हीमोग्लोबिन की कमी क्या हैं? कारण व लक्षण क्या है। (What Is Hemoglobin Deficiency)

हीमोग्लोबिन की कमी क्या हैं कारण व लक्षण क्या है।

काम मे व्यस्त रहने के कारण सही खानपान न करने और किसी भी समय कुछ भी खा लेने वाली आदत के कारण शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। जिस वजह से रेड ब्लड सेल्स नष्ट होने शुरू हो जाते हैं और शरीर में खून की कमी होने लगती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि शरीर में रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की संख्या कम होने पर कई बीमारियां होने लगती है। हीमोग्लोबिन की कमी क्या है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हीमोग्लोबिन कम होने पर ऐसा जरुरी नहीं है कि आपको किसी तरह की कोई बीमारी ही हो। ये समस्या गर्भवती महिलाओं में आमतौर पर पाई जाती है। इतना ही नहीं महिलाओं में पीरियड्स के समय ज्यादा ब्लीडिंग, हृदय संबंधी बीमारियां, पेट से संबंधित बीमारियां, कैंसर, विटामिन बी12 की कमी और शरीर में फोलिक एसिड की कमी की वजह से भी हीमोग्लोबिन की कमी होने के साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। इसके अलावा हीमोग्लोबिन कम होने पर कई लक्षण भी नजर आने लगते हैं।

हीमोग्लोबिन की कमी क्या हैं ? (What Is Hemoglobin Deficiency)

हीमोग्लोबिन की कमी भी एक सामान्य समस्या की तरह है। ऐसा इसलिए जरूरत अनुसार शरीर में विटामिन व खनिज की पूर्ति न होने से हीमोग्लोबिन की कमी होने लगती है। कई मामलो में बच्चे या वयस्क कुपोषण का शिकार हो जाते है। यदि महिला गर्भवती है, तो उनके लिए स्तिथि गंभीर हो जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी होने से रक्त प्रवाह में खून की कमी होने लगती है। शरीर में अत्यधिक ऑक्सीजन की कमी होने से शरीर में ऊर्जा की कमी और व्यक्ति बेहोश हो जाता हैं। इसके अलावा सांस फूलने की समस्या का जोखिम लगा रहता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने से त्वचा में पीलापन आ सकता हैं। खून की कमी होने से अनेक लक्षण नजर आने लगते है। कई मामलो में चिकिस्तक आयरन की कमी के लिए कुछ दवाइयों की खुराक देते है और अन्य कारण का पता लगाने के लिए कुछ निम्न जांच कर सकते है। आज हम इस पोस्ट मे हीमोग्लोबिंग क्या है? के बारे मे बताएँगे।

शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कितनी होनी चाइए। (What Should Be The Amount Of Hemoglobin In The Body)

पुरुषों में हीमोग्लोबिन की सही मात्रा 14 से 17 ग्राम/100 मिली. रक्त होती है, वहीं स्त्रियों में ये मात्रा 13 से 15 ग्राम/100 मिली. रक्त होती है। शिशुओं के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा लगभग 14 से 20 ग्राम/100 मिली. रक्त होनी चाहिए। हीमोग्लोबिन की कमी होने पर डॉक्टर हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले विटामिन लिखते है। जो अस्थिमज्जा यानि हड्डियों के बीच में खून बनाने का काम करता है। जिससे लाल रक्त कण बनते हैं और इन्हीं कणों से फिर श्वेत कण भी बनते हैं जो घाव को जल्दी भरने में सहायक होते हैं।

हीमोग्लोबिन की कमी के कारण ? (Cause Of Hemoglobin Deficiency)

हीमोग्लोबिन की कमी हर टाइम किसी बीमारी का संकेत नहीं होता है। शरीर में सही मात्रा में प्रोटीन की मात्रा न मिलने पर हीमोग्लोबिन की कमी होने लगता है। महिलाओं के गर्भवती होने पर सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन के स्तर में कमी आ जाती है। कई मामलो में स्वास्थ्य की अन्य स्तिथि होने पर हीमोग्लोबिन की कमी का कारण बनता है।

हीमोग्लोबिन में कमी के कारण –

हीमोग्लोबिन में मामूली कमी हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं देती, यह कुछ लोगों के लिए एक बेहद सामान्य स्थिति भी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर आमतौर पर कम ही पाया जाता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी किसी ऐसे रोग या स्थिति के कारण हो सकती है जो आपके शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी पैदा कर देते हैं। कुछ स्थितियों के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

