पाइथन (Python) क्या है? (What is Python )

पाइथन (Python) क्या है

अगर आप कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में दिलचस्बी रखते है तो आपने कभी न कभी “पाइथन” का नाम जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है। की पाइथन क्या है।  और पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

अगर आप भी जानना चाहते है की पाइथन क्या है (What is Python) तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको पाइथन से सम्बंधित आपके सभी सवालों के जवाब मिलने वाले है।

पिछले कुछ दिनों से Java , C और C++ जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज के साथ साथ Python का नाम भी प्रसिद्द हो रहा है। और इसका इस्तेमाल भी काफी तेजी से किया जा रहा है।

तो दोस्तों क्या आप जानते है, की वर्त्तमान समय में डाटा साइंस , मशीन लर्निंग , सिस्टम ऑटोमेशन , वेबसाइट डेवलपमेंट और API डेवलपमेंट जैसी कई चीजों के लिए पाइथन का ही इस्तेमाल सबसे ज्यादा क्यों किया जा रहा है।  जबकि यह सब काम बाकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज से भी किये जा सकते है।

Python में कई सारी ऐसी खूबियां है जिस कारण इसका इस्तेमाल दुनिया भर में काफी ज्यादा किया जा रहा है। और आने वाले समय में भी इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ जायेगा।

पाइथन क्या है? (What Is Python)

पाइथन एक Interpreted, High-level और General-purpose Object Oriented प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जिसका इस्तेमाल डाटा साइंस , मशीन लर्निंग , डाटा एनालिसिस , वेब स्क्रैपिंग, सिस्टम ऑटोमेशन , वेबसाइट डेवलपमेंट और API डेवलपमेंट जैसी कई चीजों के लिए किया जाता है।

पाइथन को सबसे पहले 1980 के दशक में बनाया गया था और 1991 में इसे Guido van Rossum द्वारा पहली बार रिलीज़ किया गया।  Guido van Rossum एक डच कंप्यूटर प्रोग्रामर है। जिन्हे पाइथन प्रोग्रममिनग लैंग्वेज के निर्माता के रूप में जाना जाता है।

Python यह एक ऐसी ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसे इस प्रकार बनाया गया है की प्रोग्राममर्स को अपने छोटे और बड़े आकार के प्रोजेक्ट्स में कोड को स्पष्ट रूप से लिखने में और लॉजिकल कोड लिखने में आसानी होती है।

यह एक ओपन सोर्स यानि एक फ्री प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है क्योंकि यह लैंग्वेज GPL जनरल पब्लिक लाइसेंस के अंतर्गत उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल आप Windows , MAC और LINUX जैसी सभी ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर कर सकते है क्योंकि पाइथन एक पोर्टेबल और प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट लैंग्वेज भी है।

Python के syntax और रीडबिलिटी के कारण इसे सीखना और समझना काफी आसान है।  इसलिए एक बिगिनर पाइथन से आसानी से प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर सकता है , अगर आप प्रोग्रामिंग सीखना शुरू करना चाहते है तो आप पाइथन से शुरू कर सकते है।

पाइथॉन Meaning इन हिन्दी (python meaning in hindi)

वैसे देखा जाये तो पाइथन का हिंदी में साधारण अर्थ अजगर होता है लेकिन यहाँ पर पाइथन एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का नाम है। पाइथन को लेकर लोगों के मन में काफी सवाल होते है की इस लैंग्वेज का नाम पाइथन क्यों है तो आपको बता दूँ की पाइथन लैंग्वेज का नाम Monty Python’s Flying Circus नामक BBC कॉमेडी सीरीज द्वारा प्रकाशित एक कॉमेडी शो से रखा गया है , दरसल दरसल 1970 दशक में Monty Python’s Flying Circus नामक काफी प्रसिद्ध हुई थी उसीसे प्रेरित होकर Van Rossum ने इस लैंग्वेज का नाम python रख दिया।

पाइथन का इतिहास (History Of Python)

पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को 80 के दशक के अंत में नीदरलैंड के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटर साइंस में नब्बे के दशक के शुरुआती दिनों में Guido van Rossum द्वारा विकसित किया गया था , पाइथन ABC, Modula-3, C, C++, Algol-68, SmallTalk, Unix shell और कई अन्य स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज से लिया गया है।

सबसे शुरुआत में फरवरी 1991 में Van Rossum द्वारा पाइथन का 0.9.0 Version लांच किया गया जो की उस वक़्त डेवलपमेंट प्रोसेस में ही था इस वर्शन में core datatypes list, dict, str जैसे प्रोग्रामिंग फीचर्स के साथ साथ Inheritance , classes , Functions , Exception Handling जैसे ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज bject के फीचर्स भी पाइथन में उपलब्ध थे।

