स्वास्थ्य क्या हैं ! What is Health in Hindi

what is health ?

सेहत या स्वास्थ से तात्पर्य ऐसी स्थिति से है, जब कोई व्यक्ति शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ होता है।
इसके अलावा, जब किसी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) काफी मजबूत होती है, तो उसे भी सेहतमंद व्यक्ति की पहचान कहा जाता है।

अच्छी सेहत को कैसे बनाए? (how to maintain good health? in hindi)

जितना जरूरी अच्छी सेहत की आवश्यकता जानना है, उतना जरूरी यह भी जानना है कि अच्छी सेहत को कैसे बनाए रखा जा सकता है।

  • पौष्टिक भोजन करना– अच्छी सेहत को बनाए रखने का सबसे आसान तरीका अपने खान-पान पर ध्यान देना है।
    चूंकि, खराब भोजन हमें बीमारी कर सकता है, इसलिए हम सभी लोगों को केवल पौष्टिक भोजन करना चाहिए ताकि हम कम बीमार पड़े।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- पौष्टिक भोजन के अलावा मानव शरीर को पानी की भी जरूरत पड़ती है, जो उसे डिहाइड्रेट होने से बचाती है।
    अत: सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा (6-7 गिलास प्रति दिन) पानी पीना चाहिए ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो।
  • नशीले पदार्थों का सेवन न करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि खराब सेहत नशीले पदार्थों का सेवन करने का नतीजा होती है।
    इसी कारण, किसी भी व्यक्ति को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए ताकि उनकी सेहत अच्छी बनी रहे।
  • अधिक चलना- वर्तमान समय में हम सभी लोगों को ज्यादातर काम एक जगह बैठकर ही करने पड़ते हैं, जिसका सीधा अपने शरीर पर पड़ता है।
    इसी कारण, हमें अधिक चलने की कोशिश करनी चाहिए ताकि हमारा वजन अधिक न बढ़े और न ही हमारे शरीर में कमज़ोरी आए।
  • साफ-सफाई का ध्यान रखना- अच्छी सेहत को बनाए रखने का बेहतरीन तरीका साफ-सफाई का ध्यान रखना है।
    ऐसा करने से हम तमाम तरीके से वायरस से बच सकते हैं और साथ ही खुद के बीमार होने की संभावना को भी कम कर सकते हैं।
  • एक्सराइज़ करना- यदि कोई व्यक्ति हर रोज़ कम-से-कम 30 मिनट एक्सराइज़ करता है, तो उसकी सेहत अच्छी बनी रहती है, जिससे वह कम बीमार पड़ता है।
    इस प्रकार, हम सभी लोगों को हर रोज़ एक्सराइज़ करनी चाहिए ताकि हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) बढ़ सके, जो हमारी किसी भी बीमारी से ठीक होने में सहायता कर सके।

खराब सेहत के कारण क्या हैं? Bad health causes in hindi

किसी भी शख्स के लिए सेहत का खराब होना काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि इसका असर उसके साथ-साथ उसके प्रियजनों की ज़िदगियों पर भी पड़ता है।
ऐसे में सभी लोगों को खराब सेहत के निम्नलिखित कारणों की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे अपनी रक्षा कर सकें-

  • नशीले पदार्थों का सेवन करना- खराब सेहत का मुख्य कारण नशीले पदार्थों जैसे शराब, तंबाकू इत्यादि का सेवन करना है।
    इसके अलावा, ऐसे व्यक्ति की भी सेहत खराब हो सकती है, जो शराब का सेवन अधिक मात्रा में करता हो।
  • अनहेल्थी फूड खाना- ऐसा माना जाता है कि हमारे खान-पान का हमारी सेहत पर गहरा असर पड़ता है।
    यह बात खराब सेहत पर सटीक बैठती है क्योंकि खराब सेहत का अन्य कारण अनहेल्थी फूड खाना है।
  • एक्सराइज़ न करना- यदि कोई व्यक्ति एक्सराइज़ नहीं करता है, तो उसकी सेहत खराब हो सकती है।
    इस प्रकार, खराब सेहत के मुख्य कारणों में एक्सराइज़ न करना भी शामिल है।
  • तनाव लेना- खराब सेहत केवल मानव- शरीर तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका संबंध व्यक्ति की मानसिक सेहत से भी है।
    इसी कारण, खराब सेहत का अन्य कारण अधिक तनाव लेना भी होता है।
  • किसी अन्य बीमारी से पीड़ित होना- खराब सेहत का खतरा ऐसे लोगों पर भी रहता है, जिनके परिवार में अन्य व्यक्ति डायबिटीज, हाई बी.पी, दिल संबंधी बीमारी, किडनी की बीमारी इत्यादि बीमारी से पीड़ित हो।
    ऐसे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर अपना हेल्थचेकअप कराना चाहिए।

