बॉलीवुड मिमी (Mimi) फिल्म रिव्यू हिन्दी मे। (Bollywood Mimi Movie Review In Hindi.)

बॉलीवुड मिमी (Mimi) फिल्म रिव्यू हिन्दी मे।

एक लंबे समय से कृति सैनन के लीड रोल वाली फिल्म ‘मिमी’ सुर्खियों में थी। यह फिल्म 30 जुलाई 2021 को रिलीज होनी थी मगर यह 26 जुलाई की सुबह ऑनलाइन लीक हो गई। इस कारण आनन-फानन में मेकर्स ने इसे 26 जुलाई की शाम ही ऑनलाइन रिलीज कर दिया। फिल्म सोरोगेसी के मुद्दे पर बनी है। एक समय था जबकि भारत पश्चिमी देशों के लिए सोरोगेसी का अड्डा बन गया था और यहां किराए की कोख एक व्यापार बन गया था। ‘मिमी’ में इसी मुद्दे को थोड़ा सा इमोशनल तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है।

कभी कभी मरना आसान हो जाता है, और ज़िंदा रहना मुश्किल हो जाता है। जीना, समाज से लड़ना, अपने आप से लड़ना, अपने सपनों से लड़ना, युद्ध करते रहना। जब पंकज त्रिपाठी ये डायलॉग बेहद आसानी से कह जाते हैं, उतनी ही आसानी के साथ ये एक डायलॉग आपके दिल में उतर जाता है। और उतनी ही सच्चाई के साथ मिमी आपके दिल में उतर जाती है। कृति सैनन को मिमी बनाकर लक्ष्मण उतेकर, 2011 की एक मराठी फिल्म को रीमेक करते हैं। लेकिन उसे आज के ज़माने के हिसाब से ढालने की कोशिश पूरी करते हैं। मिमी मुवी बेहद दिल को छु जाती है। कियों की ये रियल लाइफ मे भी हो सकता है।mimi move review

फिल्म में मिमी के साथ उसकी दुनिया के लोग भी कितने ज़रूरी हैं। ये लक्ष्मण उतेकर अपने किरदारों के ज़रिए कहते हैं। फिल्म को मज़बूती के साथ पकड़ते हैं। पंकज त्रिपाठी, सईं तम्हान्कर, मनोज पाहवा और सुप्रिया पाठक के किरदार।

मिमी की कहानी की खास बात ये है, कि ये हर सरोगेसी की कहानी की तरह ही मां पैसों के लिए बनी एक सरोगेट मां की कहानी से शुरू होकर, उसके मां बनने पर खत्म नहीं होती। यहां मिमी त्याग की देवी नहीं बनती है। जो अपनी ममता का एहसास हो जाने के बाद अपनी ममता त्याग कर फिल्म के क्लाईमैक्स को भावनाओं के सबसे ऊंचे पॉइंट पर ले आए। मिमी का क्लाईमैक्स उसके मां के दर्द के साथ ही उसे अपने फैसलों की ज़िम्मेदारी लेने का भी एहसास दिलाता है। और यहीं आकर मिमी उन फिल्मों से अलग हो जाती है। जो पहले भी ये बात कह चुके हैं।Mimi Move Review in hindi

मिमी की कहानी जो दिल को छु जाती है।

मिमी की कहानी में ज़्यादा कोई खेल या ट्विस्ट नहीं है। फिल्म की कहानी वही है, जो अमूमन कई फिल्मों में एक छोटे शहर में बड़े सपने देखने वाली लड़की की कहानी होती है। मिमी की कहानी भी वही है। वो मुंबई जाना चाहती हैं, मायानगरी में अपने सपनों की दुनिया बसाना चाहती हैं। लेकिन जितनी महंगी वो दुनिया है। उतनी ही महंगी है। उन सपनों को पूरा करने की कीमत। इसके बाद वो कीमत किसी भी कीमत पर मिले, उसके लिए मिमी तैयार है। क्योंकि सपने पूरा करने के लिए हर कीमत छोटी ही होती है। मिमी के सपनों की कीमत है उसकी कोख। होती है जिस से वह अपनी लाइफ चेंज करना चाहती है।mimi ki story

