पुदीने के फायदे और नुकसान और उपयोग क्या है? (What Are The Benefits And Harms And Uses Of Mint)

पुदीने के फायदे और नुकसान और उपयोग क्या है

पुदीना सबसे ज्यादा अपने अनोखे स्वाद के लिए ही जाना जाता है। पुदीने की चटनी न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाती है बल्कि स्वास्थ्यवर्द्धक भी होती है। आयुर्वेद में सदियों से पुदीने का इस्तेमाल औषधि के रुप में हो रहा है। सामान्य तौर पर पुदीने का उपयोग, दंत-मंजन, टूथपेस्ट, चुइंगगम्स, माउथ फ्रेशनर, कैंडीज, इन्हेलर आदि में किया जाता है। इसके अलावा भी आयुर्वेद में  पुदीने का प्रयोग अन्य रोगों के इलाज में भी होता है।

पुदीना क्या है? (What is Mint in Hindi)

पुदीना का पौधा की कई प्रजातियां होती हैं, लेकिन औषधि और आहार के लिए मेंथा स्पीक्टा लिन्न का ही प्रयोग किया जाता है। इस पुदीने को पहाड़ी पुदीना भी कहा जाता है; क्योंकि यह पहाड़ी इलाके में अधिक होता है। आयुर्वेद के अनुसार, पुदीना कफ और वात दोष को कम करता है, भूख बढ़ाता है। आप पुदीना का प्रयोग मल-मूत्र संबंधित बीमारियां और शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। यह दस्त, पेचिश, बुखार, पेट के रोग, लीवर आदि विकार को ठीक करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।

पुदीना के पत्ते के फायदे (Benefits of Peppermint (Pudina) in Hindi)

बाल झड़ना रोकने में फायदेमंद पुदीना।  

बाल झड़ना एक आम समस्या हो गही है। पुदीना बालों के रूखेपन को कम करने में सहयोग देता है। ऐसा होने से बालों की रूसी एवं उनका बेजान होकर झड़ना या टूटना कम होता है, जिससे बाल प्राकृतिक रूप से बढ़ने लगते हैं।

सिरदर्द से दिलाये राहत पुदीने की चाय

अक्सर ऐसा होता है, की पाचन शक्ति ख़राब होने के कारण सर में दर्द होता है। पुदीने की चाय ऐसे में बहुत फायदेमंद सिद्ध हो सकती है, क्योंकि यह अपने दीपन – पाचन गुण के कारण खाने को अच्छी प्रकार से हजम करने में मदद करती है, जिससे आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है। पुदीने की चाय के सेवन से सिरदर्द और पाचन तंत्र को ठीक कर सकते है।

कान के दर्द में पुदीने के प्रयोग

कान संबंधी समस्याओं जैसे कान दर्द, कान मे झनझनाट आदि में पुदीना के उपयोग से जल्दी आराम मिलता है। कभी-कभी ठंड लगने पर या कान में पानी चले जाने पर कान में दर्द होने लगता है। ऐसे में पुदीना का रस कान में डालने से आराम मिलता है। आपको पुदीना के पत्ते का रस कान मे डालना है, तो  आप इसे 1-2 बूंद कान में डाल सकते है।

मुंह मे छाले की परेशानी कम करे पुदीना के पत्ता

मुंह के छाले की परेशानी में पुदीने के पत्ते का काढ़ा बना लें। इससे गरारा करने से मुंह के छाले की समस्या ठीक होती है।या फिर आप रोज सुभ सुभ उठ कर दो पत्ते पुदीने के खाए, इस से मुह के छालो से राहत पा सकते हो।

भूख बढ़ाये मे पुदीना का सेवन करे।

कभी-कभी दवा के कारण, या लंबे समय से बीमार रहने के कारण भूख कम लगने लगती है। अगर आप भी इस समस्या से ग्रस्त हैं तो इसके लिए 6-6 ग्राम वृक्षाम्ल, पुदीना, सोंठ तथा मरिच, 50 मिली अनार का रस लें। इसके साथ ही, 3 ग्राम पिप्पली, 1 ग्राम लौंग, 3 ग्राम बड़ी इलायची, 18 ग्राम सेंधा नमक और 35 ग्राम जीरा लें। इनकी जितनी मात्रा हुई, उतनी मात्रा में ही इसमें मिश्री मिला लें। इसका चूर्ण बना लें। इसे 1-5 ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे भूख ना लगने की परेशानी ठीक होती है। भूख बढ़ाने मे काफी हद तक फायदे मंद है।

