कॉलेज में लेक्चरर (Lecturer) कैसे बनें? (How To Become A Lecturer In College)

जिंदगी में कुछ बेहतर और ऊंचा मुकाम हासिल करना है तो उसके लिए आपके पास अनुभव और ज्ञान का होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन ये ज्ञान आपको बचपन से ही मिलना शुरू हो जाता है। जिसकी शुरूआत आपकी स्कूलिंग से होती है। हमारे देश में शिक्षक, Lecturer या गुरू को भगवान का दर्जा दिया जाता है जो दिन रात एक करके कड़ी मेहनत के साथ आपको इस काबिल बनाते हैं कि आप अपनी जिंदगी में कुछ बन सकें।

आप किसी की जिंदगी सवारने वाले गुरू कैसे बन सकते हैं। आज आपको इस आर्टिकल में कॉलेज में लेक्चरर कैसे बनें? कॉलेज लेक्चरर बनने के लिए क्या -क्या योग्यता होनी चाहिए? लेक्चरर बनने के लिए जरूरी कौशल क्या होने चाहिए, लेक्चरर की जिम्मेदारियों और कर्तव्य क्या हैं, लेक्चरर में कैरियर की संभावनाएं, लेक्चरर की सैलरी आदि के बारे में बताएंगे।

लेक्चरर कैसे बनें? (How To Become Lecturer)
    1. अपने किसी फेवरेट सब्जेक्ट से 12वी पास करें।
    2. अपने फेवरेट सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन पूरी करें।
    3. पोस्ट ग्रेजुएशन यानि मास्टर डिग्री पूरी करें।
    4. UGC NET टेस्ट के लिए अप्लाई करें और क्लियर करें।
    5. प्रोफेसर बनने के लिए M. Phil या P. hd करें।

Step 1 लेक्चरर बनने के लिए कैंडिडेट्स को एक UGC-NET एग्जाम को पास करना जरूरी होगा। ये एग्जाम साल में 2 बार आयोजित की जाती है जिसे पास करके आप एक लेक्चरर के रूप में किसी कॉलेज में नौकरी पाने के लिए योग्य बन पाएंगे।

Step 2 UGC-NET एग्जाम को क्लीयर करने के बाद भारत में UGC द्वारा मान्यता प्राप्त आप किसी भी यूनिवर्सिटी से जुड़े किसी भी कॉलेज में लेक्चरर के के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन आपको यह जानना भी बहुत जरुरी है कि UGC-NET को क्लियर करने से हर किसी को जॉब की गारंटी नहीं मिलती क्योंकि UGC-NET क्लीयर होना एक शर्त मानी जाती है।

इसके अलावा लेक्चरर के लिए आपको न्यूज़ पेपर या ऑनलाइन आने वाले अलग-अलग कॉलेजों के विज्ञापन जिसमें खाली पोस्ट के बारे में बताया गया होता है वहां खुद से भी अप्लाई करना पड़ता है। जिसके बाद कॉलेज प्राधिकरण अपने हिसाब से एक लेक्चरर नियुक्त कर सकते हैं। जिसके लिए कॉलेज प्राधिकरण कैंडिडेट्स का एक साक्षात्कार लेते हैं और इंटरव्यू के बाद कैंडिडेट का एक लिखित परीक्षा भी लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद ही आपको कॉलेज में नियुक्त किया जाता है।

