डाटा क्या है और डाटा के प्रकार क्या है?

what is data

अगर आप कंप्यूटर का उपयोग करते है तो “Data” शब्द आपने सुना ही होगा। डाटा कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण अंग है जिस पर सारा कार्य होता है। डाटा कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट किया जाता है। CPU का कार्य डाटा को प्रोसेस करना होता है।

डाटा का मतलब होता है किसी भी तरह की जानकारी यानि इनफार्मेशन और सूचना। डाटा (Data) कुछ भी हो सकता है जैसे: फाइल, वीडियो, सॉन्ग, फोटो, टेक्स्ट, इत्यादि। लगभग सभी चीजें डाटा के अंदर आता है। जैसे मान लीजिए आप कंप्यूटर पर कोई फाइल तैयार कर रहे हैं उसमें आपने कुछ टाइप किया है फोटो भी उपयोग किया है वीडियो इत्यादि।

डाटा क्या है? (What is Data)

डेटा विभिन्न रूपों में मौजूद हो सकता है – कागज पर नंबर्स या टेक्‍स्‍ट के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी में स्‍टोर बिट्स और बाइट्स के रूप में, या किसी व्यक्ति के दिमाग में स्‍टोर तथ्यों के रूप में। 1900 के दशक के मध्यसे, लोगों ने शब्द डेटा का उपयोग कंप्यूटर इंफॉर्मेशन के लिए किया है जो ट्रांसमिट या स्‍टोर होती है।

कंप्यूटर डेटा को एक कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस कि गई या स्‍टोर कि गई इनफॉर्मेशन है। यह इनफॉर्मेशन टेक्स्ट डयॉक्‍युमेंटस्, इमेजेज, ऑडियोक्लिप, सॉफ्टवेयर प्रोग्राम, या अन्य प्रकार के डेटा के रूप में हो सकती है।कंप्यूटर डेटा को कंप्यूटर के सीपीयू द्वारा प्रोसेस किया जा सकता है और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क पर फ़ाइलों और फ़ोल्डर्स में स्‍टोर किया जाता है।

कंप्यूटर में डाटा कैसे स्टोर किया जाता है?

कंप्यूटर वीडियो, इमेजेज, साउंड और टेक्‍स्‍ट सहित डेटा को रिप्रेजेंट करते हैं, बाइनरी वैल्‍यू के रूप में केवल दो संख्याओं के पैटर्न 1 और 0 का उपयोग करते है।

डेटा का सबसे छोटा यूनिट एक बिट है, और यह केवल एक ही वैल्‍यू को रिप्रेजेंट करता है। एक बाइट आठ बाइनरी डिजिट लंबा होता है। स्‍टोरेज और मेमोरी को मेगाबाइट्स और गीगाबाइट्स में मापा जाता है।

डेटा को मापने के यह यूनिट बढ़ते रहते हैं क्योंकि जमा और स्‍टोर किया गया डेटा बढ़ता रहता है। उदाहरण के लिए तुलनात्मक रूप से नया शब्द”ब्रोंटोबेट” डेटा स्टोरेज के लिए है, जो बाइट्स की 27वीं पॉवर के 10 के बराबर है।

कंप्यूटर में डेटा का प्रत्येक कंटेंट एक संख्या के रूप में स्‍टोर किया जाता है। उदाहरण के लिए, अक्षरों को संख्याओं में कन्‍वर्ट कर दिया जाताहै, और तस्वीरों को संख्याओं के एक बड़े सेट में कन्‍वर्ट कर दिया जाताहै जो प्रत्येक पिक्सेल के कलर और ब्राइटनेस को इंडिकेट करते हैं।

नंबर्स को फिर बाइनरी नंबर्स में कन्‍वर्ट कर दिया जाता है। पारंपरिक संख्याएं सभी संभावित वैल्‍यू का प्रतिनिधित्व करने के लिए 0-9 अंकों का उपयोग करती हैं। सभी संभावित वैल्‍यूज का प्रतिनिधित्व करने के लिए बाइनरी संख्या दो अंक, 0 और 1 का उपयोग करती है।

डाटा प्रोसेसिंग क्या है? (What Is Data Processing)

डाटा प्रोसेसिंग क्या है सरल शब्दों में कहें तो डाटा की महत्वता के आधार पर किया जाने वाला विश्लेषण डाटा प्रोसेसिंग होता है। कंप्यूटर की भाषा में जो डाटा होता है उसे हम डायरेक्ट नहीं पढ़ सकते। तथा उस डाटा को मनुष्य द्वारा समझने योग्य बनाने के लिए उस डाटा से इंफॉर्मेशन (सूचनाएं) निकाली जाती है। तो इस प्रक्रिया को ही डाटा प्रोसेसिंग (data processing) कहते हैं।

