। उनके जन्म स्थल के बारे में तो ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है यदि बात करो उनके वैवाहिक जीवन की तो उन्होंने एक पायलट के साथ शादी की और आज वह अपनी गृहस्थी को संभाल रही हैं जिसमें उनके पास एक बेटा और एक बेटी भी है।

गुंजन सक्सेना का करियर (Gunjan Saxena Career)
  • उस समय सन 1994 के दौरान 25 महिलाएं ऐसी थी जिन्हें वायु सेना में एक प्रशिक्षित पायलट के रूप में चुना गया था। गुंजन सक्सेना पायलट के रूप में उधमपुर जम्मू और कश्मीर की ओर तैनात थी।
  • देश के प्रति समर्पण की भावना ने उन्हें देश के प्रति कुछ करने की प्रेरणा हमेशा ही दी थी इसलिए वह एक ऐसे अवसर की प्रतीक्षा कर रही थी जहां उन्हें देश के लिए कुछ करने का मौका मिले।
  • उनको वह मौका सन 1999 में मिला जब भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध आरंभ हुआ। उस समय उन्हें देश के लिए कुछ करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ था।
  • कारगिल युद्ध के दौरान वे अकेली नहीं थी उनके साथ श्रीविद्या राजन नामक भारतीय सैनिक भी मौजूद थे, जिन्होंने इस अभियान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
  • इस ऑपरेशन के दौरान गुंजन ने घायल भारतीय सैनिकों के लिए भोजन आपूर्ति और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई।
  • एक महिला के लिए इतनी फुर्ती और किसी भी चीज को लेकर चीते जैसी चाल दिखाना नामुमकिन होता है लेकिन उन्होंने उस नामुमकिन काम को भी मुमकिन कर दिखाया था।
  • इन सब के अलावा भी वह पाकिस्तान की हर स्थिति पर संपूर्ण निगरानी रखा करती थी और अकेले ही वह चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया करती थी।
  • भारतीय सैनिकों की सुरक्षा और उनकी प्राथमिक चिकित्सा उनका महत्वपूर्ण कर्तव्य था जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
  • उन्हें पाक पर नजर रखने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी जिसके लिए उन्हें पाकिस्तान के बॉर्डर के पास ही अपना एरोप्लेन उठाना पड़ता था।
  • उस उस दौरान एक बार पाक सैनिकों की सतर्कता और उनकी चला कि की वजह से गुंजन पर मिसाइल विमान से उन पर प्रहार किया गया और उसमें साहिल विमान से वह बच गई और पीछे पहाड़ी पर जाकर वह विस्फोट हो गया।
  • उन्होंने इस हमले के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी उड़ान को सदैव जारी रखा। उनकी इस हिम्मत और जज्बे को भारतीय सैनिक बेहद गर्व से सम्मान करते हुए उन की शौर्य गाथा गाते हैं और उन्हें उनकी इस वीरता के लिए उन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।
  • भारत के इतिहास में वह पहली भारतीय पायलट महिला हैं जिन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है।
  • यही नहीं उनके कारनामों की वजह से गुंजन को कारगिल गर्ल के नाम से भी जाना जाता है।
  • एक शार्ट सर्विस कमीशन अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल सिर्फ 7 वर्ष का ही था जिसके बाद उनका कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्होंने अपने इस पद से सम्मान सहित विदा ली।
  • उसके कुछ समय पश्चात उन्होंने वायु सेना के mi-17 हेलीकॉप्टर पायलट के साथ शादी कर ली।
  • कारगिल के युद्ध के दौरान घायल हुए सभी सैनिकों को चिकित्सा प्रदान करना और उन्हें सही सलामत कैंप तक पहुंचाना गुंजन सक्सेना की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी जो उन्होंने बखूबी निभाई थी।
  • उनके जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म जल्द ही बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर आने वाली है। इस फिल्म को करण जौहर के निर्देशन में बनाया जाएगा और ऐसा बताया जा रहा है कि जानवी कपूर गुंजन सक्सेना के किरदार में नजर आएंगी।
गुंजन सक्सेना के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts About Gunjan Saxena)
  • कुछ नया करना और किसी नए काम की खोज करना उनका बचपन से ही शौक रहा है जिसके चलते उन्होंने भारतीय सेना के साथ जोड़ना है उचित समझा।
  • अपनी भारत भूमि के प्रति वे हमेशा से ही समर्पण भाव रखते हुए वीरता और साहस दिखाती आई हैं जिसके चलते उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।
  • उनके जीवन पर उनकी बायोपिक फिल्म बनाई जा रही है जो साल 2019 में ही बड़े पर्दे पर आपको देखने को मिल जाएगी।
  • वर्तमान में गुंजन सक्सेना की उम्र 46 वर्ष है उनकी बच्ची का नाम प्रज्ञा है जिसमें साल 2004 में गुजरात के जामनगर में जन्म लिया।
  • फिलहाल वह अपना साधारण जीवन जीती हैं और गुजरात के जामनगर में ही रहती हैं।
  • पलट के रूप में एक बेहतरीन जीवन बिताते हुए साल 2004 में उनका पायलट का सफर खत्म हो गया और अब वे एक साधारण और सफल ग्रहणी बन चुकी हैं।