जया किशोरी जी का जीवन परिचय। (Biography Of Jaya Kishori Ji)

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जया किशोरी जीकरीब 9 साल की उम्र से ही आध्यात्म से जुड़ी होने के कारण जया किशोरी के पास ज्ञान का सागर है। उनका नाम को जया शर्मा हैं, लेकिन अपने प्रशंसकों के बीच वह जया किशोरी के नाम से ही जानी जाती है। जया किशोरी जी लाइफ मैनेजमेंट टिप्स और मोटिवेशनल स्पीच के लिए चर्चित है। वे जीवन से जुड़े अलग-अलग विषयों पर समय-समय पर सेमिनार और वेबिनार के जरिए अपनी बात रखती है।

सोशल मीडिया पर भी जया किशोरी जी के प्रशंसकों की लिस्ट बहुत लंबी है। उनके लाखों नहीं करोड़ो की संख्या में फोलोवर्स है। जो उनकी कथा और मोटिवेशनल विचार सुनने के लिए बेताब रहते हैं। जया किशोरी जी भी अपने प्रशंसकों के पूछे गए सवालों का जवाब बहुत ही अच्छे और विनम्रता सहित देती है। जिसके कारण उनसे सवाल पूछने वालों की भी लाइनें लगी रहती है। 

जया किशोरी जी का जीवन परिचय (Jaya Kishori Biography)

जया किशोरी जी एक कथावाचक तथा भजन गायिका है। वो भगवत गीता, नानी बाई रो मायरो, रामायण आदि जैसे आयोजन करती है। जया किशोरी जी ने बहुत ही कम आयु में अपनी मधुरवाणी से करोड़ों लोगों को आकर्षित किया हैं। जया किशोरी जी ने अपनी सम्मोहन आकर्षण वाली वाणी से नानी बाई रो मायरो के गीत गाती हैं। तब सुनने वाले श्रोता झूमने लग जाते है। जैसे की “टूटी गाड़ी” भजन,“गाड़ी को संभाले रे बाबा जानो है नगर अंजार” जया किशोरी जी के मुख अरविंद से ऐसा भजन सुनने के आनंद ही अलग आता है। जया किशोरी जी का भगवान के प्रति भक्ति व प्रेम है। जिसके चलते वो आज कामयाबी के उस शिखर तक है। जहां तक पहुँचना बहुत ही मुश्किल है। जया किशोरी जीवनी से लोगों को प्रेरणा मिलती है।  छोटे बच्चों को सही रास्ता मिलता है।  जिससे वो यह सोचते है कि हमारी उम्र की यह लड़की इतना कुछ कर रही है।  तो हमें भी कुछ करना है।अपने जीवन में।

Biography Of Jaya Kishori

नामजया शर्मा
जन्म और स्थान13 जुलाई 1995
पिता का नामशिव शंकर शर्मा (राधे श्याम हरितपाल)
माता का नामगीता देवी हरितपल
भाई-बहन1 बहन (चेतना शर्मा)
पत्नी का नामअविवाहित
स्कूल/कॉलेजमहादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी, कोलकाता
शिक्षाबी.कॉम
निवास स्थानकोलकाता
उम्र25 वर्ष (2021 तक)

 

जया किशोरी जी का नाम जया शर्मा है। उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के गांव सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्माण परिवार में हुआ था। जया किशोरी के पिता का नाम शिव शंकर शर्मा है, जबकि मां का नाम सोनिया शर्मा है। वहीं उनकी एक बहन भी है। जिनका नाम चेतना शर्मा है।

छोटी सी उम्र में ही भागवत गीता, नानी बाई का मायरो, नरसी का भात जैसी कथाएं सुनाकर प्रसिद्ध हुई जया किशोरी की निजी जिंदगी में भी काफी चर्चा होती रहती है। राजस्थान में जन्मी जया किशोरी वर्तमान में कोलकाता में अपने परिवार सहित रह रही है। लेकिन उनकी प्रसिद्धी पूरे देश ही नहीं ब्लकि विदेश में भी है।

Jaya Kishori Biography 2जया किशोरी ने अपनी स्कूली पढ़ाई कोलकाता के महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी से की। उसके बाद उन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की हुई है। करीब 9 साल की उम्र में जया किशोरी ने संस्कृत में लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम्, मधुराष्टकम्, श्रीरूद्राष्टकम्, शिवपंचाक्षर स्तोत्रम्, दारिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् आदि कई स्तोत्रों को गाकर हजारों श्रोताओं को प्रभावित किया है।

10 साल की उम्र में जया किशोरी (Jaya Kishori) ने अमोघफलदायी सम्पूर्ण सुंदरकांड गाकर लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना लिया। उसके बाद से उनके प्रशंसकों में कोई कमी नहीं आई है और उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं।

