SEO क्या है? यह कैसे काम करता है।

what is SEO

SEO क्या है और हर वेबसाइट के लिये कितना जरुरी होता है ये प्रश्न हर किसी को परेशान करता है। आज के इस डिजिटल युग में अगर आपको लोगो के सामने आना है तो ऑनलाइन ही वो रास्ता है जिसके माध्यम से आप लाखो लोगो के सामने खुद को प्रेजेंट कर सकते है। और SEO वो रास्ता है जिससे किसी भी वेबसाइट को फर्स्ट पेज पर लाया जा सकता है। अगर आपके पास SEO की पूरी जानकारी है।

SEO का पूरा नाम Search Engine Optimization होता है और यह एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से हम अपने पोस्ट को किसी भी सर्च इंजन के पहले पेज पर टॉप पोजीशन में रैंक कराते हैं। सभी ब्लॉगर का यह लक्ष्य होता है कि वह गूगल जैसे सर्च इंजन में पहला पोजीशन हासिल करें और अधिक से अधिक ट्रैफिक अपने ब्लॉग पर लाएं।

SEO गूगल के द्वारा दिया गया एक फ्री का सर्विस है जिसका उपयोग करने से हम किसी भी वेबसाइट को गूगल के पहले पेज पर ला सकते है। इसके लिए हमें कुछ टेकनिक का उपयोग करना पड़ता है SEO से हमारी वेबसाइट का traffic बढ़ता है।

सर्च इंजन क्या है? (What is search engine)

क्या अपने कभी सोचा है कि आप जो भी गूगल पर सर्च करते है गूगल उसी से संबन्धित बातें आपको दिखाई देती है या सही जानकारी देने का काम करता है इसके लिए गूगल अपने डेटा बेस में मौजूद जानकारी को पहले crawl, index करता है और बाद में रैंक करता है यही गूगल का काम होता है ये दिखने के लिये गूगल दो रास्ते देता है एक तो फ्री का और दूसरा पैसे लेकर। फ्री वाले को SEO कहते है और पैसे वाले को PPC कहते है।

SEO क्यों जरुरी होता है?

आप अपनी वेबसाइट के माध्यम से अपना कुछ सामान बेचना चाहते है या पैसे कामना चाहते है तो SEO वह तरीका है जिनका इस्तेमाल कर के आप अपने वेबसाइट को सर्च इंजन के top पर ला सकते है और ज्यादा से ज्यादा लोग आपके वेबसाइट आएंगे इससे आपकी Website का ट्रैफिक बढ़ेगा और आपकी वेबसाइट सर्च इंजन मे लोकप्रिय होगी।

आज के समय मे गूगल मे लगभग 20 करोड़ से भी ज्यादा वेबसाइट का डाटा हैं। जो अलग-अलग फील्ड से हैं जब भी कोई गूगल पर कुछ भी सर्च करता है तो गूगल उस कीवर्ड से संबन्धित वेबसाइट को दिखता है यही सर्च इंजन का काम होता है।

SEO से न सिर्फ आपको बहुत सारा ट्रैफिक मिलता है, बल्कि अगर आप बहुत अच्छे तरीके से अपने ब्लॉग या वेबसाइट का SEO करते है तो आपके platform user का अनुभव बेहतर होता है आपकी वेबसाइट visitor के मुताबिक सुधार होता है।

SEO कितने प्रकार के होते हैं? (Types of SEO)

  1. On-Page SEO
  2. Off-Page SEOtypes of SEO 1

1. On page SEO

SEO, on page मे बहुत सारे परिवर्तन वेबसाइट के अंदर करने पड़ते हैं, ताकि हमारी वेबसाइट SEO के मुताबिक बने।

कीवर्ड (Keywords)

SEO मै सबसे ज्यादा भूमिका कीवर्ड्स की होती है यदि अपने सही कीवर्ड जिसका (Good Traffic or low competition) हो तो आपकी साइट जल्दी रैंक करेगी और आपको अच्छे रेस्पॉन्स मिलिंगे।

उदहारण– अगर आपका ब्लॉग ऑनलाइन पैसे कमाने से है, तो आपका कीवर्ड्स ये होना चाहिए- ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए, इंटरनेट से पैसे कमाए, घर बैठे ऑनलाइन कैसे कमाए etc.

शीर्षक टैग (Title Tag)

किसी भी पेज का टैग सर्च इंजन को बताता है कि आपका पेज या सर्विस किस बारे में है। इससे वेबसाइट को रैंक करने में आसानी होती है यह 40 और 60 वर्ण के बिच में होना चाहिए।

मेटा विवरण (Meta Description)

इसमें हम search इंजनों को ये बताते है कि हम क्या सर्विस दे रहे है या webpage के content के बारे में बताते है इसमें सर्विस से रिलेटेड कीवर्ड को भी शामिल करना होता है।

लोडिंग स्पीड (Loading Speed)

हमारी वेबसाइट की लोडिंग गति जितनी कम होगी, हमारे वैबसाइट गूगल के फर्स्ट पेज उतनी ही आसानी से रैंक होगी । On page के माध्यम हम लोडिंग स्पीड कम करने के लिए पोस्ट पर इस्तेमाल होने वाले इमेज को संपीड़ित (Compress) करते हैं।

साइटमैप (Sitemap)

