शिक्षक दिवस पर शायरी (shayari on teachers day)

शिक्षक दिवस को ज्ञान देने और छात्रों के करियर को आकार देने और समाज के लिए शिक्षकों द्वारा किए गए मूल्यवान योगदान के लिए सभी शिक्षकों को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता हैं। सभी छात्रों के लिए Teachers Day शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का अवसर हैं। अधिकांश स्कूल और संस्थान इस उत्सव के लिए विस्तृत तैयारी करते हैं।

(1)

सही क्या है, गलत क्या है, ये सबक पढ़ाते हैं आप,
सच क्या है, झूठ क्या है, ये समझाते हैं आप,
जब सूझता नहीं कुछ तो राहों को सरल बनाते हैं आप।

(2)

शांति का पढ़ाया पाठ,
अज्ञान का मिटाया अंधकार,
गुरू ने सिखाया हमें,
नफरत पर विजय है प्यार।

(3)

जीवन जितना सजता है माँ-बाप के प्यार से,
उतना ही महकता है गुरू के आशीर्वाद से,
समझ कल्याण में जीतने माँ-बाप होते है खास,
उतने ही गुरू के कारण होती है देश की साख।

(4)

माता-पिता की मूरत है गुरू,
इस कलयुग में भगवान की सूरत है गुरू।

(5)

अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योत जलाई है,
गुरूवर के चरणों में रहकर हमने शिक्षा पाई है,
गलत राह पर भटके जब हम तो गुरूवर ने राह दिखाई है।

(6)

गुरू बिना ज्ञान कहाँ,
उसके ज्ञान का न अंत यहाँ,
गुरू ने दी शिक्षा जहाँ,
उठी शिष्टाचार की मूरत वहां।

(7)

जीवन के हर अँधेरे में रौशनी दिखाते है आप,
बंद हो जाते है जब सारे दरवाजे नया रास्ता दिखाते है आप,
सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं जीवन जीना भी सिखाते है आप।

(8)

भगवान ने दी जिंदगी,
माँ-बाप ने दिया प्यार,
पर सीखने और पढ़ाई के लिए ए गुरु हम है तेरे शुक्रगुजार।

(9)

शिक्षक के बिन ये दुनिया क्या,
कुछ भी नहीं बस अंधकार यहाँ,
शत-शत नमन उन शिक्षकों को,
जिनके कारण रोशन सारा जहाँ।

(10)

जो बनाए हमें इंसान,
और दे सही गलत की पहचान,
देश के उन निर्माताओं को,
हम करते हैं शत-शत प्रणाम।

(11)

दिया ज्ञान का भंडार हमें,
किया भविष्य के लिए तैयार हमें,
है आभारी उन गुरूओं के हम,
जो किया कृतज्ञ अपार हमें।

(12)

सत्य का पाठ जो पढ़ाये,
वही सच्चा गुरू कहलाये,
जो ज्ञान से जीवन को आसान बनाये,
वही सच्चा गुरू कहलाये।

(13)

बिना गुरू नहीं होता जीवन साकार,
सर पर होता जब गुरू का हाथ,
तभी बनता जीवन का सही आकार,
गुरू ही है सफल जीवन का आधार।

(14)

आदर्शों की मिसाल बनकर,
बाल जीवन संवारता शिक्षक,
सदाबहार फूल सा खिलकर,
महकता और महकाता शिक्षक,
नित नए प्रेरक आयाम लेकर,
हर पल भव्य बनाता शिक्षक,
संचित धन का ज्ञान हमें देकर,
खुशियाँ खूब मनाता शिक्षक।

(15)

अक्षर अक्षर हमें सिखाते,
शब्द शब्द का अर्थ बताते,
कभी प्यार से कभी डांट से,
जीवन जीना हमें सिखाते।

(16)

देते है शिक्षा शिक्षक हमारे,
नमन चरणों में गुरू तुम्हारे,
बिना शिक्षा सुना जीवन है,
शिक्षित जीवन सदा नवजीवन हैं।

(17)

जिसे देता है हर व्यक्ति सम्मान,
जो करता है वीरों का निर्माण,
जो बनाता है इंसान को इंसान,
ऐसे गुरू को हम करते प्रणाम।

(18)

आपने बनाया है मुझे इस योग्य,
की प्राप्त कर सकूँ मैं अपने लक्ष्य,
दिया है आपने मुझे हर समय इतना सहारा,
जब भी लगा मुझे की अब मैं हारू।

(19)

जीवन का पथ जहाँ से शुरू होता है,
वो रहा दिखाने वाला गुरू ही होता है,
जिसके मन में गुरू के लिए सम्मान होता है,
उसके चरणों में एक दिन पूरा जहान होता हैं।

(20)

विद्यालय मेरे लिए मंदिर है,
गुरू मेरे ईश्वर है,
हमारे दिल में नित उनके लिए सम्मान हैं।

(21)

गुमनामी के अँधेरे में था पहचान बना दिया,
दुनिया के गम से मुझे अनजान बना दिया,
उनकी ऐसी कृपा हुई गुरू ने मुझे एक अच्छा इंसान बना दिया।

(22)

सत्य न्याय की राह पर चलना शिक्षक सिखाते है,
जीवन संघर्षों से लड़ना हमें सिखाते है,
कोटि-कोटि नमन है उस गुरू को,
जीवन को जीवन हमें सिखाते हैं।

(23)

रोशनी बनकर आए जो हमारी जिंदगी में,
ऐसे गुरूओं को में प्रणाम करता हूँ,
जमीन से आसमान तक पहुँचाने का रखते है जो हुनर,
ऐसे Teachers को मैं दिल से सलाम करता हूँ।

(24)

ज्ञान का दीपक गुरू जलाते,
अँधियारा अज्ञान मिटाते,
विद्या रूपी धन देकर गुरू,
प्रगति मार्ग पर हमें बढ़ाते।

(25)

जल जाता है वो दिए की तरह,
कई जीवन रोशन कर जाता है,
कुछ इस तरह गुरू अपना फर्ज निभाता हैं।

शिक्षक दिवस पर कविता (Teachers Day Kavita in Hindi)

गुरु का महत्व कभी होगा न कम,
भले करले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो है इंटरनेट पर हर प्रकार का ज्ञान,
पर अच्छे बुरे की नहीं उसे पहचान,
नहीं है शब्द कैसे करूँ धन्यवाद,
बस चाहिए हर पल आप सबका आशीर्वाद,
हूं जहां आज मैं उसमें है बड़े योगदान,
आप सबका जिन्होंने दिया मुझे इतना ज्ञान,
आपने बनाया है मुझे इस योग्य,
कि प्राप्त करूं मैं अपना लक्ष्य,
दिया है हर समय आपने सहारा,
जब भी लगा मुझे मैं हारा,
करता हूं दिल से आप सब का सम्मान,
आप सबको है मेरा शत-शत प्रणाम।