जया किशोरी जी का निजी जीवन (Personal life of Jaya Kishori ji)

जया किशोरी के जी निजी जीवन के बारे में बात करें तो उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो बचपन में बहुत नटखट हुआ थी और उनका अध्यातम की ओर बहुत ज्यादा लगाव था। बचपन में वह एक जगह पर नहीं बैठ सकती थी। इसीलिए वह अपने आस पडोस के घरों में आती-जाती रहती थी और उनके पड़ोसियों का भी उनसे बहुत लगाव था।

Personal life of Jaya Kishori ji 1जया किशोरी जी को बचपन से ही कथा और भजन गाने का शौक था इसलिए वह हर समय कथाएं सुनने और भजन गाने में ध्यान लगाती थी। इसलिए उन्होंने 9 साल की उम्र में ही कथा करनी शुरू कर दी और आज उनकी कथा और मोटिवेशन का जादू पूरे दुनिया के सिर चढ़ कर बोलता है।

सन्मान एवं पुरस्कार (Jaya Kishori Awards)
  • फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे 2019 में जया किशोरी जी को यूथ आइकॉन प्राप्त हुआ है।
  • “ युवा” सर्वे रिपोर्ट में 18320 प्रबुद्ध लोगों की राय के अनुसार जया किशोरी जी को “अध्यातम” की श्रेणी में रखा गया है।
  • “युवा आइकॉन” के सर्वे में जया किशोरी जी को “युवा आइकॉन” माना गया है।

जया किशोरी विचार (Jaya Kishori Thoughts)

भजन-कीर्तन के अलावा जया जी बहुत से सामाजिक कार्य भी करती है, उन्हें जो राशि प्राप्त होती है वह उनके द्वारा उदयपुर की एक संस्था नारायण सेवा ट्रस्ट में दान की जाती है। नारायण सेवा ट्रस्ट का मुख्य कार्य शरीर से अक्षम बच्चों का इलाज किया जाता हैं।

  • लोग क्या कहेंगे, यह सोचकर जीवन जीते है, तो भगवान क्या कहेंगे यह सोच कर भी चला करो।
  • लोग आपके Idea को गलत बताते है तो आपकी जिम्मेदारी है की इसे सही साबित करके दिखाए।
  • जितना ही नही बल्कि कहां पर हारना है ये जानने वाला भी महान होता है।
  • राधा ने किसी और की तरफ देखा ही नही, जब से वो कृष्ण के प्यार मे खो गई, कान्हा के प्यार में पड़कर, वो खुद प्यार की परिभाषा हो गई।
  • साहस का अर्थ यह नही होता की आप डरते नही है साहस का अर्थ यह होता है। कि , आप डर कि वजह से रूकते नही है।
  • जब तक बिके न थे, तब तक को पूछता न था। तुमने खरीद कर मुझे , बहुत अनमोल कर दिया।
जया किशोरी के भजन (Bhajans of Jaya Kishori)

● राधिका गौरी से
● अच्युतम केस्वाम कृष्ण दामोदरम
● सबसे ऊंची प्रेम सगाई
● गाडी में बिठा ले रे बाबा
● इतनी खत्री करवावे ईगो काई लगे
● जगत के रंग क्या देखू
● कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नंदलाल
● मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
● मां बाप को मत भूलना
● आज हरी आये विदुर घर
● लिंगाष्टकम मृत्युंजय जाप
● हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे रामा हरे रामा

जया किशोरी जी द्वारा जीवन जीने का नजरियाँ (Views of Life by Jaya Kishori Ji)

जया किशोरी जी बेहद सादा जीवन जीने में भरोसा करती है, वे कहती हैं कि वर्तमान में तकनीक के चलते बच्चों का जीवन मोबाइल तथा लैपटॉप तक ही सिमित हो गया है, इससे बच्चों में संस्कारों की कमी साफ़ देखी जा सकती है। आजकल के युवाओं द्वारा बुजुर्गों तथा माता-पिता का सम्मान न करना, साधु तथा सन्यासियों का अनादर करना, सामाजिक मर्यादाओं को तोड़ना। इस बात का संकेत हैं कि हम कहीं न कहीं अपने संस्कारों को भूलते जा रहे हैं।

