अनिद्रा रोग का कारण लक्षण उपचार योग | Insomnia Causes in Hindi

nind nhi aa rhi karan and lakhan

नींद न आने पर क्या करें? (What to do if you do not sleep?)

अनिद्रा का रोग बहुतायत में देखा जाता है। नींद नहीं आने के कई कारण होते हैं फिर भी व्यक्ति के प्रयास से बहुत कुछ होता है और हुआ है इसलिए आप चिंता न कर सर्वप्रथम रात्रि मे ( गर्मियों के दिनों में ठंडे पानी से  तथा सर्दियों के दिनों में हल्के

गर्म पानी से) पैर को अच्छी प्रकार से धोएं या 10 मिनट तक उष्ण पाद स्नान करें।

10 मिनट तक उष्ण जल में पिंडलियों तक दोनों पैरों को रखें। फिर अच्छी प्रकार से तौलिए से पूछ लें फिर पैरों के तलवों में सरसों तेल की मालिश करें ।

इससे नींद अच्छी प्रकार से आती है । यदि हो सके तो सोने से पूर्व एक सेब दूध के साथ सेवन करें ।

सेव-दूध लेने से नींद अच्छी प्रकार से आती है।

तकिए के नीचे थोड़े गुलाब के फूल रख दें इससे नींद अच्छी आती है।

चिंता कि सी प्रकार की न करें।

ईश्वर से प्रार्थना करें। किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव न लें।

गलत विचारों से दूर रहे तथा जो आपके नींद पर व्यवधान डालें वैसे कार्यों को न करें, वैसे विचारों को न करें।

अनिद्रा रोग का लक्षण (Insomnia Symptoms)

  • नींद न आना
  • सिर में भारीपन बना रहना
  • चक्कर सा अनुभव होना
  • थकान एवं कमजोरी का अनुभव
  • शरीर टूटना
  • आँखों में जलन
  • चिड़चिडाहट
  • सिर में पीड़ा का अनुभव होना आदि।

अनिद्रा रोग का कारण (Insomnia Causes)

  • कब्ज के कारण रक्त का विषाक्त होना
  • मस्तिष्क में रक्ताधिक्य
  • सोने के पूर्व अधिक भोजन
  • अधिक दिमागी कार्य करना,
  • शारीरिक परिश्रम कम करना
  • मानसिक तनाव
  • भय एवं चिंता
  • टी.वी. का अधिक देखना
  • चाय-काॅफी अधिक लेना
  • उत्तेजक द्रव्यों का सेवन आदि।

नींद न आने (अनिद्रा) से बचाव – (Prevention of Insomnia in Hindi)

  1. सप्ताहांत के साथ-साथ अपने हर दिन के सोने और जागने के समय को एक जैसा रखें।
  2. सक्रिय रहें। नियमित की गयी गतिविधियाँ रात में अच्छी नींद के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
  3. अपनी दवाओं की जाँच करें और देखें कि क्या उनकी वजह से ही आपको अनिद्रा की बीमारी हुई है या नहीं।
  4. अल्पनिद्रा या झपकी लेने से बचें।
  5. कॉफ़ी और अल्कोहल से बचें या सीमित मात्रा में सेवन करें। धूम्रपान का उपयोग न करें।
  6. सोने से पहले अधिक मात्रा में भोजन करने और पेय पदार्थों से बचें।
  7. अपने बेडरूम को आरामदायक बनाएं और केवल सेक्स करने या सोने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
  8. आरामपूर्वक तरीके से सोने के लिए कुछ आदतें अपना सकते हैं, जैसे – सोने से पहले स्नान करना, किताबें पढ़ना या धीमी आवाज़ में संगीत सुनना।

नींद न आने का परीक्षण – (Diagnosis of Insomnia in Hindi)

