VPN क्या है? इसके फायदे नुकसान क्या है? (What Is Vpn? What Are Its Advantages and Disadvantages)

VPN क्या है इसके फायदे नुकसान क्या है

दोस्तो लोग इन्टरनेट पर लोग अपनी प्राइवसी और सेक्युर्टी को लेकर अक्सर चिंतिंत रहते हैं। और इससे निपटने के लिए आजकल VPN सर्विस का बहुत ज्यादा उपयोग हो रहा है। लेकिन इसके बारे में ज्यादातर लोगों को ठीक से पता नही है। इसलिए आज हम इस आर्टिकल में VPN क्या है। और इसके क्या फायदे और क्या नुकसान के बारे में बात करेंगे।

VPN का आविष्कार वैसे तो 1996 में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों ने किया था। लेकिन यह इतना ज्यादा प्रचलित हुआ की बाकी कंपनियां भी इसे लागू करने लगीं और इससे सभी को फायदा भी हुआ।

दोस्तो आज के टाइम की बात करें तो 2020 में जब कोरोना की वजह से घर से काम (work from home) का ट्रेंड शुरू हुआ तो उसके बाद से VPN की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। क्योंकि कंपनी और कर्मचारियों दोनों चाहते थे। की उनका डाटा सुरक्षित रहे। VPN का उपयोग केवल कामकाज में ही नही बल्कि ऑनलाइन विडियो स्ट्रीमिंग में भी इसका बहुत उपयोग हुआ है।

VPN क्या है? (What is VPN)

VPN का फुल फॉर्म वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क होता है। VPN एक प्रकार का टूल है जिसकी मदद से आप अपने इंटरनेट कनेक्शन को सिक्युर कर सकते हैं। और अपनी privacy की रक्षा कर सकते हैं। इंटरनेट का उपयोग करने के दौरान VPN आपकी पहचान और लोकेशन को गोपनीय रखने में आपकी मदद करता है।

यानी आप VPN का उपयोग कर इंटरनेट पर बिना अपनी पहचान बताए आजादी से कहीं भी घूम-फिर सकते हैं। आप इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं। यह किसी को भी पता नहीं चलता इसकी वजह से आपके डाटा सुरक्षित रहते हैं। और हैक होने का खतरा कम होता है। इसके अलावा आप VPN की मदद से इंटरनेट पर मौजूद किसी प्रतिबंधित वेबसाइट को भी विजिट कर सकते हैं।

VPN ऑनलाइन प्राइवेसी की सुरक्षा कैसे करता है? (How VPN Protects Online Privacy)

दोस्तो आप जब भी इंटरनेट पर किसी वेबसाइट को विजिट करने के लिए रेकुएस्ट करते हैं। तो वह आपके ISP यानी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (जैसे एयरटेल, आइडिया, जिओ आदि) की हेल्प से उस वेबसाइट के सर्वर तक पहुँचता है।

इस दौरान आपका ISP आपकी सारी जानकारी जैसे आईपी ऐड्रेस, लोकेशन आदि का रिकॉर्ड रखता है। और इंटरनेट पर आप किसी भी पेज को ओपन करें उन सभी की जानकारी ISP को मिलती रहती है। यानी आपका आईएसपी आपको ट्रैक करता है।

सिर्फ ISP ही नहीं इसके अलावा गूगल, फेसबुक, यूट्यूब जैसे वेबसाइट्स आपको ट्रैक करते हैं। और आपके ऑनलाइन गतिविधियों और व्यवहार पर नजर रखते हैं। ताकि आपको आपके इंटरेस्ट के अनुसार विज्ञापन दिखा सकें।

इंटरनेट पर किसी को ट्रैक करने के लिए IP-Address का उपयोग किया जाता है। आपके डिवाइस का IP-Address आपके लोकेशन की जानकारी दे देता है।

ऐसे में यदि आपके IP एड्रैस को हाइड कर दिया जाए। तो आपको ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाएगा। और यही काम VPN करता है। VPN सॉफ्टवेर आपको एक नया आईपी एड्रेस देता है। और और उसी के जरिए आप इंटरनेट को एक्सैस करते हैं। जिस से आपकी मूल IP हाइड हो जाती है।

