कमर दर्द के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार क्या है। (What Are The Causes, Symptoms, Treatment And Home Remedies For Back Pain)

कमर दर्द के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार क्या है।

कमर दर्द (Back Pain) या पीठ दर्द की समस्या से अक्सर काफी लोग परेशान रहते हैं। यह समस्या लोगों में बहुत कॉमन है। कमर दर्द या पीठ दर्द की समस्या सबसे ज्यादा 40 साल की उम्र के बाद शुरू होती है। लेकिन एक शोध की मानें तो यह समस्या पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होती है और उनमें यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान की वजह से कमर दर्द की समस्या में तमाम महिलाएं जूझ रही हैं। महिलाओं में यह समस्या पीरियड्स और प्रेगनेंसी के दौरान सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा महिलाओं में कमर दर्द की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। अधिकतर महिलाऐं कमर दर्द की समस्या से बचने के लिए तमाम प्रकार की दवाओं का सेवन करती हैं लेकिन इस समस्या से पूरी तरह आराम नहीं मिलता है।

रीढ़ की हड्डी यानि स्पाइनल कोर्ड हमारे शरीर का आधार होती है। अगर ये स्वस्थ है तभी आप भी स्वस्थ रह सकता हैं। लेकिन कई बार हम इसकी देखभाल करना भूल जाते हैं। यही कारण है कि हर वर्ग के लोगों को कमर और पीठ दर्द कि शिकायत होती है। आजकल ये आम बात हो गयी है। इसे स्वस्थ रखने के लिए न सिर्फ खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है बल्कि सही पोस्चर में बैठने और योग, एक्सरसाइज करने की भी जरूरत है।

कमर दर्द क्यों होता है? (Why Back Pain)

कमर दर्द के सामान्य कारणों में शामिल है, मांसपेशियों का खिंचाव, मांसपेशी में ऐंठन और कई कारण होते हैं। ऐसा काम जो ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में बैठकर करना पड़े या जिसमें हाथों का ज्यादा प्रयोग हो वे कमर दर्द की वजह बन सकते हैं। शरीर में मेटाबोलिक रसायनों की कमी कमर दर्द की तकलीफ दे सकती है। गलत तरीके से उठना, बैठना, चलना-फिरना, टीबी, एंकाइलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस और रोजाना व्यायाम न करना भी इसके कारण हैं।

