IPL का इतिहास History Of IPL

आईपीएल क्या है? What Is IPL

आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) एक टी 20 लीग है, जो की हर वर्ष हमारे देश में होता है और इस लीग में भारत सहित अन्य देशों के प्लेयर्स भी भाग लेते हैं. क्रिकेट के इस लीग में हिस्सा लेने वाली टीमें भारतीय शहरों या राज्यों को रिप्रेजेंट करती हैं. इन टीमों के बीच मैच खेले जाते हैं और अंत में जो टीम विजय रहती है उस इनाम दिया जाता है.

आईपीएल की शुरुआत Indian Premier League History

BCCI (बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंइिया) ने इंडियन प्रीमियर लीग को स्टार्ट करने की घोषणा साल 2007 में की थी और इस घोषणा के एक साल बाद ही इस लीग को शुरू कर दिया गया था.

आईपीएल से जुड़ी जानकारी

 आईपीएल की घोषणा कब हुई13 सितंबर, 2007
आईपीएल की फुल फॉर्मइंडियन प्रीमियर लीग
किसके की अधीन हुई शुरुआतबीसीसीआई (BCCI)
कब खेला गया था पहला सीजन2008
अब तक खेले गए सीजन12
किस महीने खेला जाता है ये लीगअप्रैल से मई तक
लीग में हिस्सा लेने वाली कुल टीमेंआठ
एक टीम में कितने होते हैं खिलाड़ी11
मिलने वाली इनाम राशि10 करोड़ रुपए (पहले 20 करोड़ मिला करते थे)

साल 2008 में बेची गई फ्रेंचाइजी (Indian Premier League Franchise)

इस लीग की घोषणा करने के कुछ महीनों बाद इस लीग की टीमों की फ्रेंचाइजी को बेचा गया था. टीम की फ्रेंचाइजी लेने के लिए लगी ऑक्शन में जिनके द्वारा अधिक बोली लगाई गई थी, उन लोगों को टीमों की फ्रेंचाइजी मिल गई थी. इस तरह से बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मोहाली और मुंबई टीमों को उनके मालिक मिले थे.

आईपीएल मैच का फॉर्मेट (Format)

  • IPL में भाग लेने वाली हर टीम को दूसरी टीम के साथ दो मुकाबले खेलने होते हैं और इन मुकाबलों के बाद जो टीम टॉप चार नंबर पर आती हैं. वो प्लेऑफ्स के लिए क्वालिवफ कर जाती हैं.
  • प्लेऑफ्स में टॉप नबंर पर आई दो टीमों के बीच फाइनल में जगह बनाने के लिए मुकाबला होता है और जो टीम इस मुकाबले को जीत जाती है वो फाइनल में अपनी जगह बना लेती है.
  • जबकि हारी गई टीम को फाइनल में जगह बनाने के लिए एक और मौका मिलता है और ये टीम दूसरा क्वालीफायर, तीसरे और चौथे नंबर की टीमों के बीच हुए मुकाबले में जीती गई टीम के साथ खेलती है. और जो टीम दूसरा क्वालीफायर जीत जाती है, वो फाइनल मुकाबला खेलती है.
  • इसलिए आईपीएल की हर टीम टॉप दो में आने की कोशिश करती हैं, ताकि अगर वो हार भी जाए तो उसको फाइनल में जगह बनाने के लिए दूसरा मौका मिल सके

आईपीएल में होने वाली नीलामी

 कोई भी टीम की फ्रेंचाइजी तीन तरह से प्लेयर्स को हासिल कर सकती हैं, जिनमें से एक जरिए ऑक्शन का है, दूसरा ट्रेडिंग विंडो (एक टीम दूसरी टीम के साथ खिलाड़ियों को एक्सचेंज करती है) का है और तीसरा अनुपलब्ध खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्थापन पर हस्ताक्षर (signing replacements for unavailable players) है.