  1. शारीरिक परीक्षण – यदि अनिद्रा का कारण अज्ञात है, तो चिकित्सकीय समस्याओं के लक्षणों को देखने के लिए जो अनिद्रा से संबंधित हो सकते हैं, आपके डॉक्टर शारीरिक परीक्षण कर सकते हैं। कभी-कभी थायरॉयड समस्याओं या अन्य स्थितियों की जाँच करने के लिए रक्त परीक्षण किया जा सकता है, जो नींद की कमी से जुड़ा हो सकता है।
  2. नींद की आदतों की समीक्षा – आपकी नींद से संबंधित प्रश्न पूछने के अलावा डॉक्टर आपके सोने-जागने का पैटर्न और दिन में आने वाली नींद का स्तर निर्धारित करने के लिए आपको एक प्रश्नावली भरने के लिए दे सकते हैं। आपको कुछ हफ्तों तक स्लीप डायरी (इस डायरी में व्यक्ति दैनिक रूप से अपने सोने और जागने के समय और पैटर्न का रिकॉर्ड रखता है) रखने के लिए भी कहा जा सकता है।
  3. नींद का अध्ययन – यदि आपकी अनिद्रा का कारण स्पष्ट नहीं है या आपके अंदर किसी अन्य नींद की बीमारी, जैसे कि स्लीप एपनिया या रेस्टलेस लेग सिंड्रोम के लक्षण दिख रहे हैं, तो आपको स्लीप सेंटर (जहाँ नींद की बीमारियों का इलाज किया जाता है) में एक रात बिताने की आवश्यकता हो सकती है। जब आप सोते हैं, तो आपकी मस्तिष्क तरंगों, श्वास, दिल की धड़कन, आँखों और शरीर की अन्य गतिविधियों की निगरानी और रिकॉर्ड के लिए टेस्ट किये जाते हैं।

नींद न आने (अनिद्रा) का इलाज – (Insomnia Treatment in Hindi)

अनिद्रा का उपचार क्या है?

आपकी नींद की आदतों को बदलकर और अनिद्रा से संबंधित किसी भी समस्या का पता लगाकर (जैसे कि तनाव, चिकित्सकीय स्थितियाँ या दवाइयां) कई लोगों की आरामदायक नींद को लौटाया जा सकता है। यदि ये उपाय काम नहीं करते हैं, तो आपके डॉक्टर तनाव से मुक्ति दिलाने और नींद में सुधार करने के लिए संज्ञानात्मक व्यावहारिक थेरेपी (cognitive behavioral therapy), दवाओं या दोनों का सुझाव दे सकते हैं।

1. अनिद्रा के लिए संज्ञानात्मक व्यावहारिक थेरेपी (Cognitive Behavioral Therapy for Insomnia)
अनिद्रा के लिए की जाने वाली संज्ञानात्मक व्यावहारिक थेरेपी (CBT-I) नकारात्मक विचारों और क्रियाओं को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकती है, जो आपको जगाते रहते हैं। आमतौर पर अनिद्रा से ग्रसित लोगों के लिए उपचार की पहली सीढ़ी के रूप में इस थेरेपी की सिफारिश की जाती है। सामान्य तौर पर, सीबीटी-आई (CBT-I) नींद की दवाओं के समान या अधिक प्रभावी है। सीबीटी-आई का संज्ञानात्मक हिस्सा आपको उन कारणों को पहचानना और बदलना सिखाता है, जो आपकी सोने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। यह नकारात्मक विचारों और चिंताओं को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकता है, जो आपको जगाते हैं। यह उस चक्र को दूर करने में भी शामिल हो सकता है, जहाँ आपको सोते वक़्त इस बात की चिंता होती है कि आपको नींद नहीं आएगी।

  1. उद्दीपन नियंत्रण चिकित्सा (Stimulus control therapy) – यह विधि उन कारकों को दूर करने में मदद करती है, जो आपके मस्तिष्क को नींद का विरोध करने के लिए तैयार करते हैं। उदाहरण के लिए आप सोने और जागने का एक नियत समय तय कर करें और दिन में सोने से बचें। केवल सोने और सेक्स करने के लिए बिस्तर का उपयोग करें। अगर आपको लेटने के 20 मिनट के भीतर नींद नहीं आती, तो बाहर चले जाएं और जब नींद आये, तभी अपने बैडरूम में वापस आएं।
  2. विश्राम तकनीकें (Relaxation techniques)  प्रोग्रेसिव मांसपेशीय विश्राम (Progressive muscle relaxation), बायोफीडबैक (biofeedback) और श्वसन सम्बन्धी व्यायाम, सोने के समय होने वाली चिंता को कम करने के तरीके हैं। इन तकनीकों का अभ्यास करने से आपको अपनी श्वास, हृदय गति, मांसपेशियों में तनाव और मूड को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, ताकि आप आराम कर सकें।
  3. नींद पर रोक – यह उपचार आपके बिस्तर में बिताए जाने वाले समय को घटाता है और दिन की नींद से बचाता है, जिससे आंशिक नींद का अभाव होता है और आप अगली रात बहुत थका हुआ महसूस करते हैं। एक बार आपकी नींद में सुधार हो जाये, तो आपके सोने का समय धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।
  4. निष्क्रिय अवस्था में जागृत रहना – इसे “विरोधाभासी उद्देश्य” (paradoxical intention) भी कहा जाता है। इस चिकित्सा का उद्देश्य अनिद्रा से ग्रस्त व्यक्तियों की चिंता को कम करना है, जो उन्हें बिस्तर में लेटकर नींद न आने के कारण होती है। इस उपचार में व्यक्ति को नींद की चिंता करने के बजाय जागने का प्रयत्न करने के लिए कहा जाता है।
  5. प्रकाश चिकित्सा – यदि आप बहुत जल्दी सो जाते हैं और फिर बहुत जल्दी जागते हैं, तो आप इस चक्र में संतुलन बनाने के लिए प्रकाश का उपयोग कर सकते हैं। साल में जब दिन बड़े होते हैं और शाम को बाहर रोशनी होती है, तो उस समय आप बाहर घूम  सकते हैं या आप एक प्रकाश बॉक्स का उपयोग कर सकते हैं। अपने चिकित्सक से इनके बारे में परामर्श करें।

