वन टाइम पासवर्ड (OTP) क्या है?

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वन टाइम पासवर्ड (OTP) एक सुरक्षा कोड है, जो 6-अंकीय का होता है जिसका उपयोग हम ऑनलाइन लेनदेन करते हैं वक़्त करते हैं।

जब हम किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से कुछ सामान खरीदते हैं तो हम अपने एटीएम कार्ड से उसका भुगतान करते हैं, भुगतान करते वक़्त अपने बैंकिंग विवरण भरने के बाद आखिर में एक सुरक्षा कोड आपके बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस के रूप में जाता है। जिसे हम OTP कहते हैं।

उस sms में एक कोड होता है जिसे भरने के बाद ही हमारा भुगतान सफल होता है, इसके बिना आप ऑनलाइन कहीं भी लेन-देन नहीं कर पाएंगे।

OTP का उपयोग क्यूँ किया जाता है? (Why is OTP used?)

OTP एक पासवर्ड है जो सामान्य पासवर्ड यानि की जो पासवर्ड उपयोगकर्ता अपना खाता बनाते हैं वक़्त बनाते हैं उन्हें बिलकुल अलग और सुरक्षित होता है। जैसे की जब हम किसी भी वेबसाइट में अपना खाता बनाते हैं तो हम अपना उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड बनाते हैं, हम जो पासवर्ड बनाते हैं वे बहुत ही सरल रखते हैं जैसे हमारा नाम या जन्म तिथि या कुछ और ताकि हम आसानी से याद रखें होने पर हमें हैकर्स से खतरा होता है क्यूंकि वह आसानी से हमारे पासवर्ड को हैक कर हमारा विवरण चुरा सकते हैं।

या फिर ऐसा भी हो सकता है की कोई व्यक्ति जो आपकी जान पहचान का हो अगर उसे आपका उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड पता हो तो वो भी आपका खाता का इस्तेमाल कर गलत तरीके से उठा सकता है, इसलिए आज कल सभी बैंकों, बहुत सारी ई-कॉमर्स वेबसाइट और ऑनलाइन रिचार्ज करने वाली वेबसाइटों ने ओटीपी का उपयोग करना शुरू कर दिया है जिससे उनके उपयोगकर्ताओं का खाता सुरक्षित रह सके। OTP आपके खाते को सुरक्षित रखता है और आपके बैंकिंग और व्यक्तिगत विवरण को चोरी होने से बचाने के लिए है।

ओटीपी क्या लाभ प्रदान करता है? (What benefits do OTP provide?)

OTP से हमारा सभी खाता जैसे Google खाता, नेट बैंकिंग खाता, बैंक खाता इत्यादि सभी सुरक्षित हैं।

ओटीपी की खासियत ये है की इससे जो कोड उत्पन्न होता है उसका इस्तेमाल सिर्फ एक ही बार किया जा सकता है और वह सिर्फ कुछ समय के लिए ही मान्य रहता है अगर उस समय के अंदर हमने कोड का इस्तेमाल नहीं किया तो फिर वह कोड हमारे किसी काम का नहीं रहता। यानि की हम जितनी बार भी ऑनलाइन लेनदेन करते हैं उतनी बार ये कोड अलग-अलग उत्पन्न होते हैं जिससे हमारा खाता पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।

अगर आपके किसी भी खाते का उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड किसी अन्य व्यक्ति को पता भी हो तो भी वह आपके खाते का इस्तेमाल नहीं कर रहा है यागेरे के लिए। हालांकि उसके लिए ओटीपी की आवश्यकता होगी जो सिर्फ आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर या फिर आपकी ईमेल आईडी पर ही होगा या उसके बिना वे आपके खाते का गलत फर्दे नहीं उठाएं।

OTP का उपयोग कहां किया जाता है? (Where is OTP used?)

OTP का उपयोग सबसे ज्यादा तो नेट बैंकिंग में ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए किया जाता है, इसके अलावा Google ने भी उपयोगकर्ताओं के खाते को और भी सुरक्षित बनाने के लिए OTP सुरक्षा का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

जिसको सक्रिय करने के बाद कोई दूसरा उपयोगकर्ता अपने डिवाइस से आपके खाते का विवरण डाल सकता है, लॉगिन नहीं कर सकता है। हालांकि Google वहां पर सत्यापन करने के लिए OTP पासवर्ड मांगेगा जो सिर्फ आपके पास sms के जरिये आपके मोबाइल नंबर पर OTP कोड आएगा।

इस कोड के बिना वह उपयोगकर्ता आपके खाते को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। सभी ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, ईबे इत्यादि और डिजिटल वॉलेट की सेवा प्रदान करने वाली ऑनलाइन निजी कंपनियां जैसे पेटीएम, फ्रीचार्ज, मोबिक्विक, ऑक्सिजन वॉलेट इत्यादि ये सभी भी अपने ग्राहकों के खाते को सुरक्षित रखने के लिए ओटीपी का इस्तेमाल करती हैं।

ओटीपी के लाभ? (Benefits of OTP)

सुरक्षा या सुरक्षा को बढ़ाने के लिए – यह एक रकार का सुरक्षा कोड होता है। ऐसा इसलिए क्यूंकि यह उपयोगकर्ता का एक सुरक्षा कवच होता है। वहीँ इसके साथ ये पासवर्ड चोरी होने के बाद भी उपयोगकर्ता के खाते को सुरक्षित रहता है। क्यूंकि बिना OTP को दर्ज किए कोई अन्य व्यक्ति उसे एक्सेस नहीं कर सकता।

उपयोगकर्ता का प्रमाण पत्र – इसके द्वारा वास्तविक उपयोगकर्ता का प्रमाण पत्र हो जाता है। ऐसा इसलिए क्यूंकि ऑप्ट केवल उपयोगकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही जाता है। यदि सही उपयोगकर्ता ही अपने खाते के माध्यम से कोई गतिविधि कर रहे हैं। जैसे पासवर्ड बदलना, मोबाईल नंबर अपडेट करना आदि तो उनके प्रमाण पत्र के लिए सिस्टम उपयोगकर्ता के द्वारा चुना गया तरीके के अनुसार उसके अनुसार ओटीपी नंबर हैं। यह दर्ज करने पर ही कार्रवाई को वैध माना जाता है।

स्पैमिंग से बचाव – जब हम अनलाइन मनी का लेन-देन करते हैं तो बैंक खाताधारकों से अनुमति लेने के लिए OTP खाते हैं। इसलिए मूल रूप से खाताधारकों की पहचान साबित होगी। इससे हम ठगी के शिकार होने से बचे रहते हैं। और वित्तिय लेन-देन (वित्तीय लेनदेन) में ही इसका सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।

डबल सुरक्षा सक्षम कर सकता है – हम OTP के द्वारा अपने खाते या सोशल मिडिया अकाउंट (फेसबुक, वाट्सएप सैटेलाइट गूगल इत्यादि) पर ओटीपी डबल सुरक्षा सक्षम कर सकते हैं। और इससे उन्हे ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसलिए कोई दूसरा उपयोगकर्ता उसे पहुंच न कर सके।

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