सॉफ्टवेयर क्या है, इसके प्रकार और कैसे बनाते है?

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सॉफ्टवेयर क्या है, इसके प्रकार और कैसे बनाते है?

कोई भी प्रतियोगी परीक्षा हो कंप्यूटर से जुड़े कुछ प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं | कुछ प्रश्न तो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के ही पूछे जाते हैं  आज की इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है ; कंप्यूटर के मुख्यतः दो पार्ट होते है कंप्यूटर हार्डवेयर और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर| ये जानना बहुत ज़रूरी है कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है और आज की इस पोस्ट में हम आपको कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के बारे में बताएँगे

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह अंश होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, सॉफ्टवेयर का निर्माण कंप्यूटर पर कार्य करने को सरल बनाने के लिये किया जाता है, आजकल काम के हिसाब से सॉफ्टवेयर को बनाया  जाता है|बडी बडी कंपनी, उपभोक्तओं या यूजर की आवश्यकता को ध्‍यान में रखकर कंप्यूटर  सॉफ्टवेयर को सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर द्वारा तैयार कराती हैं|  इसमें से कुछ free में उपलब्‍ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्‍बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो उसके लिये मीडिया प्‍लेयर का यूज करते है।

कंप्यूटर बिभिन्न प्रोग्रामों का एक समूह होता हैं जिसके द्वारा विशिष्ट  या ख़ास कार्यों को किया जा सकता हैं| कंप्यूटर में दो भाग होते है, पहला हार्डवेयर कहलाता है जबकि दूसरा सॉफ्टवेयर | हार्डवेयर कंप्यूटर के भौतिक भाग होते है जिन्हें हम छु सकते है जो एक निश्चित कार्य करते है, जिसके लिए उन्हें बनाया गया है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor, CPU, Printer, Projector etc. इसके विपरीत सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का समूह है जो इन हार्डवेयर के कार्यों को निर्धारित करता है जैसे- word Processing, Operating System, Presentation etc. आते है, जो हार्डवेयर के साथ Interface करते हैं| यदि हार्डवेयर की तुलना कंप्यूटर के शरीर से जाती है तो सॉफ्टवेयर की तुलना कंप्यूटर के दिमाग से की जा सकती है  जिस प्रकार दिमाग के बगैर हमारा शरीर बेकार हैं ठीक उसी प्रकार सॉफ्टवेयर के बगैर कंप्यूटर का कोई वजूद नहीं है| उदहारण के लिए  हम keyboard, Mouse, Printer, Internet आदि का प्रयोग करते है इन सबको को चलाने के लिए भी सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है|

               “Software is a Group of Programmes”

कंप्यूटर ऑन होने के बाद सॉफ्टवेयर सबसे पहले RAM में लोड होता है और सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट में Execute (कार्यान्वयन) किया जाता है यह मशीन भाषा में बना होता है, जो एक अलग प्रोसेसर के लिए विशेष होता है| यह उच्च स्तरीय भाषा और Assembly भाषा में भी लिखा जाता है|

सॉफ्टवेयर की आवश्यकता (Needs of Software) 

जैसा की हम जानते है कंप्यूटर Hardware और Software का समूह है यदि इसमें से सॉफ्टवेयर को निकाल दिया जाये तो कंप्यूटर एक डिब्बे के समान रह जायेगा यह डिब्बा उस समय तक कार्य नहीं कर सकता जब तक कि इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर लोड न किया जाये| इसका अर्थ यह है कि कंप्यूटर में कुछ भी कार्य करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर का होना आवश्यक है| हमें आपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर के आलावा कुछ और सॉफ्टवेयर्स की भी आवश्यकता पड़ती हैं| उदाहरण के लिए, यदि आप एक पत्र को टाइप करना अथवा ग्राफिक चार्ट निर्मित करना या एक प्रस्तुतीकरण का निर्माण करना या अपने कार्यालय सम्बन्धी व्यक्तिगत डाटा का प्रबंधन करना चाहते है तो आपको फिर से अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई अलग-अलग सॉफ्टवेयरों की आवश्यकता पड़ेगी जिन्हें अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर (Application Software) कहा जाता है |

सॉफ्टवेयर कि आवश्यकता के निम्न कारण हो सकते हैं-

    • Computer चालू करने के लिए
    • लेटर टाइप करने के लिए
    • चार्ट को तैयार करने के लिए
    • Presentation बनाने के लिए
    • Data को manage करने के लिए
    • Internet का प्रयोग करने के लिए

