भारत के प्रधानमंत्री को कितनी सैलरी मिलती है? (How much salary does the Prime Minister of India get)

How much salary does the Prime Minister of India get

भारत के प्रधानमंत्री भारत सरकार की कार्यकारी शाखा के प्रमुख होते हैं। भारत में वेस्टमिंस्टर प्रणाली के बाद संसदीय प्रणाली का अनुसरण किया जाता है, ज्यादातर कार्यकारी शक्तियों का उपयोग प्रधानमंत्री द्वारा होता है। राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं।  और उनकी सलाह पर मंत्रिपरिषद नियुक्त किया जाता है. प्रधानमंत्री लोकसभा या राज्य सभा का सदस्य हो सकता है। क्या आप जानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री का मासिक वेतन कितना है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं। और सबसे ताकतवर आदमी हमारे देश में प्रधानमंत्री को ही माना जाता है। क्योंकि उनके हाथों में पूरे देश की बागडोर होती है। यहीं आपको बता दें कि संविधान के अनुसार, भारत का प्रधानमंत्री, भारत सरकार का मुखिया, भारत के राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। भारत कि राजनैतिक प्रणाली में, मंत्रिमंडल का वरिष्ठ सदस्य भी होता है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री का वेतन संसद द्वारा तय किया जाता है। और समय-समय पर संशोधित किया जाता है। 31 जुलाई, 2012 को भारत के प्रधानमंत्री का मासिक वेतन और भत्ते रुपये थे 1,60,000.

बेसिक सैलरी50,000 रूपये
व्यय भत्ता3000 रूपये
रोजाना भत्ता2000X 31= 62,000 मासिक रूपये
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता45,000
कुल वेतन1,60,000
प्रधानमंत्री के पहले का मासिक वेतन और भत्ते
अक्टूबर 2009 में वेतनअक्टूबर 2010 मे वेतनअक्टूबर 2012 में वेतन
₹100,000₹135,000₹160,000

 

यानी हमारे देश के प्रधानमंत्री एक महीने में सिर्फ एक लाख साठ हजार रूपये पेमेंट लेते हैं. इसके अलावा, वह व्यक्तिगत स्टाफ, विशेष जेट, सरकारी निवास, और संसद सदस्य के रूप में भत्ते इत्यादि और भी बहुत कुछ प्राप्त करते हैं।

पेंशन (pension)

भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों को प्रदान किया जाता है:

    • जीवन भर के लिए किराया-मुक्त आवास।
    • चिकित्सा सुविधाएं, 14 सचिवीय कर्मचारी, वास्तविक व्यय के अलावा कार्यालय व्यय, छह एग्जीक्यूटिव-क्लास के फ्लाइट टिकट, इत्यादि।
    • पहले पांच वर्षों के लिए मुफ्त ट्रेन यात्रा।
    • एक वर्ष के लिए एसपीजी कवर।
    • पांच साल के बाद: एक निजी सहायक और चपरासी, मुफ्त हवाई और रेल टिकट और कार्यालय खर्च के लिए 6,000 रु.

प्रधानमंत्री का कार्यकाल और सेवानिवृत्ति की आयु

राष्ट्रपति के विपरीत, प्रधानमंत्री का निश्चित कार्यकाल नहीं होता है। प्रधानमंत्री का पूरा कार्यकाल पांच साल का होता है, जो लोकसभा के सामान्य कार्यकाल के साथ मेल खाता है। यदि प्रधानमंत्री निचले सदन में विश्वास मत खो देता है तो उनका कार्यकाल समाप्त हो सकता है. इसलिए, यह कहा जा सकता है कि वह तब तक सत्ता में बने रहेंगे।  जब तक उन्हें लोकसभा का विश्वास प्राप्त है। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को पत्र लिखकर भी इस्तीफा दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के कार्यालय की कोई अवधि सीमा नहीं है। कोई आधिकारिक सेवानिवृत्ति की आयु भी नहीं है।

प्रधानमंत्री कहां रहते हैं?

भारतीय प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास 7, लोक कल्याण मार्ग है. यह उनका मुख्य कार्यस्थल भी है। निवास का आधिकारिक नाम “पंचवटी” है। यह 1980 के दशक में बनाया गया था। पूरा परिसर 12 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें पाँच बंगले हैं। जब किसी व्यक्ति को नए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो उसका पूर्ववर्ती निवास खाली हो जाता है। और अवलंबी को सलाह दी जाती है कि वह जल्द से जल्द अपने सरकारी आवास में चले जाएं।

प्रधानमंत्री की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
    • प्रधानमंत्री, राष्ट्रपतिऔर मंत्रिपरिषद के बीच का लिंक होता है। प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का नेता होता है और राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संचार माध्यम के रूप में कार्य करता है।
    • विभागों का आवंटन करता है। वह मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन करता है और विभिन्न मंत्रालयों और कार्यालयों के बीच काम वितरित करता है।
    • मंत्रालयों का प्रभारी होता है। प्रधानमंत्री के पास और भी विभागों के पोर्टफोलियो होते हैं जो कि अन्य मंत्रियों को आवंटित नहीं किए जाते हैं।
    • कैबिनेट का नेता होता है। प्रधानमंत्री कैबिनेट की बैठकों को बुलाते हैं। और निर्धारित करते हैं कि किस प्रकार से व्यवसाय का लेन-देन किया जाएगा।
    • संसद और मंत्रिमंडल के बीच की कड़ी होता है। वह संसद में बहुमत में पार्टी के नेता के साथ संसद में सरकार के मुख्य प्रवक्ता होते हैं।
    • आधिकारिक प्रतिनिधि: प्रधानमंत्री विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों, उच्च-स्तरीय बैठकों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न अवसरों पर राष्ट्र को संबोधित भी करते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सैलरी ज्यादातर दान कर देते हैं। जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब भी ऐसा किया करते थे। ऐसा भी कहा जाता है। कि, जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था तब 21 लाख रूपये उन्होंने गुजरात में बेटियों के नाम कर दिए थे। साथ ही आपको जानकर हैरानी होगी कि जब से नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है तब से उन्होंने अभी तक कोई छुट्टी भी नहीं ली है।
उम्मीद करते हैं कि आप जान गए होंगे कि भारत के प्रधानमंत्री का मासिक वेतन कितना है, रिटायरमेंट के बाद उनको क्या-क्या सुविधाएं दी जाती हैं।