2. निर्धारित दवाएं (Prescription medications)

डॉक्टर द्वारा निर्धारित नींद की गोलियां आपको नींद आने में, सोये रहने में या दोनों में मदद कर सकती हैं। आमतौर पर डॉक्टर एक हफ्ते से ज़्यादा समय के लिए नींद  की गोलियों का सुझाव नहीं देते हैं, लेकिन कुछ दवाएं लम्बे समय तक ली जा सकती हैं। इनमें ज़ोपिकॉल्न (लुनेस्टा) (Eszopiclone – Lunesta), रमेल्टॉन (रोज़ेरेम) (Ramelteon – Rozerem) शामिल हैं।

निर्धारित (Prescription) नींद की गोलियों के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि दिन में अर्धचेतनावस्था और बेहोश होने का खतरा बढ़ना या ये हमारी आदत भी बन सकती हैं। अतः इन दवाओं और अन्य संभावित दुष्प्रभावों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

3. मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नींद के अन्य साधन

गैर-निर्धारित (Nonprescription) नींद की दवाओं में एंटीहिस्टामाइन (antihistamines) होते हैं, जो आपको सुस्त कर सकते हैं, लेकिन इनका नियमित उपयोग ठीक नहीं है। इन दवाओं को लेने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें। एंटीहिस्टामाइन के कई दुष्परिणाम हो सकते हैं, जैसे – दिन में नींद आना, चक्कर आना, भ्रम, चेतना में कमी आना और पेशाब करने में कठिनाई, जो अधेड़ व्यक्तियों में और भी गंभीर हो सकते हैं।

4. वैकल्पिक चिकित्सा (Alternative medicine)

बहुत से लोग अनिद्रा के उपचार के लिए अपने चिकित्सक के पास नहीं जाते हैं और अपने आप इस समस्या से निपटने की कोशिश करते हैं। हालाँकि, कई मामलों में सुरक्षा और प्रभाव साबित नहीं किया गया है।
कुछ लोग निम्नलिखित उपचार करने की कोशिश करते हैं, जैसे –

  1. मेलाटोनिन (Melatonin) मेडिकल स्टोर पर मिलने वाला यह सप्लीमेंट अनिद्रा को दूर करने का एक तरीका है। आमतौर पर कुछ हफ्तों तक मेलाटोनिन का उपयोग सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यह साबित करने के लिए कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है कि मेलाटोनिन अनिद्रा के लिए एक प्रभावी उपचार है। इसके दीर्घकालिक उपयोग की सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
  2. वेलेरियन (Valerian) – यह आहार सम्बन्धी पूरक (dietary supplement) नींद लाने में सहायक होता है, क्योंकि इसका एक हल्का प्रभाव होता है। हालाँकि, यह अच्छी तरह से अध्ययन नहीं किया गया है। इसका उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से चर्चा करें। कुछ लोग जो इसकी ज़्यादा खुराक का इस्तेमाल करते हैं या लंबे समय से उपयोग कर रहे हैं, उनके लिवर को नुकसान हो सकता है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह नुकसान वेलेरियन के करण होता है।
  3. एक्यूपंक्चर (Acupuncture) – कुछ प्रमाण हैं कि एक्यूपंक्चर अनिद्रा से ग्रसित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अधिक शोध की आवश्यकता है। यदि आप अपने पारंपरिक उपचार के साथ एक्यूपंक्चर का चुनाव करते हैं, तो अपने चिकित्सक से पूछिए कि एक योग्य एक्यूपंक्चर चिकित्सक कैसे खोजें।
  4. योग – कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि योग या ताई ची (tai chi) का नियमित अभ्यास नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
  5. ध्यान (Meditation)  कई छोटे अध्ययन सुझाव देते हैं कि पारंपरिक उपचार के साथ ध्यान (मेडिटेशन) से नींद में सुधार और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
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