अच्छी सेहत क्यों जरूरी है? (why is good health needed? in hindi)

जहां एक ओर, खराब सेहत लोगों की ज़िदगियों को दुखदायी बना सकती है, वहीं दूसरी ओर, अच्छी सेहत उनकी ज़िदगियों को खुशियों से भर सकती है।
इस स्थिति में आपके मन में यह सवाल ज़रूर आया होगा कि किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छी सेहत क्यों जरूरी है, तो आपको निम्नलिखित कारणों की जानकारी होनी चाहिए क्योंकि इनमें ही आपके इस सवाल का उत्तर छिपा है-

  • वजन का कंट्रोल में रहना- चूंकि, काफी सारी बीमारियाँ अधिक वजन का नतीजा बन सकती है, इसलिए अच्छी सेहत वजन को कंट्रोल रखने में सहायक साबित हो सकती है।
    ऐसी स्थिति में लोगों के बीमार होने की संभावना काफी कम रहती है, जिससे वे खुशहाल ज़िदगी जी सकते हैं।
  • मूड का अच्छा रहना- अच्छी सेहत का असर व्यक्ति की शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक सेहत पर भी पड़ता है।
    इसकी वजह से व्यक्ति का मूड अच्छा रहता है और वह खुश रहता है।
  • गंभीर बीमारियों के खतरा का कम होना- जहां एक ओर, खराब सेहत गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है, तो वहीं दूसरी ओर, अच्छी सेहत इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
    इस प्रकार, अच्छी सेहत गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने का काम करती है।
  • ऊर्जावान रहना- यदि कोई व्यक्ति अपने शरीर का ध्यान रखता है, तो उसके शरीर में ऊर्जा रहती है।
    इसकी वजह से वह ऊर्जावान (energetic) महसूस करता है, जिससे वह किसी भी काम को तेज़ी से कर पाता है।
  • लंबे समय तक जीवित रहना- अच्छी सेहत का सबसे बड़ा लाभ लोगों की ज़िदगियों पर पड़ता है।
    चूंकि, काफी सारे लोगों की मौत गंभीर बीमारियों के कारण हो जाती है। ऐसे में अच्छी सेहत उनकी ज़िदगी की अवधि को बढ़ा देती है, जिससे वे लंबे समय तक जीवित रह पाते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health)

मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ हमारे भावनात्मक, मनोवेज्ञानिक और सामाजिक कल्याण से है| यह प्रभावित करता है कि हम कैसे सोचते है, महसूस करते है और कार्य करते है| यह ये भी सीमांकित करने में मदद करता है कि हम तनाव कैसे संभालते है| दूसरों से कैसा व्यवहार करते और मिलते है| जीवन के दौरान, यदि हम मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव करते है|  तो आप की सोच, मनोदशा और व्यवहार प्रभावित हो सकते है| इसे अच्छा बनाएं रखने के तरीकें निम्नलिखित है

1. दूसरों से मिलना और उनकी मदद करना|

2. सकारात्मक सोचना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना|

3. पर्याप्त नींद लेना|

4. व्यवहार में प्रसन्ता, शान्ति और सम्रद्धि रखना|

5. मन को संतुलित रखना|

मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल हैं –

1. शारीरिक समस्या –

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जुड़े हुए हैं। यदि पुरानी बीमारी से किसी व्यक्ति की अपने नियमित कार्यों को पूरा करने की क्षमता प्रभावित होती है, तो इससे अवसाद और तनाव हो सकता है। लम्बी बीमारी से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन आ सकता है।

 2. आर्थिक कारण –

पैसों की कमी के कारण अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा न कर पाना मानसिक तनाव का सबसे बड़ा कारण है। धन की समस्याओं के कारण जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं जिसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

3. आनुवंशिकी –

हर व्यक्ति जीन की एक श्रेणी के साथ पैदा होता है, और कुछ लोगों में, एक असामान्य आनुवंशिक पैटर्न उनके मानसिक स्वास्थ्य के स्तर को गिरा  सकता है।इस पर देश काल और वातावरण का प्रभाव भी होता है।

4. शिक्षा का स्तर –

शिक्षा का स्तर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। शिक्षित व्यक्ति का नजरिया किसी तनाव की स्थिति में बेहतर होता है। क्योंकि वह समस्या के बहुत से समाधान निकलने में सक्षम होता है।

 

SHARE