जनवरी 1994 में पाइथन का 1.0 version लांच किया गया जिसमे पाइथन के आरंभिक फीचर्स के साथ कुछ नए फीचर्स और प्रोग्रामिंग टूल्स को जोड़ा गया और इसके बाद पाइथन के नए नए वर्ज़न आते गए।

पाइथन की विशेषताएं।  (Features Of Python)

किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सिखने से पहले हमे उसकी विशेषताओं के बारे में जरूर पता होना चाहिए , Python में भी ऐसी ही कुछ खास विशेषताएं है। जो इसे अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज से अलग बनाती है।

ईजी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Easy Programming Language)

Python एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। लेकिन बाकि हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज जैसे C, C#, Javascript, Java आदि के साथ अगर इसकी तुलना की जाये तो पाइथन को सीखना काफी आसान है। इसे कोई भी बिगिनर कुछ घंटों में या कुछ दिनों में सिख सकता है।

पाइथन के Syntax बाकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज के मुकाबले काफी आसान होते है जिसे कोई भी बिगिनर आसानी से समझ सकता है इसीलिए Python को ईजी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज भी कहा जाता है , सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में पाइथन को सीखना काफी आसान है क्योंकि इसे सिर्फ थोड़े ही प्रयास करके सीखा जा सकता है।

फ्री एण्ड ओपन सोर्स (Free and Open Source)

पाइथन एक Open Source प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जिसे आप इसकी ऑफिसियल वेबसाइट से डाउनलोड करके यूज़ कर सकते है। ओपन सोर्स का मतलब इस लैंग्वेज का Source Code सभी लोगों के लिए उपलब्ध है जिसे कोई भी फ्री में डाउनलोड करके यूज़ कर सकता है, और शेयर भी कर सकता है।

हाई लेवल लैंग्वेज (High-Level Language)

Python एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।  जिस वजह से आप इसे किसी भी सिस्टम पर चला सकते है इसलिए आप जब भी कोई पाइथन का प्रोग्राम करते है। उस वक़्त आपको सिस्टम आर्किटेक्चर और मेमोरी मैनेजमेंट के बारे में सोचने की कोई जरुरत नहीं होती है।

जीयूआई प्रोग्रामिंग समर्थन (GUI Programming Support)

यह लैंग्वेज GUI मतलब ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User interfaces) को भी सपोर्ट करती है। जिस वजह से आप पाइथन में शानदार ग्राफिकल एप्प भी बना सकते है , PyQt5, PyQt4, wxPython जैसे GUI मॉडुलस का इस्तेमाल करके पाइथन में ग्राफिकल अप्प्स बनाये जा सकते है।

वस्तु-उन्मुख भाषा (Object-Oriented Language)

पाइथन एक python एक ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। इसलिए यह ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड कान्सेप्ट जैसे Classes , Objects , encapsulation , Encapsulation , Inheritance को सपोर्ट करता है।

पोर्टेबल भाषा (Portable Language)

Python एक पोर्टेबल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज भी है। जिसका मतलब मान लीजिये अगर आपने विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम पर पाइथन का कोड लिखा है और आप उसे Linux या Mac जैसी किसी दूसरी ऑपरेटिंग सिस्टम पर Run करना चाहते है। तो आपको कोड में बदलाव करने की कोई जरुरत नहीं होती है , Python का कोड किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में आप रन कर सकते है।

एक्स्टेंसिबल भाषा (Extensible Language)

पाइथन एक एक्स्टेंसिबल लैंग्वेज लैंग्वेज है , आप पाइथन का कोड C , C++ जैसी किसी दूसरी हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज में भी लिख सकते है और उसे C , C++ में कम्पाइल भी कर सकते है।

एकीकृत भाषा (Integrated language)

पाइथन लैंग्वेज को अन्य हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज के साथ आसानी से इंटेगरटेड किया जा सकता है। क्योंकि Python एक इंटेगरटेड लैंग्वेज (Integrated language) है।  इसलिए पाइथन को आप c, c++ जैसी लैंग्वेज में आसानी से इंटेगरटेड कर सकते है।

बड़ा मानक पुस्तकालय (Large Standard Library)

पाइथन के साथ हमे कोड की स्तनड्रेड लाइब्रेरी भी मिलती है। जिस कारण हमे हर चीज के लिए कोड लिखने की जरुरत नहीं होती है , पाइथन में ऐसी कई यूज़फूल लाइब्रेरीज मौजूद है जिनसे हम काफी सारा कोड लिखने से बच सकते है।