नीलामी की प्रक्रिया (Auction Process)

  • आईपीएल में हर साल ऑक्शन होती है. इस ऑक्शन में हर फ्रेंचाइजी टीम के मालिक हिस्सा लेते हैं और अपने मनपसंद प्लेयर्स को हासिल करने के लिए बोली लगाते हैं.
  • हर प्लेयर्स के लिए एक बेस प्राइज तय किया जाता है और इस बेस प्राइज के ऊपर की बोली फ्रेंचाइजी द्वारा लगाई जाती है. जो फ्रेंचाइजी अधिक मूल्य की बोली लगाती है उसे वो खिलाड़ी मिल जाता है.
  • हर फ्रेंचाइजी अपने 3 प्लेयर्स को रिटेन यानी ऑक्शन से पहले ही खरीद सकती है और फ्रेंचाइजी के पास ‘राइट टू मैच’ को इस्तेमाल करने की भी ताकत होती है.

खिलाड़ी रिटेन (Retain)

कोई भी फ्रेंचाइजी ऑक्सन शुरू होने से पहले अपनी टीम के अधिकतम तीन प्लेयर्स को अपनी टीम में बनाए रख सकती है और ऐसा करने से ऑक्सन के दौरान रिटेन किए गए खिलाड़ियों की नीलामी नहीं लगती है.
अपनी टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को अपनी टीम का हिस्सा बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. हालाकिं ये फ्रेंचाइजी पर निर्भर होता है कि वो अपने किसी खिलाड़ी को रिटेन करना चाहती है कि नहीं.
  1. एक प्लेयर्स को रिटेन करने की कीमत
अगर फ्रेंचाइजी अपने एक प्लेयर्स को रिटेन करती है तो उस प्लेयर्स के लिए उन्होंने 12.5 करोड़ रुपये देने पड़ते है. जिसके बाद ये राशि ऑक्सन के लिए तय किए गई राशि में से काट ली जाती है

2. दो प्लेयर्स को रिटेन करने की कीमत

यदि फ्रेंचाइजी अपने दो प्लेयर्स को रिटेन करती है, तो उन प्लेयर्स के लिए उन्होंने क्रमशः कीमत देनी पड़ती है. पहले खिलाड़ी के लिए 12.5 करोड़ रुपये और दूसरे खिलाड़ी के लिए 8.5 करोड़ रुपये और इस तरह से ऑक्सन के लिए तय की गई राशि में से उस फ्रेंचाइजी के 21 कोरड़ रुपए कम हो जाते हैं.

राइट टू मैच क्या होता है? (What is Right To Match card?)

राइट टू मैच एक प्रकार का अधिकार होता है, जिसकी मदद से कोई सी भी फ्रेंचाइजी अपने टीम के बिके हुए प्लेयर्स को हासिल कर सकती है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई फ्रेंचाइजी अपने किसी प्लेयर्स को रिटेन नहीं करती है और उस प्लेयर्स को कोई अन्य फ्रेंचाइजी खरीद लेती है. तो उस प्लेयर्स को वापस से अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए फ्रेंचाइजी, ऑक्शन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद इस कार्ड की मदद से उसे हासिल कर सकती. जिसके बाद वो प्लेयर वापस से अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के पास चला जाता है. प्लेयर की फ्रेंचाइजी टीम को उसको अपनी टीम में शामिल करने के लिए उतने ही पैसे देने होते हैं, जितनी राशि में उसे दूसरी फ्रेंचाइजी द्वारा खरीदा जाता है.

राइट टू मैच के नियम Right to match rules

  • कोई फ्रेंचाइजी अपने 3 प्लेयर्स को रिटेन करती है, तो नियमों के अनुसार वो केवल दो बार ‘राइट टू मैच’ कार्ड यूज कर सकती है.
  • अगर फ्रेंचाइजी द्वारा अपनी टीम के दो या एक प्लेयर्स बरकरार रखे जाते हैं तो नियमों के तहत वो तीन इस कार्ड का यूज कर सकती है.

