GST रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कैसे करें? (How to do GST registration online?)

GST का रजिस्ट्रेशन करना क्यों जरुरी है?

पूरे देश में क्रय-विक्रय पर एक सामान कर लागू होता है। इसके लागू होने के कारण आपको विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष करों का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। जिनका समुचित कारोबार एक वित्त वर्ष में 20 लाख या इससे अधिक है उन व्यापारियों और करदाताओं के लिए जीएसटी के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है।

GST के अंतर्गत छोटे कारोबारियों को राहत दी गयी हैं इसलिए ऐसे कारोबारी जिनकी वार्षिक बिक्री 20 लाख रूपये से कम हैं तो उनके द्वारा सप्लाई की गई वस्तुओं और सेवाओं पर GST नहीं लगाया जाएगा| उत्तरी पूर्वी राज्यों  Arunachal Pradesh, Assam,  Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura, Himachal Pradesh and Uttarakhand  आदि में यह छूट सीमा 10 लाख रूपये हैं|

GST का रजिस्ट्रेशन Time Limit
  • जीएसटी कानून के अनुसार GST में Registration उस दिन से 30 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए |
  • जिस दिन कोई व्यवसाय GST में Registration के लिए Liable होता हैं यानि कि जब भी कोई व्यवसाय 20 लाख रूपये (पूर्वोतर राज्यों में 10 लाख रूपये) की लिमिट को क्रॉस करता हैं उस दिन से 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन लेना आवश्यक हैं| |
  •  फिर जब भी कोई व्यवसाय, GST रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता की अन्य परिस्थितियों जैसे Inter-State Supply करना या E-Commerce Operator के द्वारा माल बेचना आदि परिस्थितियों में कवर होता हैं उस दिन से 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन लेना होता हैं|

GST Registration नहीं करवाने पर कितनी Penalty लगेगीGST Bill: Procedure for Registration of GST in India -

अगर कोई व्यक्ति या व्यवसाय जो GST में रजिस्ट्रेशन लेने के लिए उत्तरदायी हैं लेकिन वह रजिस्ट्रेशन नहीं लेता या Late Registration लेता हैं तो उस पर GST कानून के तहत Rs. 10000 की पेनल्टी लग सकती हैं| अगर वह इस Non-Compliance को उकसाता हैं या अधिक बढ़ाता हैं, तो उस पर Rs. 25000 तक की Penalty लग सकती हैं|

 

GST ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
  1. जीएसटी रजिhttps://vakilsearch.com/hi/gst-india/gst-r स्ट्रेशन प्रमाण पत्र डाउनलोड की प्रक्रिया

Stap 1.  GST जीएसटी पोर्टल https://www.gst.gov.in/ पर जाएं।

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Stap 2. यूजरनेम और अपना पासवर्ड डाल कर लॉगिन करें। ध्यान रहें कि कैप्चा ठीक से भरे और फिर लॉगिन पर क्लिक करें।GSt 2

Stap 3. लॉगिन होने के बाद नया पेज ओपन होगा, जिसमें आपको Services ऑप्शन पर क्लिक करना है। इसके बाद आपको User services पर क्लिक करना है। अब आपको पेज पर ढेर सारे ऑप्शन दिखाई देंगे, जिसमें से एक View/Download Certificates होगा।Gst 3

Stap 4. एक बार जब आप डाउनलोड का ऑप्शन चयन करेंगे, तब प्रमाण पत्र अपने आप ही डाउनलोड होने लगेगा।

Stap 5. जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र डाउनलोड होने के बाद आप इसे अपने लैपटॉप या मोबाइल पर कभी भी देख सकते हैं। बता दें कि भविष्य में ज़रूरत के लिए आप इसका प्रिंट भी ले सकते हैं और इसे ज़रूरत पड़ने पर कहीं भी दिखा सकते हैं।

जीएसटी प्रमाण पत्र के घटक:
  • रजिस्ट्रेशन संख्या-  रजिस्ट्रेशन संख्या या GSTIN हर पंजीकृत कर दाता के लिए जारी किया जाता है, जिसमें15 अंक होते हैं। इन 15 अंकों में पहले दो राज्य कोड होते हैं और अगले 10 अंक पैन (स्थायी खाता संख्या) होते हैं। इसके अलावा 13 वां अंक उसी राज्य के पैन धारक का एंटिटी नंबर होगा, जो 14 वें में “Z” अक्षर है। साथ ही डिफ़ॉल्ट रूप से और चेकसम अंक 15 वें स्थान पर होगा।
  • कानूनी नाम- प्रमाण पत्र में व्यवसाय धारक का नाम शामिल होगा।
  • व्यापार नाम- यदि व्यवसाय का व्यापारिक नाम है, तो इसे अगली पंक्ति में शामिल किया जाएगा।
  • व्यवसाय का गठन- यह पंक्ति व्यवसाय के प्रकार को निर्दिष्ट करेगी, चाहे पंजीकृत व्यवसाय एक एकमात्र प्रोपराइटरशिप या पार्टनशिप आदि हो।
  • देयता तिथि-  पंजीकरण की तिथि को देयता की तिथि के रूप में जाना जाता है, क्योंकि कर दाता पंजीकरण के दिन से ही उत्तरदायी हो जाता है।
  • वैधता की अवधि- यदि पंजीकरण एक विशिष्ट अवधि के लिए किया जाता है, तो प्रमाण पत्र की वैधता की शुरुआत और अंतिम तिथियां निर्दिष्ट की जाएंगी, जिसके बाद उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
  • करदाताओं के प्रकार– इस पंक्ति में उन करदाताओं के प्रकार का वर्णन किया गया है, जिन्होंने पंजीकरण की मांग की है।
  • हस्ताक्षर– सबसे नीचे डिजिटल सिग्नेचर (डीएस) दिखाया जाएगा।
  • पंजीकरण का अनुमोदन करने वाले अधिकारी का विवरण डीएस के नीचे उल्लेखित किया जाएगा, जिसमें नाम, पदनाम, अधिकार क्षेत्र कार्यालय और प्रमाण पत्र जारी करने की तिथि शामिल होगी, जिससे कर दाता को टैक्स भरने में आसानी होगी।

*जीएसटी GST रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र में निम्नलिखित संसोधन किया जा सकता है- 

  1. व्यवसाय का कानूनी / व्यापार नाम (पैन में परिवर्तन को छोड़कर)
  2. व्यापार का मुख्य केंद्र
  3. व्यवसाय का अतिरिक्त स्थान (राज्य के नाम में परिवर्तन के अलावा)
  4. साझीदारों / कर्ता / प्रबंध निदेशक / संघों / बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के सदस्यों में परिवर्तन।
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