सॉफ्टवेयर के प्रकार- Types of Software 

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर को तीन भागो में विभाजित करता है | सिस्टम सॉफ्टवेयर , एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और Utility Software.What is Software its Types 300x337 1

सिस्टम सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्ट्वेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो हार्डवेयर (Hardware) को प्रबंध (Manage) एवं नियंत्रण (Control) करता है ताकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अपना कार्य पूरा कर सके | यह कम्यूटर सिस्टम का आवश्यक भाग होता है आपरेटिंग सिस्टम इसका स्पष्ट उदाहरण है |

यदि सिस्टम सॉफ्टवेयर को Non volatile storage जैसे इंटिग्रेटेड सर्किट (IC) में स्टोर किया जाता है, तो इसे सामान्यत: फर्मवेयर का नाम दिया जाता है संक्षेप में सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का एक समूह है| सिस्टम सॉफ्टवेयर कई प्रकार के होते है जैसे-

    • Operating System Software
    • Compiler Software
    • Interpreter Software
    • Assembler Software
    • Linker Software
    • Loader Software
    • Debugger etc.

ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जिसे कम्प्यूटर को चालू करने के बाद Load किया जाता है| अर्थात यह कम्प्यूटर को Boot करने के लिए आवश्यक प्रोग्राम है | यह कम्प्यूटर को boot करने के अलावा दूसरे अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर  और उपयोगिता सॉफ्टवेयर के लिए आवश्यक होता है|

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य- (Function of Operating system)

    • Process Management
    • Memory Management
    • Disk and File System
    • Networking
    • Security Management
    • Device Drivers

संकलक (Compiler)

Compiler निष्पादनीय फाइल बनाने के लिए सोर्स कोड को मशीन कोड में अनुवाद करनाकरता है| ये कोड निष्पादन योग्य फ़ाइल के object code कहलाते है| प्रोग्रामर इस executable object file को किसी दूसरे कंप्यूटर पर copy करने के पश्चात् execute कर सकते हैं| दूसरे शब्दों में प्रोग्राम एक बार Compile हो जाने के बाद स्वतंत्र रूप से निष्पादनीय फाइल बन जाता है जिसको execute होने के लिए compiler की आवश्यकता नहीं होती है| प्रत्येक प्रोग्रामिंग भाषा को Compiler की आवश्यकता होती हैं|

Compiler, सोर्स कोड को मशीन कोड में बदलने का कार्य करता है इसकी कार्य करने की गति (Speed) अधिक होती है और यह स्मृति में अधिक स्थान घेरता है क्योकि यह एक बार में पूरे प्रोग्राम को Read करता है और यदि कोई Error होती है तो error massage Show करता है|

दुभाषिया (Interpreter)

एक प्रोग्राम होता हैं जो उच्च स्तरीय भाषा (High level language) में लिखे कार्यक्रम को मशीन भाषा (Machine Language) में बदलने का कार्य करता है Interpreter एक–एक अनुदेश को बारी-बारी से मशीन भाषा को Translate करता है |यह उच्च स्तरीय भाषा के कार्यक्रम के सभी अनुदेश को एक साथ मशीन भाषा में translate नहीं करता है|

Interpreter Memory में कम स्थान घेरता है क्योकि यह प्रोग्राम की हर लाइन को बारी-बारी से Check करता है और यदि किसी Line में कोई error होती है तो यह तात्काल Error Massage Show करता है और जब तक उस गलती को सुधार नहीं दिया जाता तब तक यह आगे बढने नहीं देता |

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? – (What is Application Software.)

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर के लिए बहुत उपयोगी होते है यदि कंप्यूटर में कोई भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर नहीं है तो हम कंप्यूटर पर कोई भी कार्य नहीं कर सकते है एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर मात्र एक डिब्बा हैं| एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के अंतर्गत कई कार्यक्रम आते है जो निम्नलिखित हैं|

    • MS word
    • MS Excel
    • MS PowerPoint
    • MS Access
    • MS Outlook
    • MS Paint etc.

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Utility Software)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software) को सर्विस प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता हैं| यह एक प्रकार का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है इसे विशेष रूप से कंप्यूटर हार्डवेयर ओपरेटिंग सिस्टम या एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को व्यवस्थित करने में सहायता हेतु डिजाईन किया गया है|

विभिन्न प्रकार के यूटिलिटी सॉफ्टवेयर उपलब्ध है जैसे-

    • Disk Defragmenter
    • System Profilers
    • Virus Scanner
    • Anti virus
    • Disk Checker
    • Disk Cleaner etc.
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