A. Input Data, B. Data Processing, C. Output Data

A. Input Data – डाटा इनपुट करने के लिए सबसे पहला स्टेप “Data Collection” होता है। इसमें डाटा को विभिन्न Sources से Collect किया जाता है। इनपुट करने से पहले जुटाया हुआ डाटा को वेरीफाई किया जाता है। इससे डाटा के सही या गलत होने का पता चलता है। डाटा इनपुट करने पर वह कंप्यूटर में बाइनरी कॉड्स (0,1) में जाता है। इससे कंप्यूटर डाटा को पढ़ पाते है। अब डाटा कंप्यूटर की मैमोरी में स्टोर होता है।

B. Data Processing – यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है, इसी स्टेप से डाटा उपयोगी इंफॉर्मेशन में कन्वर्ट होता है। कंप्यूटर में यह कार्य CPU के द्वारा किया जाता है।

सबसे पहला कार्य डाटा का क्लासिफिकेशन करना होता है। डाटा को ग्रुप में बांटा जाता है। इससे डाटा समझना और भी आसान हो जाता है। इसके बाद डेटा को Sort करते है- मुख्यतः “Ascending or Descending”। इसके बाद डाटा पर कैलकुलेशन का कार्य करते है। डाटा में अगर कही पर फॉर्मूला लगाने की जरूरत है तो वहां पर कैलकुलेशन की जाती है। प्रोसेसिंग में अंतिम चरण डाटा संक्षेप करना होता है।

C. Output Data – इस प्रक्रिया में डाटा को जानकारी के रूप में आउटपुट दिया जाता है। प्रोसेसिंग के बाद प्राप्त डेटा को Information कहते है। आउटपुट को हार्डडिस्क में स्टोर भी किया जा सकता है। स्टोर की हुई इन्फॉर्मेशन को आप कभी भी वापस पढ़ सकते है।

डाटा के प्रकार क्या है? (Types Of Data)

1. न्यूमेरिकल डाटा (Numerical)-  कंप्यूटर में जो डाटा हमें दिखाई देता है। वह संख्यात्मक रूप में होता है न्यूमेरिकल डेटा में 0 से लेकर 9 तक की संख्याएं होती है! न्यूमेरिकल डाटा को सांख्यिकीय डाटा भी कहा जा सकता है क्योंकि यह आंकड़े दर्शाते हैं।

उदाहरण के लिए जब हम कंप्यूटर पर एक्सेल शीट पर किसी time, height, width अमाउंट के रूप में मामले को इंटर करते हैं! तो इस डाटा को हम माप (measure) सकते हैं। अतः संक्षेप में कहें तो जब हम डाटा के लिए संख्याओं का उपयोग करते हैं तो न्यूमेरिकल डाटा का इस्तेमाल होता है।

2. लेटर डाटा (Letters)- हम आम तौर पर कंप्यूटर में डिस्प्ले लैंग्वेज को समझकर विभिन्न कार्य को पूरा करते हैं। इसलिए किसी भी भाषा हिंदी या इंग्लिश उर्दू या किसी भी भाषा के लिए अक्षर डाटा का इस्तेमाल होता है। अतः हम कह सकते हैं कि लेटर डाटा कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए बेहद जरूरी है।

3. अल्फ़ान्यूमेरिक डेटा (Alpha Numerica Data)- अल्फा न्यूमैरिक डाटा इस डाटा को हिंदी में अक्षरांकीय आँकड़ा डाटा कहा जाता है! अल्फा न्यूमैरिक डाटा में नंबर तथा letters दोनों शामिल होते हैं! अल्फा न्यूमैरिक डाटा का इस्तेमाल आमतौर पर मजबूत पासवर्ड बनाएं। कैप्चा भरने के लिए भी किया जाता है।

अल्फान्यूमैरिक डाटा 1a2b3c इस प्रकार दिखाई देता है। यह छोटे पात्र का बना होता है, जो कि संख्याएं तथा अक्षर दोनों से मिलकर बना होता है।

4. ऑडियो डेटा (Audio Data)- ऑडियो डाटा कंप्यूटर के लिए तथा स्मार्टफोन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है! यह डाटा ऑडियो के माध्यम से ध्वनि उत्पन्न करते हैं। इस तरह के डाटा में गाने तथा रिकॉर्डिंग शामिल होती है। जिन्हें हम केवल सुन सकते हैं परंतु देख नहीं सकते इसके कुछ फॉर्मेट जैसे MP3, wav आदि होते हैं।

5. वीडियो डेटा (Video Data)- आप भी कई प्रकार की वीडियो देखते होंगे। वह डाटा जो वीडियो डिस्प्ले करने के लिए इस्तेमाल होता है! वह वीडियो डाटा होता है। डिजिटल वीडियो एक इलेक्ट्रॉनिक प्रेजेंटेशन होती है। वीडियो डाटा के एन्कोडिंग फॉर्मेट्स में MP4, webm, mkvआदि फॉर्मेट शामिल होते हैं।

6. ग्राफिकल डाटा (Graphical Data)- वह डेटा जो वीसुल इमेज के रूप में होता है। कंप्यूटर में ग्राफिकल डाटा का विशेष महत्व है जिसकी सहायता से चीजों को वर्तमान तथा समझने में सहायता मिलती है।

डाटा के व्यापार में फ़ायदे क्या है? (Benefits Of Data) 