इंडियन प्रीमियर लीग के अभी तक के हुए सीजन (Indian Premier League Seasons)

इस लीग के अभी तक 12 सीजन पूरे हो चुके हैं जबकि 13 वां सीजन जल्दी आने वाला है और पिछले 12 सीजनों के विजेता टीमों के नाम इस प्रकार हैं

इंडियन प्रीमियर लीग की विजेता टीम(Indian Premier League (IPL) Winner Team List)

सीजनविजेता टीमद्वितीय विजेता
2008राजस्थान रॉयल्सचेन्नई सुपर किंग्स
2009डेक्कन चार्जर्सरॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
2010चेन्नई सुपर किंग्समुंबई इंडियंस
2011चेन्नई सुपर किंग्सरॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
2012कोलकाता नाइट राइडर्सचेन्नई सुपर किंग्स
2013मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स
2014कोलकाता नाइट राइडर्सकिंग्स इलेवन पंजाब
2015मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स
2016सनराइजर्स हैदराबादरॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
2017मुंबई इंडियंसराइजिंग पुणे सुपरजायंट
2018चेन्नई सुपर किंग्ससनराइजर्स हैदराबाद
2019मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स

आईपीएल कितना फेमस है (IPL Popularity)

  • आईपीएल(IPL) का जुनून केवल भारत तक सीमित नहीं है और इस लीग को अन्य देशों में भी देखा जाता है. एशिया, मध्य पूर्व, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, और अमेरिका में आईपीएल की व्यूवरशिप काफी का अधिक है.
  • साल 2017 के आईपीएल सीजन की व्यूवरशिप में साल 2016 के मुकाबले में 40 प्रतिशात वृद्धि हुई थी. जिसके साथ ही आईपीएल का पिछला सीजन सबसे प्रसिद्ध सीजन बन गया था.
  • उम्मीद की जारी रही है कि इस साल के आईपीएल सीजन को साल 2017 से अधिक व्यूवरशिप मिलेगी. क्योंकि इस साल के सीजन के ओपनिंग मैच को सबसे ज्यादा दर्शकों द्वारा देखा गया है.
  • आईपीएली की प्रसिद्धता का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि आईपीएल दुनिया में सबसे महंगे खेलों में से एक हैं और हर साल इस लीग से करोड़ रुपए का मुनाफा होता है.
  • ये गेम टी.वी तक सीमित नहीं रहकर ऑनलाइन भी खूब देखा जाता है और ऑनलाइन भी इसकी व्यूवरशिप लाखों की है और साल 2018 के इसके लीग के पहले सप्ताहांत में आईपीएल की आधारिक वेबसाइट को 3.5 मिलियन से अधिक हिट मिलें हैं.
  • हॉटस्टार के जरिए इसे 82.4 मिलियन दर्शकों द्वारा अभी तक देखा जा चुका है, जो पिछले साल से 76% से अधिक है.

आईपीएल के कारण भारत की पॉपुलैरिटी बढ़ी (India’s popularity increased due to IPL)

  • आईपीएल की कामयाबी के कारण भारत की पहचान भी दुनिया भर में और बढ़ सकी है. आज आईपीएल की वजह से ही भारत का नाम भी खेल जगत में होने वाली सभी प्रसिद्ध लीगों में गिना जाता है.
  • दुनिया भर के क्रिकेटर भारत के इस क्रिकेट लीग का हिस्सा बनना चाहते हैं. जिसके कारण भारत देश क्रिकेटरों के व्यापार में सबसे अधिक पॉपुलर हो गया है.

आईपीएल से जुड़ी अन्य जानकारी (Interesting Facts About IPL)