    • अत्यधिक कुर्सी पर बैठकर काम करने से।
    • गलत मुद्रा में सोने से।
    • कही पर गिरने से।
    • कमर में चोट लगने पर।
    • गलत दवाओं का असर होना।
    • मांसपेशियो में खिचाव होना।
    • महिलाओं को मासिक-धर्म के दौरान।
कमर दर्द किसके कारण होता है? (What Causes Back Pain)
  • नींद में अलग अलग स्थिती में सोने कारण कमर दर्द होता है। कमर दर्द की शिकायत नहीं रहे इसलिए कोशिश करे पीठ की तरफ से सीधा मुद्रा में  सोये जिससे कमर दर्द की समस्या नहीं होगी।
  • आपका कमर दर्द आपके सोने वाले गद्दे से भी होता है क्योकि मोटे नर्म गद्दे पर सोने के कारण कमर में दर्द होता है। आप चौड़ा कठोर गद्दो का उपयोग कर सकते है जिससे कमर दर्द नहीं होगा।
  • व्यक्ति के अधिक तनाव लेने के कारण शरीर के मस्तिक में दर्द होता है और मस्तिष्क का तंत्र सभी कोशिकाओं से जुड़ा हुआ है इस कारण कमर दर्द हो सकता है।
  • व्यक्ति के शरीर में अधिक वसा चर्बी के जमाव के कारण शरीर की मांसपेशियो में दर्द पैदा होता है जिससे कमर दर्द होता है। मोटापा कम करने से कमर दर्द की शिकायत नहीं होगी।
  • हड्डियों का कमजोर होने के कारण कमर दर्द होता है। हड्डियों को मजबूत करने लिए कुछ योगा, व्यायाम व खान-पान में बदलाव करना चाहिए और खाने के साथ कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करना चाहिए।
कमर दर्द कितने प्रकार का होता है? (What Are The Types Of Back Pain)
  • मैकेनिकल – यह दर्द रीढ़, इंटरवर्टेब्रल डिस्क या नरम ऊतकों के कारण हो सकता है। यह आमतौर पर स्पाइनल स्टेनोसिस रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना या स्लिप डिस्क स्पाइन को सहारा देने वाली डिस्क में से किसी एक का क्षतिग्रस्त होकर अपनी जगह से निकलना जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। यह दर्द 4 से 6 हफ्तों तक रह सकता है।
  • इन्फ्लेमेटरी – जो मुख्य रूप से सूजन के कारण स्पोंडिलारोथ्रोपथिस जोड़ों से संबंधित पुरानी बीमारी का समूह) के कारण होता है। यह दर्द पुराना होता है और यह स्पॉन्डिलाइटिस रीढ़ की हड्डी में सूजन जैसी बीमारी के कारण भी हो सकता है।
  • ऑन्कोलॉजिक – नर्व के संकुचन या मैरो कैंसर के कारण हो सकता है।
  • संक्रामक – रीढ़ या डिस्क से जुड़े किसी संक्रमण और स्पाइन में घाव की वजह से कमर दर्द हो सकता है।
  • एक्यूट कमर दर्द – यह सबसे सामान्य कमर दर्द होता है, जिसकी शिकायत अधिकतर लोग करते हैं। यह अचानक हो सकता है और कुछ दिनों या हफ्तों तक रह सकता है। यह कुछ वक्त के आराम से ठीक भी हो सकता है।
  • क्रॉनिक कमर दर्द – वहीं, क्रॉनिक कमर दर्द पुराना होता है और लंबे वक्त तक जैसे 6 महीने से ज्यादा रह सकता है।
कमर दर्द के कारण क्या है? (Causes of Back Pain Hindi)
  • अधिक भारी वस्तुओं को बार-बार उठाना।
  • अचानक या झटके से उठना या बैठना।
  • गलत मुद्रा (सही तरीके से न खड़ा होना और न बैठना)।
  • तनाव – मांसपेशियों में खिंचाव।
  • किसी प्रकार की चोट या एक्सीडेंट।
  • गठिया
  • सायटिका (एक नस होती है – जब इसमें दर्द होता है, तो उसे सायटिका कहते हैं)
  • रीढ़ की हड्डी का सिकुड़ना (Spinal Stenosis)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis – हड्डियों की कमजोर होने की समस्या)
कमर दर्द के लक्षण क्या है? (Symptoms of Back Pain in Hindi)
  • बुखार आना।
  • कमर में सूजन आना।
  • दर्द का घुटनो से पैर तक पहुंचना।
  • कमर में लगातार दर्द होना।
  • गुदा के आस पास सूत्रता हो जाना।
  • आँतो पर  नियंत्रण खो देना।
  • पेशाब में कठिनाई होना।
  • वजन कम होना।
  • नितंबो के चारो ओर का स्थान सूत्र हो जाता है।
कमर दर्द का इलाज क्या है? (What is Back Pain Treatment in Hindi)

कमर में अगर हल्का सा दर्द रहता है, तो लगभग घेरलू उपचार करने से ठीक हो जाता है। अगर घरेलु उपाय से भी कमर दर्द ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

  • डॉक्टर के अनुसार क्या सुझाव रहते है।
  • अगर कमर में अधिक दर्द रहता है तो डॉक्टर एनएसएआईडी (NSIT) दवाओं का सुझाव दे सकते है।  इबूप्रोफेन क्यूट कमर दर्द को कम कर सकता है।
  • कमर के अत्यधिक दर्द को कम करने के लिए व मांसपेशी शिथिल को ठीक करने के लिए डॉक्टर दवाइया लिख सकते है।
  • कमर दर्द में क्रीम या लेप दर्द के स्थान पर लगाने का सुझाव दे सकते है।
  • दवाओं से भी अगर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, तो डॉक्टर कॉर्टिसीनइंजेक्शन लगाने व कौडीन दवाएं का सेवन करने का सुझाव देते है।
महिलाओं में कमर दर्द का घरेलू उपचार (Home Remedies For Back Pain In Women)

1, हीटिंग पैड का इस्तेमाल।
आपकी पीठ या कमर पर लगाया गया एक हीटिंग पैड ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा दे सकता है जिसके बदले में, पोषक तत्व और ऑक्सीजन कमर की मांसपेशियों तक आसानी से पहुंच जाते हैं।

2. गर्म पानी से नहाएं।
जब कमर या पीठ में दर्द हो तो गर्म पानी से नहाना भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों में दर्द और जकड़न की समस्या कम होती है।

3. एक्सरसाइज करें।
अगर आप एक्सरसाइज करें, दिनभर गतिशील बने रहें तो इससे भी शरीर में सर्कुलेशन बेहतर होता है और जिन मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है उसे भी आराम दिलाने में मदद मिलती है।

