प्रिंटर क्या है? प्रिंटर किनते प्रकार के होते है।

what is a printer what are the types of printers

प्रिंटर एक इलेक्ट्रॉनिक आउटपुट डिवाइस है। जिसका उपयोग डिजिटल जानकारी & पिक्चर को पेपर पर छापने(प्रिंट) के लिए किया जाता है। यह कंप्यूटर का एक्सटर्नल आउटपुट डिवाइस होता है। या आप ऐसे भी समझ सकते है की प्रिंटर सॉफ्ट कॉपी को हार्ड कॉपी में बदल देता है। प्रिंटर को कंप्यूटर के साथ केबल दुवारा जोड़ा जाता है।  लेकिन आज के टाइम में कई डिजिटल डिवाइस जैसे टेबलेट स्मार्ट फ़ोन, कम्प्यूटर इत्यादि।प्रिंटर फीचर्स को सपोर्ट करते है जिससे हम ब्लूटूथ, Wifi और क्लाउड टेक्नोलॉजी से प्रिंटर का इस्तेमाल कर सकते है।

ऑफिस, घरों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों पर प्रिंटर का प्रयोग चिञ, ऑफिस डाक्‍यूमेंट को प्रिंट करने के लिये किया जाता है। साधारण तौर पर प्रिंटर कंप्‍यूटर के साथ एक डाटा केबल से जुडा रहता है और किसी भी एप्‍लीकेशन से Ctrl+P कमांड देने पर वह आपको प्रिंट दे देता है।

लेकिन आजतक प्रिंटर के साथ नई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। जिसमें वायरलैस प्रिंटिग मुख्‍य है। इसमें प्रिंटर को वाई-फाई और क्‍लाउड से जोडा जाता है। जिससे दूर बैठे ही आप प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं। क्‍लाउड तकनीक से आप मोबाइल से भी प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं और प्रिंट निकाल सकते हैं।

प्रिंटर के प्रकार (Types of Printer)

आप ने देखा होगा कि बाजार में हर दुकान में लगभग अलग-अलग प्रिंटर होते हैं। यानी कि सभी प्रिंटर एक जैसे नहीं होते। अब जब सभी प्रिंटर एक जैसे नहीं होते तो उनकी कार्यशैली भी अलग-अलग होती है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे प्रिंटर के कई सारे प्रकार है।

प्रिंटर की दो मुख्य Impact Printer और Non-impact Printer कैटेगरी है और उस कैटेगरी के Under ही प्रिंटर के कई सारे प्रकार है।

    • Impact Printer
    • Dot-matrix Printer
    • Daisy-Wheel Printer
    • Drum Printer
    • Non-impact Printer
    • Inkjet Printer
    • Laser Printer
इम्पैक्ट प्रिंटर क्या है  (Impact Printer)

एक इम्पैक्ट प्रिंटर एक प्रकार का प्रिंटर है। जो कागज के साथ एक स्याही रिबन के सीधे संपर्क द्वारा काम करता है। एक धातु या प्लास्टिक का सिरा स्याही रिबन से टकराता है। जिससे रिबन को कागज पर दबाया जाता है और वांछित चरित्र पत्र, अंक, बिंदु, रेखा आदि को शीट पर छापा जाता है. इम्पैक्ट-प्रिंटर के उदाहरण प्रिंटर निम्न है।

  • डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर
  • डेज़ी-व्हील प्रिंटर
  • ड्रम प्रिंटर
डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर क्या है (Dot-matrix Printer)

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर धीमी गति का इम्पैक्ट प्रिंटर है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर एक बार में एक कैरेक्टर प्रिंट करता है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर में एक हेड होता है जो बायें से दायें व् दायें से बायें घूमता है। इसके प्रिंटर हेड में कुछ छोटे छोटे हथौड़े होते हैं. जो स्याही लगे रिबन पर प्रहार कर कैरेक्टर उभारते हैं।