साइटमैप के जरिये हम अपने वेबसाइट की सारी जानकारी सर्च इंजन को देते है जिससे हमारी वेबसाइट की organic ranking में सुधार होता है। हम साइटमैप का .xml फाइल बना के सबमिट करते है और जब भी सर्च इंजिन्स के क्रॉलर्स (crawler) आते है तो वो साइटमैप से ही वेबसाइट की इनफार्मेशन कलेक्ट करते है।

गूगल वेबमास्टर या विश्लेषिकी (Google Webmaster or Analytics)

Google Webmaster – टूल्स गूगल का फ्री सॉफ्टवेयर है जो हमारी वेबसाइट की हेल्थ के बारे मे बताती है यह टूल आपके वेबसाइट का पूरी रिपोर्ट जैसे वेबसाइट कैसे काम कर रही है कोई गलती होती है तो वेबमास्टर आपको बता देता है इसके अलावा वेबसाइट का ट्रैफिक भी बताता है किस कीवर्ड से कितने लोग आपके साइट पर आ रहे है। वेबमास्टर का काम Crawling, Indexing, Servicing हैं।

Google Analytics – हमें हमारी वेबसाइट पर आ रहे ट्रैफिक के बारे मे बताता है कि कौन से लोकेशन (देश, शहर) से आ रही है यूजर फ़ोन से आ रहा है या कंप्यूटर से इसके अलावा ये हमे Bounce रेट के बारे मै भी बताता है वेबसाइट का Bounce रेट 70% से कम होना चाहिए। इसके अलावा हम इसमें गोल भी सेट कर सकते है।

Google Analytics

High Quality Content

अगर आपकी वेबसाइट पर high quality content है तो आपकी वेबसइट की रैंकिंग बहुत जल्द आने शुरू हो जाएगी।  आप जिस भी टॉपिक के बारे मे लिखे उसे पूरा गहराई मे लिखें ताकि जो भी user आपके पोस्ट को पढ़े तो उस यूजर के सारे डाउट्स क्लियर हो जाएँ। और अगर आप एक ब्लॉगर है तो आपको अपना लोग हमेशा 1000 से 1500 शब्दो में लिखना चाहिए।

कीवर्ड घनत्व (Keyword Density)

Keyword डेंसिटी बताती है की आप आर्टिकल में कितने बार कीवर्ड को लगा रहे है आपका आर्टिकल जितना बड़ा होगा आप उतने ज्यादा कीवर्ड्स लगा सकते है वैसे 500 शब्दो वाले आर्टिकल में दो बार कीवर्ड लगा सकते हो।

2. Off page SEO

किसी भी वेबसाइट या पोस्ट को सर्च इंजन में लाने के लिये वेबसाइट के लिंक को इंटरनेट पर promote करना होता है इसे ही off Page SEO कहते है।

SEO का दूसरा प्रकार होता है OFF Page SEO जिसमे हम अपनी वेबसाइट की 1st पेज पर लाने के लिए back link बनाते है इसमे बहुत सारी एक्टिविटी होती है जैसे- Article, blog creation, press release, book marking, forum, social marketing, gust posting, Infographic इत्यादि.

Off Page SEO के अंदर हम लिंक Building के बारे में भी सीखते हैं जिससे हमारी वेबसाइट को सर्च क्रॉलर जल्दी खोज कर ले और उसे सर्च परिणाम में जल्दी मतलब टॉप पर प्रदर्शन कर सके।

सबसे पहले सर्च इंजन ये देखता है कि आपके वेबसाइट पर link कहाँ से और कितने है फिर तो लिंक की quality और एंकर टेक्स्ट देख कर समावेश करता है।

हमे अपने वेबसाइट की डोमेन प्राधिकरण बढ़ाने के लिए ये ध्यान आवश्यक की जिस साइट पर हम अपना लिंक लगा रहे है उसका DA भी अच्छा होना चाहिए।

सोशल मीडिया क्या है?

सोशल मीडिया मतलब जहाँ पर बहुत सारे लोग एक ही प्लॅटफॉर्म से जुड़े होते हैं जहां आप एक दुसरे के साथ दोस्ती, रिश्ते, शिक्षा, हितों का आदान प्रदान प्रदान करते हैं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारो को लोगों के सामने रख सकता है आजकल तो हर कोई फेसबुक, टवीटर , इंस्टाग्राम, लिंक्डइन और यूट्यूब पर ही रहता है हर वेबसाइट के लिए सोशल मीडिया बहुत जरुरी है।

व्हाइट हैट SEO (White hat SEO)

जब कोई भी अपनी वेबसाइट के लिए प्राकृतिक तरीके से एसईओ और लिंक निर्माण करता है तो उसे व्हाइट हैट कहते है। जिसे अपनी वेबसाइट को लम्बे समय के लिए रखना होता है वह उसी तकनीक का इस्तेमाल करती है इससे वेबसाइट की कीमत के साथ traffic भी बढ़ता है।

ब्लैक हैट SEO (Black hat SEO)

जब कोई अपनी वेबसाइट को Google में रैंक करवाने के लिए सर्च इंजन की दिशा निर्देशों का पालन नहीं करता है या उलटे सीधे सूची बन जाती है तो उसे ब्लैक हैट एसईओ कहता है। इसको करने से वेबसाइट पर बुरा प्रभाव पड़ता है। और कुछ समय के बाद Google वेबसाइट को ब्लॉक कर देता है।

 सर्च इंजन क्या है और कैसे काम करता है?
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