वर्ल्ड वाइड वेब (www) इंटरनेट क्या है?

what is World Wide Web

WWW का फुल फॉर्म वर्ल्ड वाइड वेब है। जिसको W3 या वेब भी बोला जाता है। ये एक सूचना स्थान है। यहाँ पे HTML डॉक्यूमेंट और वेब रिसोर्स को यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर के जरिये पहचाना जाता है। जहाँ HTML दस्तावेज़ हाइपरलिंक के माध्यम से आपस में जुड़े रहते हैं। ये वेब दस्तावेज़ को हम इंटरनेट के माध्यम से एक्सेस करते हैं।

सूचना को स्टोर करने का यह केंद्रीय हब है। WWW, एक प्राथमिक उपकरण है। जिसके जरिये हम इंटरनेट को एक्सेस या संचार करते हैं। वेब दस्तावेज़ को HTML (हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) के माध्यम से लिखा जाता है। HTML दस्तावेज़ के अंदर की छवि, ऑडियो, वीडियो या पाठ को स्वरूपित वे में रखा जाता है।

वर्ल्ड वाइड वेब की परिभाषा (Definition of world wide web)

1. ये एक बोहत बड़ा नेटवर्क हैं जहाँ हाइपरटेक्स्ट फ़ाइल और वेब पेज आपस में जुड़े हुए हैं। जहाँ भी हाइपरटेक्स्ट टेक्स्ट डॉक्यूमेंट के बिल अलग-अलग सर्वर और कंप्यूटर में स्टोर करके रखे जाते हैं। जिनको वेब ब्राउज़र के माध्यम से एक्सेस किया जाता है।
2. इसको हम एक प्रणाली भी बोल सकते हैं जहां हाइपर टेक्स्ट डॉक्यूमेंट आपस में इंटर लिंक्ड हैं, इनको एक्सेस करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है।
3. इसको हम आभासी स्थान बोल सकते हैं जहां दुनिया के सभी वेब पेज, वेब सर्वर, वेबसाइट को HTTP प्रोटोकॉल के माध्यम से एक्सेस किया जाता है।
4. WWW में वेब पेज, वेब सर्वर, URL, HYPERLINKS और HTTP का संग्रह भी बोल सकते हैं। उनके बारे में निचे दिया गया है।
5. ये संसाधन और उपयोगकर्ता, जो HTTP के माध्यम से इंटरनेट से जुड़ते हैं उनका माध्यम है।
6. दुनिया में जितने भी वेबसाइट और वेब पेज इंटरनेट हैं, उनके संयोजन को वर्ल्ड वाइड वेब बोला जाता है।
7. जब भी कभी आप अपने ब्राउज़र को लिखते हैं तो लिखते हैं तो समझिए कि आप WWW से जुड़ गए हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब टेक्नोलॉजी (World Wide Web Technology)

एक वेब पेज में बोहत सारे सॉफ्टवेयर और इनको चलाने के लिए प्रोटोकॉल होते हैं। इन वेब पेजों को खोलने के लिए वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल किया जाता है। और ब्राउज़र में चित्र, पाठ, वीडियो और दुसरे मीडिया फ़ाइलें रहती हैं और ये वेब पेज हाइपरलिंक के जरिए आपस में जुड़ते हैं। ये सब काम विश्व व्यापी वेब में होता है।

बर्नर्स-ली (आविष्कारक) ने 3 तकनीक, डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू के लिए 3 तकनीक को विकसित किया था। उनमे से एक है URL (यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर) जहाँ पे वेबसाइट का पता रहता है। दूसरा HTML जिसका जरिये वेब दस्तावेज़ को बनाया जाता है। तीसरा है HTTP हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल। ये नियम हैं जो इंटरनेट को चलाने में मदद करते हैं।

WWW का इतिहास (History of WWW)

