दुबई की जानकारी व दुबई के कानून और दुबई में भारतीयों के लिए क्या है ?

दुबई की जानकारी व दुबई के कानून और दुबई में भारतीयों के लिए क्या है? (Information about Dubai and the law of Dubai and for Indians in Dubai?)

दुबई की जानकारी उन भारतीयों के लिए ज्यादा जरूरी है जो दुबई में पहली बार नौकरी के लिए या घूमने जा रहें हैं, अक्सर वह गार्जियन भी परेशान रहते हैं जिनका बच्चा नौकरी के लिए दुबई गया हो, क्योंकि यह शहर का कानून, इतिहास, भूगोल व संरचना आदि भारत से काफी भिन्न हैं, अगर आप इस लेख को अंत तक पढ़ेंगे तो आपको दुबई के बारे में काफी जानकारी हो जाएगा।

क्या दुबई देश या शहर है?

अक्सर लोगों का यह सवाल  होता है कि दुबई देश है या किसी देश का शहर है, तो आपको बता दूँ कि दुबई एक राज्य (state) है।जी हाँ, संयुक्त अरब अमीरात के सात राज्यों में से एक राज्य दुबई शहर भी है।

दुबई की राजधानी कहां है?

दुबई, संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी नहीं है, अक्सर लोग ऐसा इसलिए सोचते हैं कि दुबई की जनसंख्या संयुक्त अरब अमीरात के सातों राज्यों में सबसे ज्यादा है, संयुक्त अरब अमीरात का राजधानी अबू धाबी है।

दुबई की शासन प्रणाली कैसी है?

दुबई अन्य राज्यों की तरह ही कानून, राजनीति, सैनिक और आर्थिक कार्य एक संघीय ढांचे के अंदर साझा करता है। संयुक्त अरब अमीरात में सात राज्य हैं जिसका नाम आबू धाबी, शारजाह, दुबई, उम्म अल कुवैन, अजमान, फुजईराह और रस अल खैमा है।

हर राज्यों को नागरिक कानून लागू करने, व्यवस्था व स्थानीय सुविधाओं के रखरखाव और देखभाल करने जैसे कुछ कार्यों के लिए क्षेत्राधिकार प्राप्त है। दुबई की शासन प्रणाली संबैधानिक राजतन्त्र है जिसका इमिर मोहम्मद बिन रसिद अल मक्तुम और राजकुमार हमाद बिन मोहम्मद अल मक्तुम हैं।

दुबई का इतिहास

दुबई का इतिहास संयुक्त अरब अमीरात से भी काफी पुराना है, सोलहवीं शताब्दी में तुर्क साम्राज्य जबकि 17 वी शताब्दी में बानी यास का शासनकाल था। 1873 से लेकर 1947 तक यह देश ब्रिटिश भारत के द्वारा संचालित होता था। उसके बाद से 2 दिसम्बर 1971 तक लंदन के विदेश विभाग से संचालित होता था, 2 दिसंबर को दुबई का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 19 वीं सदी के शुरुआत में ही बनी यास के वंशके अल अबू फालसा परिवार ने दुबई की स्थापना की थी, अल मक्तुम को दुबई का संस्थापक माना जाता है। इतिहास के पन्नों में भी दुबई एक व्यापार केंद्र हुआ हैं।

दुबई के मुख्य सड़कें

1. E 11 (शेख जायद रोड)
2. E 311 (अमीरात रोड)
3. E 44 (दुबई-हट्टा राजमार्ग)
4. E 77 (दुबई अल हबाब रोड)
5. E 66 (ओउद मेथा रोड) –
6. 89 (अल मकतौम रोड/हवाई अड्डा रोड)
7. 85 (बनियास रोड)
8. 75 (शेख राशिद रोड)
9. 73 (अल धियाफा रोड)
10. 94 (जुमेरह रोड)
11. 92 (अल ख़लीज/अल वस्ल रोड)

यातायात के हिसाब से दुबई को इन दिनों दुनिया का सबसे बेहतर शहरों में चुना जाता है, यहां के हवाई अड्डे, पोर्ट या रोड की व्यवस्था बहुत ही बेमिसाल हैं। 70 किलोमीटर ट्रैक मेट्रो ट्रेन आपका खूब मनोरंजन करेगा, मोनोरेल, ट्राम, नाव और टेक्शी आपके सफर को और चार चांद लगा देता है।

दुबई के कानून को जरूर जान लें:-

दुबई के कानून को इंटरनेट पर बहुत सर्च होता है, क्योंकि वाकई दुबई के कुछ कानून दुनिया से बिल्कुल अलग है खास करके भारत से।
आपको बता दूं कि दुबई की शासन प्रणाली संबैधानिक राजतन्त्र और यहां पर सरिया (इस्लामिक) कानून लागू है, इसलिए आपको कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है वरना आप को जेल जाना पड़ सकता है।

1. इंटरनेट पर कानून (Law on the internet)