    • अनुवांशिक असामान्यता।
    • घाव से खून निकलना।
    • महामारी में अधिक रक्तस्राव होना।
    • रक्तदान हमेशा करना।
    • पेट में अल्सर।
    • पेट में कैंसर।
    • बवासीर।
    • सिकल सेल एनीमिया।
    • विटामिन की कमी।
    • हाइपोथायरिडजम।
    • हेमोलाइटिस।
    • मूत्राशय से खून बहना।

महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होने के कारण

    • प्रेग्नेंसी की वजह से कम हो सकता है हीमोग्लोबिन
    • डाइट में आयरन की कमी होने से भी हीमोग्लोबिन कम हो सकता है।
    • प्रेग्नेंसी या पीरियड के दौरान अत्याधिक ब्लीडिंग होने से भी ये परेशानी हो सकती है।
    • जंक फूड और अनियमित खान-पान की वजह से बॉडी में हीमोग्लोबिन कम हो सकता है।
    • विटामिन, कैल्शियम इत्यादि की कमी भी इस परेशानी का कारण बन सकता है।
हीमोग्लोबिन की कमी के लक्षण ? (Symptoms Of Hemoglobin Deficiency)

हीमोग्लोबिन की कमी के कही सारे लक्षण हो सकते है। हमारे शरीर मे ब्लड की कमी होने से कही सारी बीमारियो का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हमे अपने खान पान का खयाल रकना चाइए।

    • जैसे – सिरदर्द होना।
    • सांस फूलना।
    • चक्कर आना।
    • घबराहट होना।
    • व्यायाम न कर पाना।
    • चिड़चिड़ापन होना।
    • थकान महसूस होना।
    • ध्यान लगाने में कमी होना।
    • कमजोरी महसूस करना।
हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाले रोग (Hemoglobin Deficiency Diseases)

शरीर में हीमोग्लोबिन यानी आयरन और ग्लोबिन प्रोटीन से मिलकर बनता है, और जब आहार में आयरन की कमी होती है।  तो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर भी गिरने लगता है। हीमोग्लोबिन की कमी शरीर में ऑक्सीजन की कमी कर देती है।  जिससे थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। इस स्थिति को एनीमिया कहा जाता है।

एनीमिया – एनीमिया कोई बीमारी नहीं है, लेकिन ये स्थिति कई बीमारियों का कारण जरूर बन जाती है। एनीमिया महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है, खासकर प्रेगनेंसी के दौरान। क्योंकि इस समय शरीर को विटामिन, मिनरल, फाइबर की ज्यादा मात्रा की जरुरत पड़ती है।

ब्लड में लोह तत्व कम होने से थकान और कमजोरी बढ़ती जाती है। ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाएं भी अक्सर एनीमिया से ग्रस्त रहती हैं। इसके अलावा यूट्रस में ट्यूमर होने, आँतों में अल्सर होने, पाइल्स होने और डाइटिंग करने जैसी स्थितियों में भी एनीमिया की आशंका बढ़ जाती है।

हीमोग्लोबिन की कमी में क्या खाना चाहिए? (What To Eat In Hemoglobin Deficiency)

चुंकदर – चुंकदर की खासियतें जितनी कही जाएं उतनी कम है। यह कैल्शियम, आयरन और विटामिन ए और विटामिन सी भरपूर देता है। इसमें भी ढेर सारा फोलिक एसिड है। इसके अलावा फायबर, मैग्नीज़ और पोटेशियम का खजाना भी छिपा है इसमें।

तरबूज़ – तरबूज 91 प्रतिशत पानी होता है। इसमें 6 प्रतिशत शक्कर और बहुत ही कम फैट होता है। इसमें न्यूट्रीएंट्स ढेर सारे हैं। हर बार तरबूज खाने पर आपको विटामिन ए, बी6 और सी मिलता है। इसके अलावा बहुत सारा ल्योकोपेन, एंटीऑक्सीडेंट और अमीनो एसिड मिलता है। साथ ही यह है खास स्त्रोत पोटेशियम के लिए।

टमाटर – टमाटर देता है काफी सारा विटामिन ई (एल्फा टोकोफेरोल), थियामिन, निआचिन, विटामिन बी6, मैग्निसियम, फॉस्फोरस और कॉपर। इसके साथ ही यह फायबर, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, पोटेसियम और मैग्नीज़ का भी बढिया स्त्रोत है।

गाजर – इसे अक्सर बेहतरीन हेल्दी खाने का दर्जा दिया जाता है। यह खासतौर पर बिटा-कैरोटीन, फायबर, विटामिन के, पोटेसियम और एंटीऑक्सिडेंट देती है।