4. आइस पैक से सेक करे।
अगर आपको किसी तरह की चोट या मांसपेशियों में तनाव की वजह से कमर में दर्द महसूस हो रहा हो तो आप आइस पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे सूजन और जलन को कम करने में, दर्द और खरोंच की समस्या भी कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, चोट लगने या मांसपेशियों में खिंचाव होने के 48 घंटे के अंदर आइस पैक इस्तेमाल करने पर ही यह फायदेमंद साबित हो सकता है।

5. तकिया लगा कर सोये।
अगर आप करवट लेकर सोती हैं तो अपने पैरों के बीच में तकिया रखें और अगर पीठ के बल सोती हैं तो अपने घुटनों के नीचे तकिया रखें। ऐसा करने से कमर का दर्द और असहजता को कम करने में मदद मिलेगी।

6. सही कुर्सी का चुनाव करें।
ऐसी कुर्सी पर बैठें जिससे आपकी कमर को बेहतर तरीके से सपोर्ट मिले, ताकि बैठे रहने के दौरान आपको कमर में दर्द की समस्या महसूस न हो।

कमर दर्द के घरेलु उपचार क्या है? (What Is Home Remedies For Back Pain In Hindi)

घर से काम करने में शरीर को बहुत परेशानी हो रही है, और तो और लोगों की कमर अकड़ जा रही है। दरअसल, घर पर घंटों बैड, सोफे या अन्य जगह बैठकर काम कर करके सिटिंग पोजिशन चेंज हो गई है। ऐसे में लोगों को गर्दन,पीठ,लोअर बैक और भी कई जगहों पर दर्द होता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं बढ़ती कमर दर्द की परेशानी को आप कैसे दूर भगा सकते हैं।

1.अदरक और शहद
अगर आपको कमर में दर्द हो रहा है तो ऐसे में आपको अदरक को गर्म पानी में भिगोकर रखें और इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करें. इसके अलावा आप चाहें तो अदरक के तेल से कमर की मालिश करें. इसी के साथ आप चाहें तो तुलसी के पत्ते को गर्म पानी में भिगोकर रखें और फिर इसमें शहद मिलाकर लें आपको आराम पहुंचेगा.

2. लहसुन
लहसुन हर किसी को पंसदनहीं होता है लेकिन ये सेहत के लिए हर तरीके से फायेदेमंद होता है। ऐसे में कमर दर्द के लिए आप लहसुन की कम से कम 8 से 10 कलियां लेकर उसका अच्छे से पेस्ट बनाएं औऱ उसके बाद उसे अपनी कमर पर लगाएं। ऐसा करने से आपको कुछ दिनों में कमर दर्द से राहत मिल जाएगी।

3. आइस पैक
आइस पैक हर दर्द में आपकी मदद करता है ऐसे में आप आइस पैक का इस्तेमालक र सकते हैं। ऐसा करने से आपको काफी हद तक आराम मिलेगा। ये पैक आपके कमर में होने वाली सूजन को खत्म कर देगा।

4. हल्दी
शरीर में किसी भी तरह के दर्द औऱ सूजन से राहत पाने के लिए हल्दी काफी पावरफुर साबित होती है। ऐसे में आप चाहें तो आप हल्दी और दूध पीकर आप इससे राहत पा सकते हैं।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? (When to Contact Doctor)

कमर दर्द का कारण कुछ भी हो सकता है और सामान्यतः कमर दर्द का घरेलू उपचार ही किया जाता है, लेकिन इसके कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिनके कारण आपको डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता होती है।

दर्द 6 सप्ताह से अधिक समय तक रहता है, तो आप को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाइए।

  • ऐसा दर्द जो घरेलू उपचार किये जाने पर ठीक नहीं होता है।
  • कमर का ऐसा दर्द जो रात में होता हो।
  • कमर दर्द के साथ पेट का दर्द हो।
  • बाहों या पैरों में कमजोरी, झुनझुनी, या सुन्न होना।
  • जब रोजाना के दिनचर्या के कार्य में बाधा उत्पन्न होने लगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. कमर दर्द का रामबाण इलाज क्या है?