यहां के सरकार एवं राजघरानों पर किसी तरह का अभद्र कमेंट करना भी गैरकानूनी माना जाता है, चाहे वह सोशल मीडिया ही क्यों ना हो दोनों ही स्थिति में गुनाह माना जाता है, प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर के इंटरनेट पर तमाम वेबसाइट की जाँच की जाती है जिसे देश के मूल्यों के साथ सही नहीं समझा जाता है उसे हटा दिया जाता है।
डेटिंग, समलैंगिक, अश्लील, बहाई विश्वास, इज़राइल और संयुक्त अरब अमीरात की आलोचना करने वाली वेबसाइट को बैन कर दिया जाता है।

2.गाड़ियों के स्पीड पर सख्त कानून (Strict laws on speed of trains)

दुबई, आपने तस्वीरों में देखा होगा कि यहां के रोड काफी अच्छे होते हैं, लेकिन यहां पर आप देखेंगे कि हर पॉइंट पर स्पीड लिमिट लिखा है, हर रोड पर वहां पर स्पीड रेंज लगा होता है आपको उसी स्पीड रेंज के बीच गाड़ी चलाना होता है, ज्यादा स्पीड या कम स्पीड पर चलाने पर दोनों कंडीशन में सजा हो सकता है, जैसे ही आप स्पीड लिमिट को क्रॉस करेंगे तो ऑटोमेटिक कैमरा आपको स्क्रीन करेगा और कुछ ही पलों में पुलिस आपके पास पहुंच जाएगी।

3.दुनिया का सबसे हाईटेक पुलिस (World’s High-tech Police)

दुबई की पुलिस को दुनिया का सबसे हाईटेक पुलिस माना जाता है, जिसके पास दुनिया के सबसे अत्याधुनिक हथियारों के साथ सबसे महँगी कारे भी होते हैं।
BMW, Mercedes की कारे पुलिस के पास होती है जो कि किसी भी सातिर चोर को पकड़ने के लिए काफी होता है।
लगभग हर सार्वजनिक जगहों पर केमरे लगे होते हैं, जिसका कंट्रोल पुलिस के ऑफिस में होता है और सारे पुलिस ऑफिसर GPS से लैस होते हैं, कोई भी बड़े से बड़ा क्रिमिनल 10 से 15 मिनट में ही पकड़ा जाता है।
दुबई के कानून जानकर घबराएं नहीं यह कानून आपकी सुविधा के लिए ही बनाया गया है, यही कारण है कि इस शहर में कोई अपराधिक घटना जल्दी नहीं होती है।

4. थूकना और गंदगी पर कानून

दुबई को दुनिया के साफ़ शहरों में गिना जाता है, अगर कोई रोड पर थूक दे या गंदगी फैला दे तो उसे पुलिस पकड़ कर जेल में डाल देती है, या उसे भारी जुर्माना भरना पड़ता है।

5. मीडिया (Media)

2006 में एटीसलत, सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार प्रदाता, की दुबई में अन्य दूरसंचार सेवाओं की स्थापना से पहले, छोटी दूरसंचार कंपनियों जैसे अमीरात इंटीग्रेटेड टेलिकम्युनिकेशंस कम्पनी (E.TC – डू (Du) नाम से लोकप्रिय) का स्वामित्व था। इंटरनेट को संयुक्त अरब अमीरात (इसलिए दुबई) में 1995 में पेश किया गया था। मौजूदा नेटवर्क 6 GB की बैंडविड्थ साथ में 50,000 डायलअप और 150,000 ब्रॉडबैंड पोर्ट से समर्थित है। दुबई में देश के चार में से दो डीएनएस डेटा सेंटर  हैं।

इंटरनेट सामग्री दुबई में विनियमित है। एटीसलत इंटरनेट की सामग्री को एक प्रॉक्सी सर्वर के उपयोग से छानता है जिसको देश के मूल्यों के साथ असंगत समझा जाता है, जिसमे प्रॉक्सी को दरकिनार करने, डेटिंग, समलैंगिक नेटवर्क, अश्लील साहित्य, बहाई विश्वास की वेबसाइट, इज़राइल की वेबसाइट और यहां तक संयुक्त अरब अमीरात की आलोचना करने वाली वेबसाइट शामिल है। अमीरात मीडिया और इंटरनेट (एटीसलत की एक इकाई) ने यह देखा कि 2002 में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में 76% लोग पुरुष थे। इंटरनेट उपयोगकर्ता में 60% एशियाई और 25% अरब थे। दुबई ने 2002 में एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन और कॉमर्स विधि (Law) बने जो डिजिटल हस्ताक्षर और इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर के बारे में थे। यह इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISPs) को सेवा प्रदान करने में मिली जानकारी बताने से प्रतिबंधित करता है। दंड संहिता में भी कुछ प्रावधान हैं, तथापि साइबर अपराध या डेटा संरक्षण को संबोधित नहीं करता।

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