बादाम – बादाम बेहद स्वास्थ्यवर्धक चीज़ है। इसमें प्रोटीन, फायबर, विटामिन ई, मैग्निसियम, रिबोफ्लाविन, कैल्शियम और पोटेशियम की काफी मात्रा होती है।

शलजम – शलजम में बहुत अधिक मात्रा में मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और डाइटरी फायबर होता है। इसमें इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाला विटामिन सी ढेर सारा मिलता है।

स्ट्रॉबेरी – स्ट्रॉबेरी विटामिंस, फायबर और हाई लेवल के एंटीऑक्सीडेंट्स (पोलीफिनोल्स) का अच्छा स्त्रोत है। यह सोडियम फ्री, फैट फ्री और कोलेस्ट्रॉल फ्री खाद्य है। यह मैग्निज़ और पोटेशियम की बढ़िया मात्रा देता है।

खजूर – कॉपर, मैग्निसियम, मैग्नीज़, विटामिन बी6 (पायरिडोक्साइन), निआचिन, पैंटोथेनिक एसिड और रिबोफ्लाविन खजूर में होते हैं। इससे यह एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। इसके उपयोग से कॉर्बोहाईड्रेड, प्रोटीन और फैट का शरीर सही इस्तेमाल कर पाता है।

शहद – शहद में कई तरह के गुण होते हैं शहद कई बीमारियों में दवा का काम करता है। एनीमिया के रोगियों के लिए भी यह बहुत लाभदायक होता है। 100 ग्राम शहद में 0.42 मि.ग्रा. आयरन होता है। इसीलिए इसके सेवन से खून की कमी दूर होती है।

विटामिन सी – अमरूद, पपीता, संतरा व अंगूर विटामिन सी की कमी पूरा करते हैं। विटामिन सी की कमी पूरी होते ही हीमोग्लोबिन की कमी भी पूरी हो जाती है। आहार में विटामिन-सी समृद्ध सब्जियां ब्रोकली, टमाटर, फूलगोभी, आलू व पत्तागोभी शामिल करें।

हीमोग्लोबिन की कमी से बचाव क्या करे। (What Can Be Done To Prevent Hemoglobin Deficiency)
  • आयरन से भरपूर स्वस्थ और संतुलित भोजन खाएं।
  • चाय और कॉफी की खपत कम करें क्योंकि इनके कारण शरीर की आयरन अवशोषित करने की क्षमता प्रभावित होती है।
  • विटामिन सी का सेवन बढ़ाएं क्योंकि यह आयरन को अवशोषित करने में मदद कर सकता है।
  • अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी12 और विटामिन बी9 का सेवन करें।
हीमोग्लोबिन की कमी का रोग निदान (Diagnosis Of Hemoglobin Deficiency)

हीमोग्लोबिन की कमी का रोग निदान करने के लिए चिकिस्तक सबसे पहले सामान्य परीक्षण करते है, जिसमे आपके पिछले बीमारी इतिहास व लक्षण, शराब की लत के बारे में पूछते है। इसके अलावा शारीरिक परीक्षण के दौरान मरीज का ब्लड टेस्ट किया जाता है। और भी टेस्ट किए जाते है। हीमोग्लोबिन की कमी को कैसे पूरी करे।

  • जैसे – कम्पलीट ब्लड काउंट।
  • विटामिन बी 12 और विटामिन बी 9 की जांच की जाती है।
  • विशेष ब्लड टेस्ट।
  • खून में आयरन की कमी की जांच।
  • यूरिन टेस्ट।

हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एक बार डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कई बार हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाले लक्षण अन्य बिमारियों के भी संकेत दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. हीमोग्लोबिन की कमी से क्या होता?

हीमोग्लोबिन की कमी होने से रक्त प्रवाह में खून की कमी होने लगती है। शरीर में अत्यधिक ऑक्सीजन की कमी होने से शरीर में ऊर्जा की कमी और व्यक्ति बेहोश हो जाता हैं। इसके अलावा सांस फूलने की समस्या का जोखिम लगा रहता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने से त्वचा में पीलापन आ सकता हैं।

Q. हीमोग्लोबिन की कमी से कौन कौन से रोग होते हैं?

हीमोग्लोबिन हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौह युक्त प्रोटीन है, जो लाल रक्त कणों की प्रत्येक पट्टी के अंदर 30-35% भाग हीमोग्लोबिन का होता है। हिमोग्लोबिन के कम होने से अनीमिया (Anemia) जैसी बीमारी हो सकती है।