कार्बन की सहायता से एक बार में कई प्रतियां निकली जा सकती हैँ। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर का प्रारंभिक मूल्य और प्रति कॉपी ख़र्च कम होता है पर प्रिंट की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर का उपयोग वर्तमान में काफी कम हो गया है. मुख्यता बैंकों तथा रेस्टोरेंट्स में प्रिंटिंग के लिए ही इनका अब उपयोग होता है।

डेज़ी-व्हील प्रिंटर क्या है (Daisy-Wheel Printer)

डेज़ी व्हील प्रिंटर का आविष्कार 1969 में हुआ था। इस प्रिंटर में डेज़ी के फूल के सामान एक गोल पहियानुमा संरचना होती है। यह प्रिंटर बॉल-हेड टाइपराइटर के सिद्धांत पर ही काम करता है। डेज़ी व्हील का चक्र प्लास्टिक अथवा मेटल का बना होता है. जिसके बाहरी किनारे पर शब्द होते है।

एक शब्द को प्रिंट करने के लिए, प्रिंटर चक्र को तब तक घुमाता है। जब तक की वो अक्षर पेपर के सम्मुख न आ जाये। इसके पश्चात एक हथोड़े से चक्र पर प्रहार किया जता है। इस बलपूर्वक प्रहार से चक्र पर बना शब्द स्याही युक्त रिब्बन पर दबाव डालता है। और अक्षर कागज़ पर मुद्रित हो जाता है। डेज़ी व्हील प्रिंटर से चित्रों को प्रिंट नहीं किया जा सकता है। डेज़ी व्हील प्रिंटर 10 से 75 अक्षर प्रति सेकंड प्रिंट कर सकता है।

ड्रम प्रिंटर क्या है। (Drum Printer)

जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की इस प्रिंटर को ड्रम प्रिंटर कहा जाता है। क्योंकि इसका आकार ड्रम के समान ही होता है। ड्रम की सतह पटरियों में विभाजित होती है। तथा इन सतहों पर अक्षर मुद्रित होते है। प्रिंट करने के लिए ड्रम तेज गति से घूमता है। प्रत्येक प्रिंट पोजीशन के विपरीत पेपर के पीछे एक प्रिंट हथौड़ा होता है।

इस हथोड़े से कागज पर, स्याही युक्त रिब्बन के साथ जो भी अक्षर प्रिंट करना होता है। उस पर चोट की जाती है। प्रत्येक लाइन को प्रिंट करने के लिए ड्रम का एक चक्कर लगता है। अर्थात एक लाइन में अक्षर एक साथ प्रिंट नहीं होते है। परन्तु यह सब इतनी गति से होता है। की इसे लाइन प्रिंटर की श्रेणी में ही रखा जाता है। ड्रम प्रिंटर की औसतन गति 300 से 2000 लाइन्स प्रति मिनट होती है।

नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (Non-impact Printer)

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर में प्रिंट लेजर प्रिंटिंग के माध्यम से की जाती है। यानी कि प्रिंट हेड और कागज का एक दूसरे से संबंध सीधी तरीके से नहीं होता है। इस प्रिंटिंग की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है। आधुनिक युग में ज्यादातर इन्हीं प्रिंटर का उपयोग किया जाता है। इन प्रिंटर में छपाई के लिए स्प्रे व अन्य इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है। नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर के उदाहरण  है।

    • इंक-जेट प्रिंटर
    • लेज़र प्रिंटर
इंकजेट प्रिंटर क्या है। (Inkjet Printer)

इंकजेट प्रिंटर एक नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर है। जिसमे स्याही की बॉटल रखी जाती है। इंकजेट प्रिंटर में एक प्रिंट हेड होता है। जिसमे 64 छोटे-छोटे जेट नोजल हो सकते हैं। इसमें विद्युतीय क्षेत्र के प्रभाव द्वारा स्याही की बूदों को जेट की सहायता से कागज पर छोड़ा जाता है। जिसके द्वारा कैरेक्टर और आकृतियां प्राप्त की जाती हैं।