जया किशोरी जी इन्हीं सब बातों को अपनी सरल तथा मधुर वाणी और अपने स्वयं के अनुभवों के आधार पर सम्पूर्ण समाज को बताने का प्रयास करती है। जिस उम्र में लड़कियां घूमना-फिरना तथा श्रृंगार करना पसंद करती है, उस उम्र में जया किशोरी जी भगवान की भक्ति में लीन है, उनका मानना हैं कि भगवान की भक्ति ही जीवन की सही दिशा है।
जया किशोरी जी का भगवान खाटूश्यामजी में अथाह विश्वास है, यही कारण हैं कि वे हर साल राजस्थान में अपने पूरे परिवार के साथ खाटूश्यामजी के मंदिर जरूर जाती है। वे जब भी खाटूश्यामजी के मंदिर राजस्थान जाती हैं तब वह अपने परिवार के साथ पंचायती धर्मशाला में रूकती है। इस दौरान दो-तीन दिन जया किशोरी जी के सानिध्य में पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। वे बचपन में भगवान श्री कृष्ण के लिए क्लासिकल नृत्य करती थी, उनका पालन पोषण ऐसे परिवार में हुआ जो कृष्ण भक्ति में बहुत ही अधिक भरोसा करता है। आज पूरी दुनिया में जया किशोरी जी जया किशोरी जी कथा वाचक तथा भजन गायिका के नाम से प्रसिद्ध है।

जया किशोरी जी के अनमोल विचार (Priceless Thoughts Of Jaya Kishori Ji)

1, जो बदलता है वो आगे बढ़ता है।

2. बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है।

3. जीतने वाला ही नहीं बल्कि कहां पर हारना है, ये जानने वाला भी महान होता है।

4. महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

5. ये क्या सोचेंगे? वो क्या सोचेंगे? दुनिया क्या सोचेगी? इससे ऊपर उठकर कुछ सोच, जिन्दगीं सुकून का दूसरा नाम हो जाएगी।

6. “किसी ने कहा अच्छे कर्म करो तो स्वर्ग मिलेगा मै कहती हूँ माँ बाप की सेवा करो धरती पे ही स्वर्ग मिलेगा।”

7. अनुभव एक कठोर शिक्षक है क्योंकि वो परीक्षा पहले लेता है और पाठ बाद में सिखाता है।

8. महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

9. काल करे सो आज कर, आज करे सो अब – सबकी आयु निश्चित है।

10. मुसीबतों से भागना, नयी मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है।

11. जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते।

12. “मनुष्य तब तक नए महासागरों की खोज नहीं कर सकता, जब तक कि उसे अपना किनारा छोड़ ने की हिम्मत न हो।”

छोटी सी ज़िंदगी है,
हर बात में ख़ुश रहो।
कल किसने देखा है
बस
अपने आज में ख़ुश रहो।

13. “ऐसी कोई मंजिल नहीं है,
जहाँ पहुँचने का कोई रास्ता न हो!”

14. सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है।

15. हमारी उदासी के पीछे क्या कारण है?

16. सबसे बड़ा उपहार जो आप दूसरों को दे सकते हैं , वह बिना शर्त प्यार और स्वीकृति का उपहार है।

17. विश्वास में वह शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है।

“जीवन अपने आप को खोजने के बारे में नहीं है।
जीवन अपने आप को बनाने के बारे में है।।

“तुझको फिरसे जलवा दिखाना ही होगा,
अगले बरस आना है, आना ही होगा।।

“ख़ुद को बदलो।
देश बदल जाएगा।।

18. हम बाकी सभी रिश्तों के साथ पैदा होते हैं पर दोस्ती ही एक मात्र रिश्ता है जिसे हम खुद बनाते हैं।

“परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती, समस्या इस लिए बनती है,
क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से लड़ना नहीं आता।”

“ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़..!!!
मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..”

19. राधा ने श्री कृष्णा से पूछा प्यार का असली मतलब क्या होता है, श्री कृष्णा ने हंस कर कहा जहाँ मतलब होता है वहां प्यार ही कहाँ होता है।

20. चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी अवसाद (डिप्रेशन )में नहीं आती, वो अपने अस्तित्व में मस्त रहती है, मगर इंसान, दूसरे की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं।
तुलना से बचें और खुश रहें।”

21. आप समय की क़द्र करे, समय आपकी क़द्र करेगा।

22. ख्‍वाहिश भले छोटी सी हो लेकिन उसे पूरा करने के लिए दिल में सच्चाई और इरादे में मज़बूती होनी चाहिए।

23. घड़ी को देखो मत, बल्कि वो करो जो घड़ी करती है, बस चलते रहो।

24. सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते है, सपने वो है जो हमें नींद नहीं लेने देते।

25. दुसरो की मदद करते हुए यदि दिल में ख़ुशी हो, तो वही सेवा है बाकी सब दिखावा है।

26. आपका समय सीमित है, इसीलिए इसे किसी और की ज़िन्दगी जी कर व्यर्थ मत करो।

जिंदगी आसान नहीं होती, इसे आसान बनाना पड़ता है…! कुछ ‘अंदाज’ से, कुछ ‘नजर अंदाज ‘से.! हर किसी को खुश करना शायद हमारे वश में न हो, लेकिन किसी को हमारी वजह से दुख ना पहुचे ये तो हमारे वश में है।

तो दोस्तों यह थी जया किशोरी जी का जीवन परिचय। कि पूरी जानकारी आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।