Q. हीमोग्लोबिन से क्या पता चलता है?

रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन फेफड़ों या गिलों से शरीर के शेष भाग (अर्थात् ऊतक) को ऑक्सीजन का परिवहन करता है, जहां वह कोशिकाओं के प्रयोग के लिये आक्सीजन को मुक्त कर देता है। स्तनपायियों में लाल रक्त कोशिकाओं के शुष्क भाग का करीब 97% और कुल भाग (पानी सहित) का लगभग 35% प्रोटीन से बना होता है।

Q. हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के परिणाम क्या होंगे?

हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसलिए आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है, इसी स्थिति को एनीमिया कहते हैं।

Q. खून की कमी से क्या होता है?

लाल रक्त कोशिकाएं, वे कोशिकाएं होती हैं जो फेफड़े से ऑक्सीजन को शरीर के अन्य भागों तक पहुंचाती हैं। खून की कमी वाले लोगों को थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

Q. आयरन की कमी से शरीर में क्या होता है?

आयरन की कमी को एनीमिया के रूप में भी जाना जाता है। मुख्य रूप से ये स्थिति तब होती है, जब हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन की पर्याप्त मात्रा में कमी होती है। दरअसल, लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रोटीन होता है, जो उन्हें शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन ले जाने में सक्षम बनाता है।

Q. खून क्यों नहीं बनता है?

हड्डियों में मौजूद बोनमैरो की स्पंजी सेल्स ब्लड का निर्माण करती हैं। इनके प्रभावित होने के कारण कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, और ब्लड बनना बंद हो जाता है। बोनमैरो में चोट रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से इसकी कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और खून बनने की प्रक्रिया बाधित होती है।

Q. हीमोग्लोबिन की मात्रा कितनी होनी चाहिये?

महिला और पुरुष में इतना होना चाहिए हीमोग्लोबिन बता दें, कि पुरुषों में हीमोग्लोबिन का सामन्य स्तर 13.5-17.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर होता है। वहीं, महिलाओं में कम से कम 12.0 – 15.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिन की मात्रा को सेहतमंद माना जाता है।

Q. हीमोग्लोबिन में कौन सा तत्व मौजूद होता है?

लाल रक्त कणों के अंदर 30-35 प्रतिशत भाग हीमोग्लोबिन का होता है। बोन मैरो में ही विटामिन बी-6 यानी पाइरिडॉक्सिन की उपस्थिति में लोहा, ग्लाइलिन नामक एमिनो एसिड से संयोग कर ‘हीम’ नामक यौगिक बनाता है। हीमोग्लोबिन, रक्त का मुख्य प्रोटीन तत्व है।

Q. शरीर में खून की कमी हो तो कैसे पता चलेगा?

  • अत्याधिक थकान रहना
  • स्किन में पीलापन आना,
  • दिल की धड़कनों का तेज होना
  • कमजोरी और थकान महसूस होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • छाती में दर्द होना
  • लगातार सिर में दर्द रहना

Q. आयरन की गोली खाने से क्या फायदा होता है?

  • स्किन ग्लो- पीली पड़ी स्किन और आंखों के नीचे काले घेरे एनीमिया के संकेत हो सकते हैं।
  • चोट जल्दी ठीक करे- आयरन चोट लगने पर उसके जख्म को जल्दी भरने के साथ ही रेड ब्लड सेल्स के बनने में मदद करता है जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं।

Q. सबसे ज्यादा खून बढ़ाने वाला फल कौन सा है?

इसके अलावा सेब में कई ऐसे विटामिन हैं, जो शरीर में खून को बढ़ाने का काम करते हैं। अमरूद- अमरूद खाने से भी शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। यह जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होता है। अपने हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए आहार में अनार को भी शामिल कर सकते हैं।

Q. खून बढ़ाने की दवा क्या है?

बादाम- बादाम में भरपूर मात्रा में आयरन होता है खून की कमी वाले रोगी को रोजाना बादाम का सेवन करना चाहिए। चिलगोजा- चिलगोजा शरीर में रक्त बढ़ाने में सबसे बड़ा मददगार साबित होता है। दस ग्राम चिलगोजा में करीब 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है। चिलगोजा रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में काम करता है।

Q. इंसान में कितना खून होता है?

एक क्यूबिक मिलीलीटर रक्त में लगभग 50 लाख लाल रक्त कण होते हैं।

मुझे उम्मीद है की आप को ये आर्टिकल जो की (hindigyanshala.com) हीमोग्लोबिन की कमी क्या हैं, पर था। जो की पसंद आया होगा। ऐसे ही नॉलेज पाने के लिए हमारे से जुड़े रहे और फेस्बूक पेज को लाइक करे। पोस्ट को शेयर करे।