पुदीने के सेवन से उल्टी को कम किया जा सकता है।

उल्टी को रोकने के लिए पुदीना का सेवन करना लाभ पहुंचाता है। अक्सर एसिडिटी होने पर, या दवा के साइड इफेक्ट के कारण, या फिर अन्य कारणों से भी उल्टी होने लगती है। अगर आप भी उल्टी की परेशानी से ग्रस्त हैं तो पुदीना के पत्तों का काढ़ा बना लें। इसे 10-20 मिली मात्रा में पीने से उल्टी बन्द हो जाती है।

याददाश्त (IQ) को बढ़ाने में फायदेमंद

पुदीना के औषधीय गुण याददाश्त बढ़ाने में लाभदायक हो सकते हैं। इस संबंध में इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी ने शोध किया गया है। इस शोध में 180 युवाओं को पुदीने की चाय का सेवन कराया गया। 20 मिनट बाद शोधकर्ताओं ने युवाओं में कई सकारात्मक परिणाम देखे, जैसे सजगता में वृद्धि और मस्तिष्क कार्य प्रणाली में तेजी। शोध में इस बात का भी जिक्र है कि पेपरमिंट चाय याददाश्त की गति बढ़ाने में सहयोग कर सकती है। इस आधार पर माना जा सकता है, कि पुदीने की चाय का सेवन याददाश्त को बढ़ाने में लाभदायक हो सकता है।

पाचन करने में फायदेमंद 

पुदीने पर किए गए एक अध्ययन में जिक्र मिलता है, कि यह शरीर मे पाचन करने में मददगार हो सकता है। दरअसल, यह पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के साथ-साथ पाचन में सहायक बाइल्स (पाचक रस) के प्रवाह में सुधार का काम कर सकता है। परिणामस्वरूप, भोजन आसानी से पचता है।

त्वचा की समस्या को दूर करने के लिए पुदीना के पत्ते

बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से त्वचा संबंधी कई रोग हो सकते हैं, जिनमें खुजली और जलन की भी समस्या होती है। यहां पुदीना के एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के मददगार साबित हो सकते हैं। रिसर्च जनरल ऑफ मेडिसिनल प्लांट के अनुसार, पुदीना में पाया जाने वाला मेन्थॉल त्वचा संबंधी खुजली और जलन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है।

सांस की बदबू को दूर करे।

दांत के रोगियों में मुंह की दुर्गंध सबसे आम शिकायतों में से एक है। या फिर तंबाकू खाने वालों के मुह से दुर्गंध आना आम बात है। अक्सर पीड़ित व्यक्ति के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। इस समस्या को दूर करने में भी पुदीना का उपयोग किया जा सकता है। इसका पर्योग करने के लिए 84 छात्रों पर एक सप्ताह तक शोध किया गया। उन्हें दिन में तीन बार पुदीने के पानी से कुल्ला करना था। किये गये शोध में पाया कि पुदीना के पानी से कुल्ला करने वाले छात्रों के मुंह की दुर्गंध कम हो गई। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है, कि पुदीना मुंह की दुर्गंध को कम करने में मददगार हो सकता है।

वजन कम करने में मददगार पुदीने के पत्ते 

पुदीने के उपयोग से मोटापा कम कर सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन में भी माना गया है कि पेपरमिंट ऑयल भूख को कम कर सकता है, जिससे अधिक खाने की आदत पर रोक लग सकती है। फलस्वरूप वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। एक अन्य शोध में भी पता चला है, कि पुदीने का अर्क वजन को कम करने की जगह बढ़ा सकता है। इसलिए, वजन कम करने के लिए पुदीने का इस्तेमाल करे।

दांतों के दर्द में पुदीना के फायदे

दाँत दर्द की समस्या किसे नहीं होती।  पुदीने के पत्ते का चूर्ण बनाकर दांत को मांजने से दर्द कम होता है। पुदीने के औषधीय गुण दाँत दर्द को कम करने में मदद करते हैं। पुदीना के लाभ दर्द से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है।