कॉलेज लेक्चरर बनने के लिए क्या क्या योग्यता होनी चाहिए?
    • प्रोफेसर बनने के लिए आपकी ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए
    • ग्रेजुएशन के बाद आपकी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए
    • आपके पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55 मार्क्स होने चाहिए
लेक्चरर बनने के लिए जरूरी skills क्या होने चाहिए
  1. लेक्चरर के पास सबसे पहले ऑडियंस के सामने पब्लिक स्पीकिंग जैसा अनुभव होना चाहिए, ताकि वो लोगों के सामने कुछ बोलने या अपनी बात करने में झिझक न रखे और पूरे कॉफिन्डेंस के साथ अपनी बातें कह सकें।
  2. लेक्चरर को बैठकों, सेमीनार्स और कार्यशालाओं में जाने की भी आदत होनी चाहिए और अनुभवी स्टूडेंट्स का इंटरव्यून लेना चाहिए।
  3. लेक्चरर को स्टूडेंट्स के स्पोर्ट और मुश्किलों के साथ मदद करने जैसे व्यक्तिगत ट्यूटर के रूप में अभिनय करना आना चाहिए, जैसे व्यावहारिक काम, कार स्थानों या क्षेत्र यात्राओं का पर्यवेक्षण करना आदि।
  4. लेक्चरर को संबंधित विषय की अच्छी ज्ञान होनी चाहिए ताकि वो अपने स्टूडेंट्स को अच्छे से समझा सकें।
  5. एक लेक्चरर का हमेशा Patient और मिलनसार वाला व्यवहार होना चाहिए।
  6. लेक्चरर की लिखना और भाषण कौशल बिल्कुल सही होना चाहिए। इसके साथ ही वो रचनात्मक यानि Creative भी हो।
  7. लेक्चरर में हमेशा अपने काम में पूरा रूचि रखने की आदत होनी चाहिए और वो हमेशा कुछ नया सिखने की इच्छा रखता हो।
लेक्चरर की जिम्मेदारियां और कर्तव्य क्या हैं?

किसी भी कॉलेज, यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे लेक्चरर की कई जिम्मेदारियों और कर्तव्य होती हैं। जैसे प्रोफेसर सुपरवाईजिंग, एडवाईजिंग, मोनिटरिंग, प्रेजेंशन, रिसर्च जैसे कई जिम्मेदारियों को भी संभालते हैं। इतना ही नहीं प्रोफेसर की और भी कई जिम्मेदारियां हैं जो आप नीचे दी गई गतिविधियों से जान पाएंगे।

  1. क्लास लगाने से पहले क्लास के लिए पाठ्यक्रम, लेक्चर और टेस्ट तैयार करना।
  2. क्लास असाइनमेंट चेक करना।
  3. एग्जाम के ले प्रश्न तैयार करना और एग्जाम पेपर को चेक करना।
  4. स्टूडेंट्स के ग्रेड की गिनती करना।
  5. क्लास के बाहर स्टूडेंट्स को सलाह या कोई मदद देनी।
  6. नई नई चीजों को सिखने की तकनीकों पर Search करना और फिर स्टूडेंट्स के सामने प्रेसेंट करना।
  7. सेमिनार अटेंड करना।
  8. स्टूडेंट काउंसलिग करना।
  9. ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को सुपरवाइज़ करना और उनकी रिसर्च में मदद करना।
  10. P. hd के एग्जाम का मूल्यांकन करना।
  11. फंडिंग एजेंसी जर्नल पब्लिकेशन के लिए पेपर तैयार करना।
  12. सार्वजनिक व्याख्यान (public lecture) तैयार करना और प्रस्तुत करना।
लेक्चरर में कैरियर की संभावनाएं (Career Scope in Lecturer)

पढ़ाई पूरी करने के बाद आपके पास एक लेक्चरर बनने के अलावा और भी कई ऑप्शन होते हैं जैसे रीडर, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य भी बन सकते हैं। इतना ही नहीं आप अपने करियर को नई दिशा देने के लिए ट्यूशन क्लासेस खोल सकते है या फिर विदेश में आप टीचिंग की नौकरी कर सकते है।

Lecturer की सैलरी  (Lecturer’s salary)

लेक्चरर बनकर आप न सिर्फ अपने करियर को अच्छा बनाते हैं बल्कि एक बेहतरीन लाइफ भी जीते है। अगर लेक्चरर की सैलरी की बात करें तो लेक्चरर को अच्छी सैलरी के साथ अच्छा सम्मान भी दिया जाता है। आप प्राइवेट सेक्टर में शुरुआती समय में 10,000/- से 40,000/- प्रतिमाह तक सैलरी (salary) पा सकते है। लेकिन अगर आप एक सरकारी सेक्टर में लेक्चरर हैं तो आपको शुरुआती सैलरी 25,000/- तक मिलती है।