विशेषज्ञों की मानें तो नौकासन कमर दर्द में रामबाण इलाज है। इसे करने से कमर दर्द में बहुत जल्द आराम मिलता है। अगर आप कमर दर्द की समस्या से परेशान हैं, तो रोजाना नौकासन जरूर करें। इसे करने से कमर दर्द की समस्या दूर हो जाती है।

Q. प्रेगनेंसी में कमर दर्द कब होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को कमर दर्द की परेशानी होती है। ये परेशानी अक्सर दूसरी तिमाही से शुरू होती है। इसकी कई वजह हो सकती हैं. दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान बढ़ते वजन की वजह से महिला की रीढ़ की हड्डी पर भार बढ़ता है, जिससे कमर के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है।

Q. कमर दर्द के लिए कौन सी टेबलेट लेनी चाहिए?

इसके अलावा बदन दर्द की समस्या होने पर पैरासिटामोल दवा का उपयोग किया जाता है। स्वास्थ्य की अन्य समस्या जैसे जोड़ो में दर्द, कमर दर्द, पैरो में दर्द, दांत दर्द, एड़ी में दर्द, कलाई में दर्द, मांसपेशियो में दर्द, स्लिप डिस्क, आस्टियोआर्थराइटिस, माइग्रेन आदि के लिए उपयोग किया जाता है।

Q. कमर की जकड़न कैसे दूर करें?

मुट्ठी खोलें और दोनों बाजुओं को सीधा कर लें, कटिशक्ति विकासक क्रिया के अभ्यास से कमर की जकड़न दूर होती है। माँसपेशियों की लचक बढ़ती है। जब भी आपको कमर में भारीपन या थकान महसूस हो, अपनी क्षमता के मुताबिक इसका अभ्यास करें।

Q. कमर दर्द का व्यायाम कैसे करें?

इस आसन को करने के लिए जमीन पर सीधा लेट जाएं और दोनों हाथों को शरीर के दोनों ओर कमर के नीचे रख लें। अब धीरे से सांस लेते हुए घुटने सीधे रखते हुए दायें पैर को 60 डिग्री का कोण बनाते हुए सीधा उठाइए। इस अवस्था में कुछ देर रुक कर सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में वापिस आ जाइए। इसी तरह बायें पैर से इस आसन को दोहराना है।

Q. कमर में दर्द होने के क्या कारण हो सकते हैं?

कमर दर्द के सामान्य कारणों में शामिल है मांसपेशियों का खिंचाव, मांसपेशी में ऐंठन और तनावपूर्ण लिगामेंट। ऐसा काम जो ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में बैठकर करना पड़े या जिसमें हाथों का ज्यादा प्रयोग हो वे कमर दर्द की वजह बनते हैं। अन्य कारणों में ठीक से न बैठना, खड़ा होना, सही अवस्था में न सोना शामिल है।

Q. पीठ या कमर दर्द से राहत के लिए किस प्रकार का गद्दा सबसे अच्छा है?

पीठ के दर्द को रोकने के लिए एक मध्यम से फर्म गद्दा सबसे अच्छा माना जाता है। जो व्यक्ति पीठ के बल सोते हैं, उन्हें मध्यम-फर्म गद्दे की आवश्यकता हो सकती है। वहीं, जो लोग एक तरफ होकर सोते हैं, उन्हें अपने कूल्हों और कंधों को कुशन करने के लिए थोड़े नरम गद्दे की जरूरत हो सकती है। जो लोग पेट के बल सोते हैं, उनके लिए एक मजबूत गद्दे की आवश्यकता हो सकती है।

Q. गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द कब शुरू होता है?

गर्भावस्था के दौरान कमर दर्द सामान्य है। प्रारंभिक गर्भावस्था में कमर दर्द महसूस हो सकता है और गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में जब गर्भवती का वजन अधिक होता है और सारा भार पैरों और कमर पर होता है, तब यह समस्या बढ़ सकती है।

Q. अपने पीठ दर्द को ज्यादा बुरा होने से रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

ज्यादा देर तक खड़े रहने से बचें और ठंडी या गर्म सेंक लें। अगर ऊंची हील की सैंडल पहनते हैं, तो इस तरह के फुटवियर पहनने से बचें। दर्द तेज हो, तो डॉक्टरी सलाह लें।

Q. क्या तनाव कमर या पीठ दर्द का जोखिम कारक हो सकता है?

हां, मानसिक और शारीरिक, दोनों तनाव का असर मांसपेशियों पर पड़ सकता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।

मुझे उम्मीद है की आप को ये आर्टिकल जो की (hindigyanshala.com) कमर दर्द के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार क्या है, पर था। जो की पसंद आया होगा। ऐसे ही नॉलेज पाने के लिए हमारे से जुड़े रहे और फेस्बूक पेज को लाइक करे। पोस्ट को शेयर करे।