VPN का उपयोग कैसे करें? (How to Use VPN)

VPN का उपयोग करना बहुत ही सरल है। आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल में VPN सॉफ्टवेर/ एप डाउनलोड कर VPN सर्विस का उपयोग कर सकते हैं।

लेकिन ध्यान रहे आपको हमेशा किसी भरोसेमंद और सुरक्षित VPN सेवा प्रदाता का ही उपयोग करें नहीं तो आप को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।

    • सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल में VPN ऐप डाउनलोड करें। आप चाहे तो क्रोम-एक्सटैन्शन का भी उपयोग कर सकते हैं।
    • एप डाउनलोड करने के बाद अपना VPN अकाउंट बनाइए और लॉगिन कीजिए।
    • VPN को एनेब्ल करें और अपनी मनपसंद कोई भी एक VPN सर्वर का चुनाव करें।
    • अब आप VPN उपयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अब आप अपने ब्राउज़र में किसी भी वेबसाइट को बिना किसी प्रतिबंध के खोल कर सकते हैं।

दोस्तो फ्री VPN का उपयोग करने से आपको बचना चाहिए क्योंकि वे पैसे कमाने के लिए आपके डाटा को बेच भी सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग या किसी काम के लिए फ्री VPN का कभी उपयोग न करें जहाँ आपको गुप्त और संवेदनशील जानकारी शेयर करनी पड़ती हो।

VPN कैसे काम करता है? (How does A VPN work)

दोस्तो आपको सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर मे कोई भरोसेमंद VPN सॉफ्टवेर या ऐप डाउनलोड कर उस पर लॉग इन करना पड़ता है।

    • VPN को ऑन करने के बाद आप जिस वेबसाइट को एक्सैस करना चाहते हैं। उसके लिए ब्राउज़र के द्वारा VPN को अनुरोध भेजते हैं।
    • VPN सॉफ्टवेयर आपके डाटा को एन्क्रिप्ट करता है और उसे आपके आईएसपी के द्वारा वीपीएन सर्वर तक भेजता है।
    • वीपीएन सर्वर उस इंक्रिप्टेड डाटा को डिक्रिप्ट करता है और उस वेबसाइट को इंटरनेट के द्वारा प्रवेश करता है और प्राप्त डाटा को इंक्रिप्ट कर वापस आपके डिवाइस पर भेज देता है।
    • इसके बाद वीपीएन सॉफ्टवेयर उस इंक्रिप्टेड डाटा को डिक्रिप्ट कर आपको वेबसाइट का वह पेज डिस्प्ले कराता है।

इस पूरे संचार के दौरान एन्क्रिप्टेड डेटा को आपके VPN सॉफ्टवेयर के अलावा कोई भी अन्य व्यक्ति नहीं समझ सकता यहां तक कि आपका ISP भी इसे डिक्रिप्ट नहीं कर पाता और उसे भी इस बात का पता नहीं चलता कि आप कौन से वेबसाइट मे प्रवेश कर रहे हैं।