1. समस्याओं का समाधान (Solve Problems)- व्यापार में data के जरिए आप पता कर सकते हैं कि आपकी प्रोडक्ट या सर्विस में क्या दिक्कतें आ रही है। और आप इन दिक्कतों को कैसे solve कर सकते हैं उदाहरण के लिए यदि कोई प्रोडक्ट लोगों के लिए फायदेमंद नहीं हो रहा है। तो ऐसी स्थिति में लोगों के reviews आपको उस प्रोडक्ट को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जिससे कि ग्राहक को अंत में एक बेहतर सर्विस प्रदान होती है। अतः डाटा कस्टमर संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण साधन है।

2. सही ग्राहक तक पहुँचें (Reach to Right Customer)- डाटा किसी व्यापार में मार्केटिंग प्रयासों को बढ़ाने में मदद करता है! तथा यह आपको अपने उन ग्राहकों तक पहुंचाने में सहायता करते हैं जो वाकई आपकी products & services को लेना चाहते हैं।

उदाहरण के लिए यदि आप अपनी वेबसाइट के जरिए प्रोडक्ट तथा सेवाओं को sell करते हैं। तो आप उसके अंतर्गत प्राप्त data के अनुसार पता कर सकते हैं कौन से लोकेशन के लोग,किस समय पर आपके सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।तथा इन आंकड़ों को मापने के बाद आप सही दिशा में उचित मॉर्केटिंग प्रयास कर सकते हैं।

3. सोशल मीडिया में व्यस्तता (Engagement in Social Media)-  वर्तमान समय में अधिक से अधिक लोग फेसबुक इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यदि आप अपने व्यापार कि पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। तो सोशल मीडिया आपकी सहायता करता है।

सोशल मीडिया में व्यापार हेतु interaction को ट्रैक करने में डाटा अपनी सहायता करता है। जिससे आप सोशल मीडिया में यूजर्स के व्यवहार, इंटरेस्ट आदि को पता कर सकते हैं। तथा यह डेटा का विश्लेषण आपके लिए सोशल मीडिया फायदेमंद होता है।

4. रुझान उत्पाद और सेवाओं की भविष्यवाणी (Predict of Trends Product & Services)- इसके अलावा डाटा आपके व्यापार में प्रोडक्ट एवं सर्विसेज को भविष्य के trends (प्रचलन) को समझने में मदद करता है। अर्थात data आपको बताता है कि भविष्य में आपके कौन-कौन से प्रोडक्ट सर्विसेज की sell अधिक होगी।

इसका फायदा यह है कि आप पहले से ही अपने प्रोडक्ट एंड सर्विसेज को मार्केट में पूरी तैयारी के साथ लांच करने के लिए तैयार रहेंगे। तथा अपने उन प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज को लोगों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

5. समस्याओं को समझने और हल करने में मदद करें (Help to Understand & Solve Problems)- डाटा आपके व्यापार में sells तथा अन्य समस्याओं से सुलझने में सहायता करता है। महीने के अंत में डाटा के जरिए आप पता कर पाते हैं की इस महीने प्रोडक्ट एंड सर्विसेज में या आपके द्वारा मार्केटिंग में कहां कमियां हो रही है। तथा उसे सुधार कर आपको अगले महीने दोबारा मार्केट में खड़ा होने में सहायता करता है।

इसके अलावा इस डिजिटल वर्ल्ड में व्यापार के लिए डाटा के अनेक लाभ हैं। अतः आप कह सकते हैं कि बिना डाटा के ऑनलाइन मॉर्केटिंग करना आंख बंद करके निशाना मारने जैसी स्थिति होती है।

यह तो हमने बात की डेटा की वर्तमान समय में व्यापार में। लेकिन यदि हम डाटा का इस्तेमाल देखें तो हर जगह डाटा का इस्तेमाल हमारे रोजमर्रा के जीवन में होता है। डाटा का इस्तेमाल स्कूल, अस्पतालों विज्ञान तथा विभिन्न क्षेत्रों के लिए डाटा का इस्तेमाल होता है।

उदाहरण के लिए हम डाटा के जरिए ही है पता कर पाते हैं कि आप हमारी वेबसाइट में कितने मिनट तक आर्टिकल पढ़ते हैं तथा कितनी देर तक इस वेबसाइट को ओपन करते हैं। ऑनलाइन हो या ऑफलाइन जिंदगी डाटा बेहद महत्वपूर्ण है।

डाटा का इतिहास क्या है? (History Of Data)

1640 ई० में पहली बार इंग्लिश में डाटा शब्द का इस्तेमाल किया गया। उसके बाद कंप्यूटर की दुनिया के लिए डाटा शब्द का इस्तेमाल पहली बार वर्ष 1946 में कंप्यूटर के डाटा को store एवं ट्रांसफर करने हेतु किया गया।

जबकि डाटा प्रोसेसिंग शब्द का इस्तेमाल पहली बार 1954 में किया गया। तो आज के इस लेख में इतना ही, उम्मीद है इस लेख को पढ़ने के बाद आपको डाटा से संबंधित कई जानकारियां प्राप्त हुई होंगी।

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