इसके अलावा एक लेक्चरर को अनुभव और पदोन्नति के साथ 40,000 से 50,000 या 70,000 प्रति महीने की सैलरी मिलती है। अगर आप अपने करियर को और भी सुनहरा बनाना चाहते हैं तो आप स्कूल, कोचिंग खोल कर भी अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं।

व्याख्याता कैसे बने? (How To Become A Lecturer)

स्कूल व्याख्याता बनने के लिए आवश्यक है कि आप कोई मान्यता प्राप्त शिक्षण प्रशिक्षण कोर्स पूरा करें। बीएड डिग्री 2 वर्षीय होनी चाहिए। बीएड और किसी विषय में स्नातकोत्तर करने के बाद आप स्कूल व्याख्याता के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं।

Lecturer बनने की उम्र (Age for Lecturer)

वैसे तो लेक्चरर पद के लिए कोई उम्र तैय नहीं की गयी है, लेकिन जूनियर रिसर्च फैलोशिप के लिए Candidate के लिए उम्र 21 से 28 साल के बीच में होनी चाहिए। SC/ ST/ OBC उम्मीदवार को आरक्षण के नियमानुसार छूट दी जाती है।

प्रोफेसर की सैलरी कितनी है? (What Is The Salary Of Professor)

योग्यता और अनुभव के आधार पर सैलरी दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर को एंट्री लेवल 57,000 से 67,000 रुपये तक सैलरी मिलती है। वहीं प्रोफेसर लेवल की एंट्री पर सैलरी एक लाख रुपये प्रति महीने से अधिक होती है। लेवल 15 के साथ राशनलाइज्ड इंट्री पर शुरुआती सैलरी 1,82,200 रुपये है।

असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बनते हैं? (How To Become Assistant Professor)

असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लक्ष्य का ये अन्तिम पड़ाव होता है जिसके लिए आपको UGC NET (UGC National Eligibility Test) की परीक्षा को पास करना होगा जिसके बाद आपको UGC NET असिसटेंट प्रोफेसर का सर्टिफिकेट प्राप्त हो जायेगा और किसी भी कॉलेज में असिसटेंट प्रोफेसर के तौर पर शिक्षण कार्य कर सकते है।

प्रोफेसर और लेक्चरर के बीच अंतर है? (Difference Between Professor And Lecturer)

मुख्य अंतर  व्याख्याता बनाम प्रोफेसर –   एक व्याख्याता वह व्यक्ति होता है जो अपने अकादमिक करियर की शुरुआत में होता है जबकि एक प्रोफेसर किसी विश्वविद्यालय में सर्वोच्च शैक्षणिक पद पर होता है। मुख्य अंतर व्याख्याता और प्रोफेसर के बीच वह है प्रोफेसर में एक व्याख्याता की तुलना में एक उच्च शैक्षणिक रैंक या स्थिति होती है।

असिस्टेंट प्रोफेसर का पे स्केल कितना है? (What is the pay scale of assistant professor)

वर्तमान पे स्केल : 15600 रुपए से लेकर 39100 रुपए तक तथा ग्रेड पे 6600 रुपए तथा एंट्री पे 25530 रुपए । सातवें वेतन आयोग के अनुसार अनुमानित वेतन : 46800 रुपए से लेकर 117300 रुपए तक तथा ग्रेड पे 19800 रुपए तथा एंट्री पे 76590 रुपए।

सरकारी टीचर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना चाहिए? (Government Teacher Course)
  • B.ED (Bachelor Of Education): यह कोर्स 2 साल का होता है और इस कोर्स को करने के लिए आपका ग्रैजुएट होना आवश्यक है। …
  • D.ED (Diploma in Education): यह एक डिप्लोमा कोर्स है जो 2 वर्ष का होता है, और यह कोर्स स्कूल टीचर बनने के लिए किया जाता है।
सरकारी टीचर बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करें? (What To Do After 12Th To Become A Government Teacher)
  • 12वीं पास करे सरकारी टीचर बनने के लिए।
  • अपने मन पसंद सब्जेक्ट पे धेयान दे।
  • ग्रेजुएशन की पढाई पूरी करे।
  • B. ED कोर्स के लिए अप्लाई करे।
  • CTET या TET एंट्रेंस (Entrance Exam) एग्जाम क्लियर करे।