पाइथन संस्करण का इतिहास (History of Python Version)
    • Python 1.0 – January 1994
      • Python 1.2 – April 10, 1995
      • Python 1.3 – October 12, 1995
      • Python 1.4 – October 25, 1996
      • Python 1.5 – December 31, 1997
      • Python 1.6 – September 5, 2000
    • Python 2.0 – October 16, 2000
      • Python 2.1 – April 15, 2001
      • Python 2.2 – December 21, 2001
      • Python 2.3 – July 29, 2003
      • Python 2.4 – November 30, 2004
      • Python 2.5 – September 19, 2006
      • Python 2.6 – October 1, 2008
      • Python 2.7 – July 4, 2010
    • Python 3.0 – December 3, 2008
      • Python 3.1 – June 27, 2009
      • Python 3.2 – February 20, 2011
      • Python 3.3 – September 29, 2012
      • Python 3.4 – March 16, 2014
      • Python 3.5 – September 13, 2015
      • Python 3.6 – December 23, 2016
      • Python 3.7 – June 27, 2018
पाइथन लैंग्वेज क्यों सीखनी चाहिए? (Why should learn Python language)

अगर आप पाइथन सिखने की सोच रहे है तो आपको यह पता होना चाहिए की Python में ऐसी क्या ख़ास बातें है जिस वजह से Python को सीखना चाहिए।

  1. पाइथन सिखने का सबसे बड़ा यह कारन है की यह लैंग्वेज काफी प्रसिद्द और सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसका डिमांड भविष्य में भी काफी ज्यादा होने वाला है।
  2. यह एक फ्री और ओपन सोर्स लैंग्वेज है जिसका इस्तेमाल करने और सिखने के लिए कोई पैसा नहीं लगता है।
  3. Python के syntax आसान होने के कारण यह लैंग्वेज सिखने के लिए बाकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज के मुकाबले काफी आसान है।
  4. पाइथन एक ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है इसलिए अगर आप पाइथन सीखते है तो इसमें आपको ऑब्जेक्ट ऑरिएन्टेड प्रोग्रामिंग की कान्सेप्ट सिखने को मिलेंगी जो आपको C++ और जावा जैसी बाकि दूसरी लैंग्वेजेज को सिखने में काम आएँगी।
  5. अगर आप पाइथन सीखते है तो आपको भविष्य में काफी अच्छी सैलरी वाली जॉब मिल सकती है।
  6. जैसा की हमे पता है की आने वाले समय में Artificial intelligence तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने वाला है और Artificial intelligence में पाइथन का इस्तेमाल किया जाता है।
  7. डाटा साइंस  और मशीन लर्निंग जैसी टेक्नोलॉजीज में पाइथन का इस्तेमाल किया जाता है।
पाइथन के फायदे? (Python Advantages)
  1. Python के कोड को पढना, समझना और सीखना आसान है। क्योंकि इसके syntax सरल होते हैं और उसमे अंग्रेज़ी के शब्द शामिल होते हैं।
  2. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के काम को आसान बनाता है क्योंकि की सीखना समझना आसान है और इससे समय की बचत भी होती है।
  3. अगल-अलग प्लेटफॉर्म और सिस्टम्स पर काम कर सकता है।
  4. इसके स्ट्रॉंग स्तनड्रेड लाइब्रेरी की वजह से कई सारे modules, functions आदि मिल जाते हैं जिससे हर एक चीज की कोडिंग करने की जरुरत नही पड़ती।
  5. कई सारे ओपन सोर्स फ्रैम्वर्क और टूल्स मौजूद हैं जो की काम को आसान बनाते हैं।
  6. बेहतरीन कम्यूनिटी सपोर्ट की वजह से आप अपने प्रॉब्लेम का सोल्यूशंस भी पा सकते हैं।
पाइथन लैंग्वेज के नुकसान (Disadvantages of Python)
  1. Speed Limitation: जैसा की हमने बताया की यह एक इन्टर्प्रटड लैंग्वेज है और यह कम्पाइलर उसेस  नही करता है इसलिए यह C, C++ जैसे language के मुकाबले स्लो एक्सक्यूट होता है।
  2. Memory Consumption: पाइथन अधिक मेमोरी कन्सूम करता है इसलिए कम मेमोरी के साथ काम नही किया जा सकता।
  3. मोबाईल और गेम डेवलपमेंट के लिए सही नही है: फिलहाल इससे एडवांस्ड लेवल के मोबाईल एप और गेम डिवेलप नही किया जाता है।
  4. Simplicity भी एक disadvantage है: पाइथन का आसान होना फायदेमंद तो है लेकिन इसका सरल होना भी नुकसानदायक है। पाइथन में काम करने के बाद डेवलपर को दुसरे कठिन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में काम करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। हालाँकि यह पूरी तरह डेवलपर पर निर्भर करता है।
  5. Runtime Errors: चूंकि इसमें कम्पाइलर नही होता इसलिए कम्पाइल टाइम में error का पता नही चलता इससे error डिटेक्शन का काम मुश्किल होता है।

तो दोस्तों यह थीपाइथन (Python) क्या है? पूरी जानकारी आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।