VPN के फायदे क्या है? (What Are the Advantages of Vpn)
  • यह आपकी ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ाता है: यह आपके लोकेशन और IP एड्रेस को हाइड कर देता है। जिससे हैकर को आपके डिवाइस की जानकारी नही मिल पाती और आपका सिस्टम हैक होने से बच जाता है।
  • एन्क्रिप्शन के द्वारा डाटा को सुरक्षित करता है: नेटवर्क में प्रवाह होने वाले सभी डाटा को VPN एन्क्रिप्शन का उपयोग कर ऐसे फॉर्मेट में बदल देता है जिसे डि-कोड करने के लिए निजी कुंजी की जरुरत पड़ती है और वह केवल VPN सर्वर और एप्लिकेशन के पास होता है।
  • आपकी प्राइवेसी की सुरक्षा करता है: VPN का उपयोग कर यदि आप किसी वेबसाइट को विजिट करते हैं। तो इस बात की जानकारी आपके ISP को भी नही मिलती। इसके अलावा कोई भी वेबसाइट आपके असली IP को नही देख पाता और इससे आपकी प्राइवेसी सुरक्षित हो जाती है।
  • प्रतिबंध को बाय-पास करता है: कई वेबसाइट ऐसे होते हैं जिस पर रोक लगे होते हैं या किसी प्रकार का देश प्रतिबंध होता है। लेकिन VPN के द्वारा इन सभी को बाय पास किया जा सकता है और आप बिना किसी प्रतिबंधके किसी भी वेबसाइट को एक्सैस कर सकते हैं।
VPN से नुकसान क्या है? (What Are the Disadvantages of VPN)
  • धीमी गति: VPN से आपकी इन्टरनेट स्पीड कम हो सकती है। क्योंकि यह डाटा को एन्क्रिप्ट करता है। और डाटा ट्रैफिक एक लम्बे रूट को फॉलो कर VPN सर्वर से गुजरता है। हालाँकि यह सभी VPN सर्विस में नही होता इसलिए आपको VPN लेते समय स्पीड टेस्ट जरुर करना चाहिए।
  • अधिक डेटा की खपत करता है: जैसा की हमने बताया की आपके डाटा को सुरक्षित करने और अवांछित निगरानी से बचाने के लिए एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जाता है। इस वजह से डाटा ज्यादा खपत होता है।
  • VPN वायरस और Malware से बचने की गारंटी नही: यदि आप किसी गलत वेबसाइट को विजिट करते हैं। या किसी फाइल को डाउनलोड करते हैं तो जरुरी नही की आपका VPN आपको वायरस से बचा लेगा। हालाँकि अब कुछ VPN सेवाएं सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करती हैं लेकिन उसके लिए एक्स्ट्रा चार्ज देने पद सकते हैं।
  • फ्री VPN या गलत वीपीएन से नुकसान: गलत VPN प्रदाताओं आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकते हैं। वे आपके डाटा को बेच सकते हैं। फ्री VPN सर्विस से भी आपको बचना चाहिए। क्योंकी वे आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा का ज्यादा ख्याल नही रखते हैं।
  • प्रीमियम VPN के लिए अधिक चार्ज लगते हैं: आपको बढ़िया VPN सर्विस चाहिए जिसमे सारे जरुरी विशेषताएं हों और डाटा लिमिट अधिक हो तो इसके लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते है।
  • कुछ ऑनलाइन सर्विसेस आपको बेन कर सकते हैं: कुछ ऑनलाइन सर्विसेज, वैबसाइट, ऐप आदि ऐसे भी होते हैं जिन्हें आप VPN के जरिये एक्सैस करें। तो वे आपके अकाउंट को बैन कर देते हैं। जैसे Netflix आदि।
बेस्ट VPN सर्विस प्रोवाइडर्स (Best VPN Service Providers)

दोस्तो कुछ VPN प्रोवाइडर्स के नाम दिए गये हैं। जो की बेहतर सर्विस दे रहे हैं। मोस्ट पोपुलर VPN को बता रहा हु।

  • ExpressVPN
  • NordVPN
  • ProtonVPN
  • IPVanish
  • Surfshark

दोस्तो इनके अलावा और भी कई कंपनियां हैं। जिनके बारे में आप जानकारी ले सकते हैं। और VPN सर्विस ले सकते है।

VPN प्रोवाइडर्स कैसे चुने? (How to Choose VPN Providers)

मार्केट में कई सारी VPN कंपनिया हैं जिसमे से कुछ अच्छा काम कर रही हैं तो कुछ ऐसे भी VPN प्रोवाइडर्स हैं जिनकी सर्विस से आप संतुष्ट नही हो पाएंगे।

VPN का चुनाव करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • किसी भरोसा और प्रतिष्ठित VPN का उपयोग करें।
  • स्पीड का ध्यान रखें।
  • सर्विस और विशेषता के अनुसार कीमत उपयुक्त होनी चाहिए।
  • Anti malware और अन्य security विशेषता हो।
  • प्रदाता नवीनतम प्रोटोकॉल को फॉलो करता हो।
  • डाटा लिमिट आपकी जरुरत के अनुसार हो।
  • आप मल्टीपल डिवाइस का उपयोग कर सकें।
  • कस्टमर सपोर्ट की सुविधा हो।

तो दोस्तों यह थी VPN क्या है? इसके फायदे नुकसान क्या है? आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।