यह प्रिंटर इंक की छोटी छोटी बूंदों को कागज पर सम्मलित रूप से फैलाकर आउटपुट प्रदर्शित किया जाता हैं। यह एक बार मे एक लाइन को प्रिंट करता हैं। सामान्यत ये रंगीन इंक वाला प्रिंटर होता हैं। इसका मूल्य भी अन्य प्रिंटर की अपेक्षा कम होता हैं।

लेजर प्रिंटर क्या है (Laser Printer)

लेज़र प्रिंटर कम्प्यूटर प्रिंटर का एक आम प्रकार है। जो तीव्र गति से किसी सादे कागज़ पर उच्च गुणवत्ता वाले अक्षर और चित्र उत्पन्न करता है। डिजिटल फोटोकॉपियर्स या बहु-कार्यात्मक प्रिंटर्स की ही तरह लेज़र प्रिंटर में भी एक ज़ेरोग्राफिक प्रिंटिंग प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है।

लेकिन यह एनालॉग फोटोकॉपियर्स से इस रूप में अलग होता है। कि प्रिंटर के फोटोकॉपियर पर एक लेज़र किरण की प्रत्यक्ष स्कैनिंग के द्वारा छवि उत्पन्न की जाती है।

एक लेज़र किरण प्रिंट किये जाने वाले पृष्ठ का एक चित्र घूमते हुए विद्युतीय रूप से आवेशित ड्रम, जिस पर सेलेनियम की परत चढ़ी होती है, पर प्रक्षेपित करती है। प्रकाश-चालकता उन क्षेत्रों से आवेश को हटा देती है। जिन पर प्रकाश पड़ रहा हो।

तब सूखी स्याही (टोनर) के कणों को ड्रम के आवेशित क्षेत्रों द्वारा विद्युतीय रूप से उठाया जाता है। इसके बाद ड्रम प्रत्यक्ष संपर्क और उष्मा, जो स्याही को कागज़ पर मिलाती है। उसके द्वारा छवि को कागज़ पर प्रिंट करता है।

प्रिंटर के अन्य प्रकारों की तुलना में लेज़र प्रिंटर के अनेक महत्वपूर्ण लाभ हैं। इम्पैक्ट प्रिंटरों के विपरीत, लेज़र प्रिंटर की गति में व्यापक अंतर हो सकता है। और यह अनेक कारकों पर निर्भर होती है। जिनमें किये जा रहे कार्य की रेखाचित्रीय तीव्रता शामिल है। सबसे तेज़ गति वाले मॉडल प्रति मिनट एक रंग वाले 200 से अधिक पृष्ठ मुद्रित कर सकते हैं।

सबसे तेज़ गति वाले रंगीन लेज़र प्रिंटर प्रति मिनट 100 से अधिक मुद्रित कर सकते हैं। अत्यधिक उच्च-गति वाले लेज़र प्रिंटरों का प्रयोग निजीकृत दस्तावेजों, जैसे क्रेडिट कार्ड या सुविधा-बिलों, के सामूहिक प्रेषण के लिये किया जाता है। और कुछ वाणिज्यिक अनुप्रयोगों में इनकी प्रतिस्पर्धा लिथोग्राफी से है।

एक ड्युप्लेक्सिंग प्रिंटर ऐसा प्रिंटर, जो कागज़ के दोनों ओर मुद्रण करता है। कागज़ की लागत आधी कर सकता है। और फाइल के आयतन को घटा सकता है। ड्युप्लेक्सर, जो कि पहले केवल उच्च श्रेणी के प्रिंटरों में ही उपलब्ध थे। अब मध्यम-श्रेणी के प्रिंटरों में भी आम हैं। हालांकि सभी प्रिंटर एक ड्युप्लेक्सिंग इकाई को समाहित नहीं कर सकते। ड्युप्लेक्सिंग में कागज़ के लंबे पथ के कारण पृष्ठ-मुद्रण की गति धीमी भी हो सकती है।