पुदीना की चाय कैसे बनती है? (How To Make Mint Tea)

सामग्री

  • 2 कप पानी
  • पुदीने की कुछ पत्तियां

पुदीने के पत्ते, पानी में तब तक उबालें जब तक यह पानी 1/4 कप न हो जाए। यह मिश्रण बन जाने के बाद इसे छान कर गरम-गरम ही सेवन करें।

पुदीना के औषधीय गुण कौन कोनसे है। (What Are The Medicinal Properties Of Mint)

1. गर्मी के कारण होने वाले रोगों में पुदीना अत्यंत उपयोगी साबित होता है। थोड़े-से पुदीने को पानी में पीसकर उसमें भुना हुआ जीरा, नींबू तथा नमक मिलाकर पीने से पेचिश, पेट के मरोड़, खट्‍टी डकारें आदि में लाभ होता है।
2. यदि हिचकी बंद न हो रही हो तो 10-15 पुदीने के पत्ते चबाएं।
3. हाजमे के लिए ये एक अचूक उपाय है। इसके सेवन से पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है।
4. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो पुदीने की कुछ पत्त‍ियां चबा लें,बदबू चली जाएगी।
5. गर्मी में लू से बचने के लिए भी पुदीने का इस्तेमाल किया जाता है। पुदीने का रस पीकर घर से बाहर निकलने पर लू लगने का डर कम हो जाता है।
6. उल्टी हो रही होने पर आधा कप पुदीना का रस पीने से उल्टी आना बंद हो जाएगी।
7. पेट दर्द होने पर भी पुदीने को जीरा, काली मिर्च और हींग के साथ मिलाकर खाने से आराम होता है।
8. पुदीने की ताज़ा पत्त‍ियों को पीस कर चेहरे पर लगाने से चेहरे को ठंडक मिलती है।

पुदीना के नुकसान क्या है? (Side Effects Of Peppermint In Hindi)

ये जरूरी नहीं है, कि पुदीना के औषधीय गुण हर किसी के लिए फायदेमंद हों सकते है। कई तरह से पुदीना के नुकसान भी देखने को मिल सकते हैं। तो चलिए जानते है कि पुदीना के नुकसान क्या है।

  • जीन लोगो को शुगर की समस्या है, वो पुदीने के सेवन से दूर रहें। इसके रस का सेवन रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकता है।
  • निम्न रक्तचाप के मरीजों को भी इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इसका मेंथॉल नामक घटक रक्तचाप के स्तर को कम करके समस्या पैदा कर सकता है।
  • गर्भावस्था के समय किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने के लिए इसके सेवन से पहले संबंधित डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
  • जिनकी त्वचा सेंसिटिव होती है, उन्हें मेंथॉल से एलर्जी हो सकती है। इसलिए, उन्हें इसके सेवन और संपर्क से दूर रहना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. पुदीना क्या काम करता है?

आयुर्वेद के अनुसार, पुदीना कफ और वात दोष को कम करता है, भूख बढ़ाता है। आप पुदीना का प्रयोग मल-मूत्र संबंधित बीमारियां और शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। यह दस्त, पेचिश, बुखार, पेट के रोग, लीवर आदि विकार को ठीक करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।

Q. पुदीना का पानी पीने से क्या होता है?

लेकिन अगर आप पुदीने वाली पानी पीते है तो ये आपको गैस, जलन या पेट की किसी और समस्या में भी फायदा करेगा।पुदीने में मेन्थॉल की होने की वजह से हमारा पाचन तंत्र सही से चलता है। इसके अलावा पुदीने वाला पानी पीने से पेट भी स्वस्थ रहता है। गर्मी और बारिश में खाना खाने के बाद बहुत तेज नींद आने लगती है।

Q. क्या पुदीना ठंडा होता है?

इसके रस को पीकर बाहर निकलने से धूप लगने का डर भी कम रहता है। त्वचा को पोषण देता है। पुदीना अपनी ठंडी तासीर के लिए जाना जाता है।

Q. पुदीना चेहरे पर लगाने से क्या होता है?

पुदीने की पत्तियां ठंडक देने का काम करती हैं। जिस तरह खीरे का इसतेमाल करने से त्वचा को मॉइश्चर मिलता है, उसी तरह पुदीने की पत्तियां भी त्वचा को ताजगी देने के साथ नमी भी देती है। इसके अलावा इन पत्तियों के रस को चेहरे पर लगाने से पोर्स भी खुलते हैं।