टिम बर्नर्स-ली जेनको वर्ल्ड वाइड वेब के आविष्कारक बोला जाता है। जिनको वेब के आविष्कारक ने भी बताया है। बर्नर्स-ली को W3C के निदेशक थे। W3 के विकास को बर्नर्स ली ही मॉनिटर करते थे। इनहोने हाइपरटेक्स्ट को भी विकसित किया गया था। वेब के माध्यम से संचार करने की तकनीक को विकसित किया गया। वेब पेज को आपस में लिंक करने की तकनीक को इन्होने आविष्कार किया था।

हाइपरटेक्स्ट की अवधारणा से, इनहोने इंटरनेट का इज़िया ही बदल जाता है। 1989 बर्नर्स-ली ने विश्वव्यापी वेब सर्वर पे काम करना शुरू किया। इस सर्वर का नाम “httpd” दिया गया। स्टार्टवात में WWW कुछ इस तरह था WYSIWYG हाइपरटेक्स्ट ब्राउज़र / एडिटर जो की नेक्स्टस्टेप एनवायरनमेंट में चलता है। विश्व व्यापी वेब 1991 तक दुनिया के जोआतर हिसों तक पोहंच गया था।

WWW कैसे काम करता है?(How does WWW work)

तो अब सवाल आता है कि ये world wide web कैसे काम करता है। आपको इतना तो समझ ही गए होंगे की WWW क्या होता है। ये वेबसर्वर, वेबसाइट, ब्राउज़र, वेबपेज, http, हाइपरटेक्स्ट और अंत में हाइपरलिंक को लेके काम करता है। इसमें पेज के पते और पेज को कनेक्ट करने की ख्यामता है।

जब एक उपयोगकर्ता एक वेब डॉक्यूमेंट को ओपन करता है तो उसके लिए वो एक एप्लीकेशन का उपयोग करता है जिसको हम और आप वेब ब्राउज़र बोलते हैं। आपको पता होगा कि एक वेब डॉक्यूमेंट को वेब प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा जाता है, जो व्हाट्सएप HTML (हाइपर टेक्स्ट मार्क अप लैंग्वेज) बोलता है। जब कभी आप वेब ब्राउज़र में एक डोमेन का नाम लिखते हैं जैसे www.HindiGyanShala.com इसको url भी बोला जाता है।

हर डोमेन का पता होता है। तो ब्राउज़र http के doamain को world wide web में धुंडने का अनुरोध उत्पन्न करता है। साथ के साथ डोमेन नाम को एक सर्वर आईपी एड्रेस में कन्वर्ट करता है। जिसको विश्व वाइड वेब वेब उस वेबसाइट पते को सर्वर में खोज करता है। जब पता उस डोमेन को किस सर्वर से होस्ट किया गया है अगर उसके पेज के साथ मैच होता है, तो वह पेज को वापस वेब ब्राउज़र के पास भेजा जाता है। आप अपने वेब ब्राउज़र को देख सकते हैं। कुछ इस तरह से WWW काम करता है।

इंटरनेट vs वर्ल्ड वाइड वेब (Internet vs World Wide Web)

इंटरनेट के बारे में आप दुसरे लेख में पढ़ सकते हैं लेकिन फिर भी ये इंटरनेट, नेटवर्क हाईवे है। जहाँ उपयोगकर्ता हर रोज़ बोहत सारा डेटा को आपस में शुद्ध के जरिये विनिमय करते हैं। इंटरनेट को चलाने के लिए प्रोटोकॉल की आवश्यकता पड़ती है जैसे HTTP, SMTP, FTP, TelNET। प्रोटोकॉल नियम होते हैं जो नेटवर्क सरकार करते हैं।

दूसरी तरफ जहाँ वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट एक्सेस करने का एक जरिया है। ये एक जानकारी साझा करने वाला मॉडल है।जो इंटरनेट से उपर है। ये कुछ प्रोग्राम का इस्तेमाल करता है जिसका नाम HTTP, Web Browser, HTML और WEB SERVER है।

URL क्या है? और यह कैसे काम करता है?
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