मिमी के सपनों को पूरा करने में उसकी मदद करता है, भानु (पंकज त्रिपाठी)। उसकी भाषा में वो मिमी के सपनों का केयरटेकर है। भानु के भी अपने सपने हैं जो महंगे हैं। और मिमी – भानु दोनों मिलकर जब टैक्सी में रेडियो पर बज रहे गाने, पूरी बात यह है कि भैया सबसे बड़ा रूपैया सुनकर खुश होते हैं। तब ही ये फिल्म आगे आने वाली परिस्थितियों के बारे में आपको छोटी सी झलक दे देगी। क्योंकि पैसा अगर वाकई आसानी से खुशी दे सकता तो दुनिया में इतना ग़म नहीं होता।

लक्ष्मण उतेकर का किरदार।

लक्ष्मण उतेकर को पता है, कि उन्हें अपनी कहानी में क्या कहना है। और यही कारण है कि मिमी कहीं भी बोझिल नहीं होती है। ये फिल्म जितनी साधारण तरीके से शुरू होती है, उतनी ही साधारण तरीके से खत्म होती है। लेकिन यही फिल्म की खास बात बनकर उभरता है। अगर कुछ कमी है तो वो है फिल्म की पटकथा में। मिमी में कुछ ऐसा नहीं है जो हमने या आपने देखा या सुना नहीं है। वहीं फिल्म की कहानी अपने समय से काफी पीछे चलती है। ये आपको आज से जोड़ने में विफल हो जाती है। और यहीं पर फिल्म कहीं ना कहीं कमज़ोर पड़ जाती है।

कॉमेडी के बजाय ट्रैजिडी ने बांधा।

फिल्म थोड़ी सी देखने लायक तब होती है जब इसमें ट्रैजिडी शुरू होती है। अमेरिकी कपल बच्चा पैदा करने का फैसला बदल लेता है लेकिन मिमी प्रेग्नेंट हो चुकी होती है। मिमी को बच्चे से अटैचमेंट हो जाता है और वह इसे जन्म देने का फैसला करती है। वह अपनी डर की वजह से अपने पेरेंट्स से झूठ बोल देती है कि बच्चा भानु का है।

कृति सैनन किरदार। (Kriti Sanon Character)

मिमी की कहानी बेहद सादी है, ये तो हम आपको बता ही चुके हैं। लेकिन इस साधारण सी कहानी को अगर कुछ खास बनाता है, तो वो है। कृति सैनन का अभिनय। कृति सैनन पहले सीन से लेकर आखिरी सीन तक मिमी के सफर पर आपको इतने शानदार तरीके से लेकर आ जाती हैं। कि आपका मन फिल्म से नहीं हटता। उन्हें हर एक सीन में बेहतरीन अदाकारी पेश करते हुए देखना एक अच्छा अनुभव था। ये फिल्म कृति सैनन अपने अभिनय के दम पर अंत तक मज़बूती से बिना किसी ढील के और बिना किसी बोझ को ढोए लेकर जाती हैं। इस बात के लिए थिएटर में उन्हें ज़ोरदार तालियां मिल सकती थीं। कृति के कुछ सीन फिल्म में वाकई ये बताते हैं कि उनका अभिनय परिपक्व हो चुका है।Mimi Move Review in hindi 1

गणेश आचार्य ने परम सुंदरी की कोरियोग्राफी के साथ कृति सैनन को बेहतरीन तरीके से फिल्म में इंट्रोड्यूस किया है। सुब्रत चक्रवर्ती और अमित रे की प्रोडक्शन डिज़ाईन फिल्म को सच्चा कलेवर देती है और शीतल शर्मा के कॉस्ट्यूम फिल्म को राजस्थान में बसाने में पूरी मदद करते हैं। मनीश प्रधान की एडिटिंग फिल्म को कहीं भी बोझिल नहीं होने देती है और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए वो कम है। क्योंकि रोहन शंकर और लक्ष्मण उतेकर की पटकथा में बोझिल होने के काफी आसार थे। फिल्म को बोझिल ना होने देने का श्रेय रोहन शंकर के डायलॉग्स को भी जाता है। कॉमेडी की हल्की फुल्की फुहारों के साथ उन्होंने भावनाओं का घोल बिल्कुल सही मात्रा में तैयार किया है। इसलिए हल्की सी मुस्कान के साथ आप फिल्म देखते हैं और आंखों में कब नमी आती है, इसका आपको एहसास भी नहीं हो पाता।