Q. पुदीना कहाँ पाया जाता है?

भारतवर्ष में मुख्यत: तराई के क्षेत्रों (नैनीताल, बदायूँ, बिलासपुर, रामपुर, मुरादाबाद तथा बरेली) तथा गंगा यमुना दोआन (बाराबंकी, तथा लखनऊ तथा पंजाब के कुछ क्षेत्रों (लुधियाना तथा जलंधर) में उत्तरी-पश्चिमी भारत के क्षेत्रों में इसकी खेती की जा रही है।

Q. पुदीने का पौधा कैसे लगाएं?

पुदीने को आप इसके बीज की मदद से या फिर इसका पौधा लगा कर भी उगा सकते हैं। यह जमीन में भी आसानी से उगता है और तेजी से बढ़ता है। अगर गमले में पुदीना उगा रहे हैं तो बड़े आकार का गमला लें, ताकि यह आसानी से पनप सके. बीज को गमले में बोने के लिए 3 से 4 इंच गहराई में लगाएं।

Q. खाली पेट पुदीना खाने से क्या होता है?

तुलसी और पुदीने के पत्तों का नियमित रूप से सेवन किया जाय, तो पाचन को बेहतर बनाया जा सकता है। यह दोनों एसिड रिफ्लक्स को कम करने के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। पुदीने का रस शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का भी काम कर सकता है। इसके साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में भी फायदेमंद माने जाते हैं।

Q. पुदीना में कौन सी विटामिन पाई जाती है?

पुदीने में मेंथोल, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-ए, रिबोफ्लेविन, कॉपर, आयरन आदि पाये जाते हैं। पुदीना के पत्तों का सेवन कर उल्टी को रोका जा सकता है और पेट की गैस को दूर किया जा सकता है। यह जमे हुए कफ को बाहर निकालता है। इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह शरीर से पसीना निकालकर बुखार को दूर करता है।

Q. पुदीने का तेल कैसे निकलता है?

पुदीने की पत्तियों के अर्क से निकाले गए तेल को पुदीने का तेल कहा जाता है। पुदीने के तेल को अंग्रेजी में पेपरमिंट ऑयल कहते हैं। पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल का इस्‍तेमाल सेहत, ब्‍यूटी और क्‍लीजिंग जैसे कामों के लिए किया जा सकता है।

Q. पुदीने की चटनी कैसे बनाते है?

  1. मिक्सी की (चटनी जार) छोटी जार में लहसुन, मिर्च, अदरक, चीनी और नमक ले।
  2. उन्हें दरदरा पीस ले।
  3. हरा धनिया, पुदीना की पत्तियां, नींबू का रस और 1 टेबलस्पून पानी डालें।
  4. फिर से उन्हें बारीक़ (बारीक़ या दरदरा, अपनी पसंद के अनुसार) होने तक पीस ले। सैंडविच के लिए स्वादिष्ट पुदीने की चटनी तैयार है।
  5. इसे ढोकले के साथ परोसें।

Q. पुदीना की पत्ती खाने से क्या होता है?

आयुर्वेद में पुदीने को वायुनाशक जड़ी-बूटी के रूप में देखा जाता है, जो सीने में जलन, मितली आदि में राहत देता है। इसके पत्ते को चबाकर खाने से पेट दर्द और आंतों की ऐंठन में आराम मिलता है। भारतीय किचन में पुदीने का इस्तेमाल कई रूपों में किया जाता है।

Q. पुदीना के नुकसान क्या है?

पुदीना चाय ज्यादा पीने से व्यक्ति की सेहत को नुकसान हो सकता है। बता दें पुदीना चाय में मेंथॉल पाया जाता है, जिससे किसी भी व्यक्ति को एलर्जी हो सकती है। इसके अलावा इसका सेवन अधिक करने पर व्यक्ति को सीने में जलन भी महसूस हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को भी पुदीना चाय का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।

Q. पुदीना का कुल और वैज्ञानिक नाम क्या है?

पुदीना का कुल लेबीएटे है, और पुदीने का वैज्ञानिक नाम मेंथा अर्वेन्सिस है।

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