  • एक खिलाड़ी के अनुबंध (contract) की अवधि एक वर्ष की होती है मगर फ्रेंचाइजी चाहे तो अपने खिलाड़ी के अनुबंध को दो साल तक के लिए भी बढ़ा सकती है.
  • आईपीएल की एक टीम में 18 से लेकर 25 प्लेयर्स हो सकते हैं, जिनमें अधिकतम 8 विदेशी प्लेयर्स को एक टीम रख सकती हैं.
  • डेक्कन चार्जर्स, गुजरात लॉयन्स, कोच्चि टस्कर्स केरल, पुणे वॉरियर्स इंडिया और राइजिंग पुणे सुपरर्जेंट एक समय में आईपीएल की टीमें हुआ करती थी लेकिन अब ये टीमें आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं.
  • विवो कंपनी ने आईपीएल की शीर्षक प्रायोजक (Title sponsor) करीब 439.8 करोड़ रुपये में खरीदी है और विवो को ये शीर्षक प्रायोजक 5 सालों के लिए यानी साल 2018 से साल 2022 तक के लिए दी गई है.
  • विश्व भर के करीब 18 देशों में आईपीएल मैच को प्रसारण किया जाता है, जबकि आईपीएल को इंटरनेट में प्रसारण करने का अधिकार हॉटस्टार के पास हैं.
  • आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस टूर्नामेंट के सभी कार्यों के लिए ज़िम्मेदार है और इस काउंसिल के मेंबर राजीव शुक्ला, अजय शिर्कि, सौरव गांगुली, अनुराग ठाकुर और अनिरुद्ध चौधरी हैं.
  • आईपीएल में किसी भी पाकिस्तान के प्लेयर्स को हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है. हालांकि जिस वक्त आईपीएल स्टार्ट हुआ था, उस समय कई टीमों में पाकिस्तान के प्लेयर्स हुआ करते थे. लेकिन बाद में इस देश के प्लेयर्स को आईपीएल में लेने पर बैन लगा दिया गया था.

आईपीएल के साथ जुड़े विवाद (IPL Controversies)

  • साल 2013 के लीग के दौरान मैच फिक्सिंग की गई थी जिसके कारण दो टीमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और ये टीम चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स थी. इन टीमों के अलावा कई प्लेयर्स पर भी इस लीग में भाग लेने पर बैन लगाया गया था. हालांकि की बैन लगी टीमों ने साल 2018 के लीग में फिर से वापसी कर ली है.
  • साल 2013 में आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम पुणे वॉरियर्स इंडिया (पीडब्ल्यूआई) के मालिकों ने अपनी ये फ्रेंचाइजी छोड़ दी थी. क्योंकि इस टीम के मालिकों द्वारा फ्रेंचाइजी लेने का शुल्क भुगतान नहीं किया गया था.
  • आईपीएल को शुरू करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ ललित मोदी का ही था और ये आईपीएल के अध्यक्ष हुआ करते थे. लेकिन सट्टेबाजी और मनी लॉंडरिंग में शामिल होने के कारण मोदी को आईपीएल से निकाल दिया गया था और इस वक्त ये दूसरे देश में रह रहे हैं.

मीडिया राइट्स (Media Rights)

  • मीडिया राइट्स के जरिए आईपीएल टीमों के मालिक सबसे अधिक कमाई करते हैं और ये आय का सबसे महत्वपूर्ण सोर्स है.
  • मीडिया राइट्स का मतबल होता है कि किसी चैनल को मैच प्रसारण करना का अधिकार देना और ये आधिकार हासिल करने के लिए चैनल द्वारा बीसीसीआई को पैसे दिए जाते हैं.
  • जिसके बाद बीसीसीआई इन पैसों में से अपना हिस्सा रख लेती है और बाकी बेचे हुए पैसे टीमों में बांट देती है. ये पैसे टीमों की रैंक के हिसाब से उनके मालिकों को दिए जाते हैं.
  • यानी जो टीम सीजन में पहले नंबर पर आती है उसे ज्यादा पैसे मिलते हैं और जो टीम आखिरी नंबर पर आती हैं उन्हें कम पैसे दिए जाते हैं.

अन्य तरह के लीगों को भी किया गया शुरू

आईपीएल के कामयाब होने के बाद हमारे देश में अन्य खेलों जैसे कि कबड्डी, फुटबॉल और बैडमिंटन इत्यादि के लीग भी शुरू किए गए हैं जिससे की इन खेलों को भी भारत में बढ़ावा मिल रहा है.

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