मिमी (कृति सैनन) और उनकी दोस्ती की सच्ची कहानी

एक दोस्त बनकर पंकज त्रिपाठी, मिमी में वो करते हैं जो अक्सर दोस्त कर करते हैं। मज़बूती के साथ अपना कंधा देना और अपने दोस्त को उस कंधे का सहारा लेकर उसे वापस खड़ा करने की कोशिश करना। पंकज त्रिपाठी, भानु के इस किरदार में दिल इसलिए जीत जाते हैं क्योंकि उनका ये दोस्त हमारे और आपके दोस्तों जैसा नहीं है। उनकी और मिमी की दोस्ती में दोस्ती कम और अपनापन ज़्यादा है, दूरी में भी एक नज़दीकी दिखाई देती है। एक रिश्ता जो दोस्ती से थोड़ा कम लेकिन फिर भी उतना ही मज़बूत दिखता है। The true story of Mimi Kriti Sanon and their friendship

एक तरफ तो कृति सैनन यानि मिमी के साथ हुआ धोका लेकिन उसकी सचसी दोस्त हर पल खड़ी दिखाई देती हैं, उनकी दोस्त शमा। सईं तम्हान्कर इस किरदार को बेहद सादगी और सच्चाई से जीती हैं। कृति सैनन के साथ वो हर एक सीन में परदे पर उतनी ही चमक के साथ दिखाई देती हैं जितनी रोशनी, उनका किरदार, मिमी की ज़िंदगी में लेकर आता है। एक सच्चा दोस्त, ज़िंदगी में कितना मायने रखता है ये शमा पूरी ईमानदारी से दिखाती हैं। मिमी मूवी मे शमा पूरी तय दिल से दोस्ती निभाती है। और मे भी दिल से सलूट करना चाहता हु।

कृति सैनन के सपोर्टिंग स्टारकास्ट (Supporting Starcast Of Kriti Sanon)

मनोज पाहवा और सुप्रिया पाठक फिल्म में मिमी के माता पिता के किरदार में अपना काम इतने खूबसूरत तरीके से करते हैं कि छोटे किरदार होने के बावजूद वो अपनी छाप छोड़ते हैं। मनोज पाहवा फिल्म में एक संगीतकार की भूमिका में हैं वहीं सुप्रिया पाठक हर उस मां के किरदार में जो अपनी बेटी की चिंता में घुली जाती है। लेकिन उन दोनों ही किरदारों को बेहतरीन तरीके से लिखा गया है। हालांकि ये दोनों ही किरदार सच्चे नहीं दिखते लेकिन जितनी सच्चाई से इसे मनोज पाहवा और सुप्रिया पाठक निभा जाते हैं, उनके किरदार पर विश्वास करने को जी चाहता है।

मिमी फिल्म का लेटेस्ट सॉन्ग (Mimi Movie Latest Song)

कृति सेनन की फिल्म मिमी का गाना परम सुंदरी को ए आर रहमान द्वारा कंपोज किया गया है। जिसे श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। गाने के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। गाने को कृति सेनन पर ही फिल्माया गया है। गाने को खुद कृति सेनन, ए आर रहमान व अन्य फिल्म टीम के सदस्यों ने शेयर किया।

कृति सेनन की फिल्म मिमी में उनका जबरदस्त आइटम नंबर देखने को मिला। ग्लैमरस आउटफिट में कृति सेनन जबरदस्त ठुमके लगाती नजर आ रही हैं जिसपर फैंस की नजरें थम गई हैं। इससे पहले भी कृति सेनन के आइटम नंबर देख जा चुके हैं।लेकिन इस बार उनका अलग अवतार देखने को मिला है।

कुल मिलाकर ‘मिमी’ बात की गहराई में ज्यादा नहीं उतरती है, लेकिन मनोरंजक है।
निर्माता : दिनेश विजन
निर्देशक : लक्ष्मण उतेकर
संगीत : एआर रहमान
कलाकार : कृति सेनन, पंकज त्रिपाठी, मनोज पाहवा, सुप्रिया पाठक, सई ताम्हणकर
2 घंटे 12 मिनट 28 सेकंड
नेटफ्लिक्स और जियो सिनेमा पर उपलब्ध
रेटिंग : 3/5
तो दोस्तों यह थी बॉलीवुड मिमी (Mimi) फिल्म रिव्यू हिन्दी मे पूरी जानकारी आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।