चर्म(त्वचा) रोग क्या है। (What is skin disease)

What is skin disease

चार्म (त्वचा) रोग के कितने प्रकार होते हैं? (How many types of Charm (skin) disease?)

    • रूखी त्वचा
    • ऑयली त्वचा
    • चिकन पॉक्स (छोटी माता)
    • एक्जिमा
    • रोजेशिया (चेहरे का लाल होना)
    • सिबोर्हिक डर्मेटाइटिस (seborrheic dermatitis)
    • छाल रोग (psoriasis)
    • सफेद दाग (लुकोडर्मा या विटिलिगो)
    • इंपटिगो (impetigo)
    • त्वचा का कैंसर
    • तिल
    • मुंहासे
    • मस्से
    • दाद (Ringworm)
    • खाज (स्केबीज; Scabies)
    • खुजली
    • फोड़े
    • चकत्ते
    • बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal call carcinoma)
    • डेरियर्स डिजीज (Darier’s disease)
    • नाखूनों में होने वाले फंगल संक्रमण
    • कीलॉइडिस (Keloida)
    • मिलनोमा (Melanoma)
    • मेलस्मा (Melasma)

चर्म रोग (त्वचा) के लक्षण (Skin Disorders Symptoms in Hindi)

    1. लाल या सफेद रंग के उभार।
    2. दर्दनाक या खुजली वाले चकत्ते।
    3. त्वचा का खुरदुरापन।
    4. त्वचा का छिलना।
    5. अल्सर।
    6. खुले घाव या जखम।
    7. सूखी व फटी त्वचा।
    8. त्वचा पर फीके रंग के धब्बे।
    9. थक्के, मस्से या अन्य त्वचा के उभार।
    10. तिल के रंग या आकार में परिवर्तन।
    11. त्वचा का रंग बिगड़ना।
    12. अत्यधिक फ्लशिंग (Flushing – चेहरे, कान, गर्दन और धड़ में गर्मी महसूस होना) होना।

चर्म रोग (त्वचा) के कारण (Skin Disorders Causes & Risk Factors in Hindi)

1. त्वचा के विकार (स्किन डिजीज)

  1. त्वचा के छिद्रों और बालों के रोम में फंसे बैक्टीरिया।
  2. त्वचा पर रहने वाले कवक, परजीवी या सूक्ष्मजीव।
  3. वायरस।
  4. प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी।
  5. एलर्जी करने वाले पदार्थों या किसी अन्य व्यक्ति की संक्रमित त्वचा के साथ संपर्क में आना।
  6. अनुवांशिक कारक।
  7. थायरॉयड, प्रतिरक्षा प्रणाली, गुर्दे और अन्य शरीर प्रणालियों को प्रभावित करने वाली बीमारियों से ग्रस्त होना।

2. त्वचा के संक्रमण (स्किन इन्फेक्शन)

  1. बैक्टीरिया से हुआ त्वचा का संक्रमण – यह संक्रमण तब होता है जब बैक्टीरिया त्वचा में एक घाव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं, जैसे कि कट या खरोंच।
  2. वायरस से हुआ त्वचा का संक्रमण – सबसे आम वायरस तीन समूहों में से होते हैं – पॉक्सवायरस (Pox virus), हयूमन पैपिलोमावायरस (Human papillomavirus) और हर्पीस वायरस (Herpes virus)।
  3. फंगल संक्रमण – शरीर के रसायन और जीवन शैली फफूंद संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप एक खिलाड़ी हैं या यदि आपको बहुत अधिक पसीना आता है, तो आप कई बार एथलीट्स फुट अनुभव कर सकते हैं।
  4. परजीवी त्वचा संक्रमण – त्वचा के नीचे छोटे कीड़े या जीव जो वहीं अंडे देते हैं, त्वचा संक्रमण कर सकते हैं।

चर्म रोग (त्वचा) से बचाव (Prevention of Skin Disorders in Hindi)

    1. साबुन और गर्म पानी से अपने हाथों को बार-बार धो लें।
    2. खाने और पीने के बर्तन अन्य लोगों के साथ शेयर न करें।
    3. जिन लोगों को त्वचा का संक्रमण है, उनके साथ सीधे संपर्क से बचें।
    4. सार्वजनिक स्थानों, जैसे जिम उपकरण, को इस्तेमाल करने से पहले साफ करें।
    5. व्यक्तिगत सामान, जैसे कि कंबल, कंघा या स्विमिंग सूट को लोगों के साथ शेयर न करें।
    6. प्रत्येक रात कम से कम सात घंटे सोएं।
    7. खूब पानी पिएँ।
    8. अत्यधिक शारीरिक या भावनात्मक तनाव से बचें।
    9. पौष्टिक आहार खाएं।
    10. संक्रामक त्वचा समस्याओं जैसे कि चिकन पॉक्स के लिए टीका लगवाएं।

चर्म रोग (त्वचा) का इलाज (Skin Disorders Treatment in Hindi)

1. त्वचा विकार (स्किन डिजीज)

  1. एंटीहिस्टेमाइंस (antihistamines)।
  2. औषधीय क्रीम और मलहम।
  3. एंटीबायोटिक दवाएं।
  4. विटामिन या स्टेरॉयड इंजेक्शन।
  5. लेजर थेरेपी।
  6. लक्षित दवाएं (targeted prescription medicines)।

एक तरफ सभी त्वचा के विकार उपचार से ठीक नहीं होते हैं, और दूसरी तरफ, कुछ त्वचा विकार बिना इलाज के ठीक हो जाती हैं।

  1. अंग्रेजी दवाइयों से (कृपया डॉक्टर की सलाह से ही कोई भी दवा लें)।
  2. केमिस्ट पर मिलने वाले त्वचा उत्पाद।
  3. स्वच्छता रख कर।
  4. कुछ जीवन शैली समायोजन, जैसे आहार परिवर्तन।

2. त्वचा के संक्रमण (स्किन इन्फेक्शन)

    • बैक्टीरिया संक्रमण का उपचार अक्सर एंटीबायोटिक दवाओं को त्वचा पर लगाकर या मौखिक एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। अगर बैक्टीरिया पर इन दवाओं का कोई असर नहीं होता है, तो संक्रमण का इलाज करने के लिए अस्पताल में नसों से एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं।
    • त्वचा के फंगल संक्रमण का इलाज करने के लिए केमिस्ट के पास मिलने वाले एंटिफंगल स्प्रे और क्रीम का उपयोग किया जा सकते। इसके अलावा, आप परजीवी त्वचा संक्रमण का इलाज करने के लिए त्वचा पर औषधीय क्रीम लगा सकते हैं।

 3. वैकल्पिक उपचार

    1. खुजली और सूजन को कम करने के लिए दिन में कई बार कोल्ड क्रीम लगाएं। खुजली कम करने के लिए केमिस्ट पर मिलने वाली एंटीहिस्टामाइन लें।
    2. खुजली और असुविधा को कम करने के लिए क्रीम और मरहम का उपयोग करें।
    3. अपने डॉक्टर से अपने लक्षणों के बारे में बात करें।
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